जय माँ चाल काली Jai Maa Chal Kali Chaal Kotkhai

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जय माँ चाल काली Jai Maa Chal Kali Chaal Kotkhai जय माँ चाल काली !
आपकी असीम कृपा बनी रहे!

जय माँ चाल काली !
तेरी असीम कृपा बनी रहे!
जय चाल माता-सारे रे रोक्षा कोरे और आपनी कृपा-द्रिष्टी छाड़े !
चाल, खनेटी, गोविंदपुर, चौंरी-बघाल, क्यारवी

जय माँ चाल काली
04/10/2026

जय माँ चाल काली

जय माँ चाल काली
22/09/2026

जय माँ चाल काली

जय माँ चाल काली ।
05/04/2026

जय माँ चाल काली ।

30/09/2025

जय माँ चाल काली - जय माँ सिद्धिदात्री
नवरात्रि के नौवें दिन माँ सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। ये माँ दुर्गा का अंतिम स्वरूप हैं और सभी सिद्धियों (अलौकिक शक्तियों) की दात्री मानी जाती हैं।
नाम का अर्थ:
सिद्धि = आध्यात्मिक शक्ति
दात्री = देने वाली
इसलिए माँ सिद्धिदात्री को सिद्धियों की प्रदाता कहा जाता है।

स्वरूप:
माँ कमल पर विराजमान रहती हैं या सिंह पर सवार होती हैं।
इनके चार हाथ होते हैं: गदा, चक्र, शंख, और कमल धारण करती हैं। इनके चारों ओर सिद्ध, संत, देवता और असुर भी इनकी आराधना करते हैं।

महत्व:
माँ सिद्धिदात्री की पूजा से ज्ञान, भक्ति, मोक्ष और आठों सिद्धियाँ प्राप्त होती हैं। ये अज्ञान का नाश करती हैं और जीवन में पूर्णता व सफलता प्रदान करती हैं। देवी भागवत के अनुसार, भगवान शिव ने इन्हीं की कृपा से अर्धनारीश्वर रूप धारण किया।

माँ सिद्धिदात्री का मुख्य मंत्र
"ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॐ सिद्धिदात्र्यै नमः॥"
अर्थ:
"हे माँ सिद्धिदात्री! आप सभी सिद्धियों की दात्री हैं। कृपया हमें ज्ञान, शक्ति और मोक्ष प्रदान करें।"

दिन का रंग और भोग
रंग: बैंगनी– महत्वाकांक्षा, गरिमा और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक।
भोग: नारियल, फल और कमल के फूल अर्पित किए जाते हैं।
विशेष पूजा: कन्या पूजन (कंजक पूजन) इस दिन का मुख्य अनुष्ठान है। 🙏 🚩🚩 🙏 ❤️❤️

29/09/2025

जय माँ चाल काली - जय माँ महागौरी
नवरात्रि के आठवें दिन (महाअष्टमी) माँ महागौरी की पूजा की जाती है। ये माँ दुर्गा का आठवाँ स्वरूप हैं और पवित्रता, शांति और ज्ञान की प्रतीक मानी जाती हैं। माना जाता है कि इनकी आराधना से जीवन के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और मन को शांति व सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
कथा:
कहा जाता है कि माँ पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था। इस तपस्या के कारण उनका शरीर काला पड़ गया। तपस्या पूर्ण होने पर भगवान शिव ने गंगा जल से स्नान कराया, जिससे उनका वर्ण अत्यंत गौर और उज्ज्वल हो गया। तभी से इन्हें महागौरी कहा जाता है।
स्वरूप:

वस्त्र: श्वेत (सफेद)
वाहन: बैल
हाथों में: त्रिशूल और डमरू
प्रतीक: शांति, पवित्रता और करुणा

माँ महागौरी का मुख्य मंत्र
"ॐ देवी महागौर्यै नमः॥"

अर्थ:
"हे देवी महागौरी! आपको नमस्कार है। आप पवित्रता और शांति की प्रतीक हैं, कृपया हमें सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करें।"

दिन का रंग और भोग
रंग: गुलाबी या सफेद – पवित्रता और शांति का प्रतीक।
भोग: नारियल, सफेद मिठाई और दूध से बने व्यंजन अर्पित किए जाते हैं।
विशेष पूजा: कन्या पूजन (कंजक पूजन) इस दिन का मुख्य अनुष्ठान है।
🙏

Address

Chaal Kaali Temple
Kotkhai
171204

Opening Hours

Monday 8am - 5:30pm
Tuesday 8am - 5:30pm
Wednesday 8am - 5:30pm
Thursday 7am - 5:30pm
Friday 8am - 5:30pm
Saturday 8am - 5:30pm
Sunday 8am - 5:30pm

Telephone

+919816444007

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