गाँव जवार

गाँव जवार वीर प्रसूता वसुंधरा का,
गूँज उठा जो नारा हैं,
कहो गर्व से हम हिन्दू हैं,
हिन्दुस्तान हमारा हैं।

14/03/2026

राजपूताना भारत के उत्तर-पश्चिम में स्थित वह ऐतिहासिक क्षेत्र था जिसे आज हम मुख्य रूप से राजस्थान के नाम से जानते हैं। “राजपूताना” का अर्थ है — राजपूतों की भूमि। यहाँ अनेक वीर राजपूत वंशों ने शासन किया और अपनी शौर्य-गाथाओं के लिए प्रसिद्ध हुए। ⚔️
🏰 प्राचीन काल
प्राचीन समय में इस क्षेत्र को मरुस्थलीय प्रदेश कहा जाता था।
यहाँ गुर्जर, हूण और अन्य जनजातियाँ रहती थीं।
7वीं–8वीं शताब्दी के बाद राजपूत वंश शक्तिशाली बनकर उभरे।
👑 प्रमुख राजपूत वंश
राजपूताना में कई शक्तिशाली राजपूत राजवंशों ने शासन किया:
⚔️ सिसोदिया वंश (मेवाड़)
राजधानी: चित्तौड़गढ़ और बाद में उदयपुर
महान राजा: महाराणा प्रताप 🐎
इन्होंने मुगलों के खिलाफ वीरता से संघर्ष किया
⚔️ कछवाहा वंश (आमेर/जयपुर)
राजधानी: आमेर, बाद में जयपुर
प्रमुख शासक: राजा मान सिंह
मुगल सम्राटों के सहयोगी रहे
⚔️ राठौड़ वंश (मारवाड़)
राजधानी: जोधपुर
प्रसिद्ध शासक: मालदेव राठौड़
⚔️ चौहान वंश (अजमेर-दिल्ली)
महान राजा: पृथ्वीराज चौहान 🏹
इन्होंने मुहम्मद गौरी से युद्ध किया
⚔️ मुगल काल
16वीं शताब्दी में मुगल सम्राट अकबर ने राजपूताना पर अधिकार किया
कुछ राजपूत राज्यों ने मुगलों से संधि कर ली
पर मेवाड़ ने लंबे समय तक स्वतंत्रता बनाए रखी
🇬🇧 अंग्रेजी शासन (ब्रिटिश काल)
19वीं सदी में राजपूताना के राज्य ब्रिटिश साम्राज्य के अधीन “रियासतें” बन गए
यह क्षेत्र ब्रिटिश राज के नियंत्रण में रहा, पर स्थानीय राजाओं को शासन का अधिकार मिला
🇮🇳 स्वतंत्रता के बाद
1947 में भारत की आज़ादी के बाद राजपूताना की सभी रियासतें भारत में विलय हो गईं
1949 में मिलकर आधुनिक राजस्थान राज्य बना
🌟 राजपूताना की विशेषताएँ
वीरता और युद्ध कौशल ⚔️
भव्य किले और महल 🏰
शौर्य और सम्मान की परंपरा 👑
लोक संस्कृति, नृत्य और परंपराएँ 🎶

आभार आप सभी मा. जन प्रतिनिधियों को जिन्होंने लोकतंत्र के मंदिर में   काले कानून को हटाने की मांग की।RajaBhaiya Youth Bri...
25/01/2026

आभार आप सभी मा. जन प्रतिनिधियों को जिन्होंने लोकतंत्र के मंदिर में काले कानून को हटाने की मांग की।
RajaBhaiya
Youth Brigade
Brij Bhushan Sharan Singh
Manoj Tiwari 'Mridul'
Rajnath Singh MYogiAdityanath

"जब तलवार, तिलक और तराजू एक साथ आएंगे,तभी हम स्वाभिमान का नया इतिहास बनाएंगे।"कौन - कौन UGC काले कानून के खिलाफ विरोध कर...
25/01/2026

"जब तलवार, तिलक और तराजू एक साथ आएंगे,
तभी हम स्वाभिमान का नया इतिहास बनाएंगे।"

कौन - कौन UGC काले कानून के खिलाफ विरोध कर रहे है, कमेंट में अपनी राय जरूर दे।

किसी ने माँगा नहीं था, फिर भी केंद्र की भाजपा सरकार ने UGC के माध्यम से एक ऐसा नियम थोप दिया है, जो हर कॉलेज और विश्वविद...
24/01/2026

किसी ने माँगा नहीं था, फिर भी केंद्र की भाजपा सरकार ने UGC के माध्यम से एक ऐसा नियम थोप दिया है, जो हर कॉलेज और विश्वविद्यालय के परिसर में सामान्य वर्ग के छात्रों को खुलेआम निशाना बनाने का रास्ता खोल रहा है। रोहित वेमुला जैसे मामलों पर बवाल मचाने वाली सरकार ने अब 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस, 2026' नाम से एक नया बिल लागू कर दिया है।

इस नए व्यवस्था के अनुसार, हर उच्च शिक्षा संस्थान में 'इक्विटी कमिटी' और 'इक्वल ऑपर्च्युनिटी सेंटर' बनाना अनिवार्य है। इन कमिटियों में SC, ST, OBC, महिलाओं और विकलांगों का प्रतिनिधित्व अनिवार्य है, जबकि सामान्य वर्ग के छात्रों-शिक्षकों का कोई स्थान नहीं। ये कमिटी 'समानता स्क्वाड' की तरह काम करेगी, जो कैंपस में घूम-फिरकर शिकायतें इकट्ठा करेगी। एक भी शिकायत मिली नहीं कि सामान्य वर्ग के छात्र को तुरंत दोषी ठहरा दिया जाएगा। जांच का पूरा बोझ उसी पर डाल दिया जाएगा।

सबसे खतरनाक बात यह है कि SC/ST एक्ट के तहत 95-99 प्रतिशत मामले फर्जी साबित होते हैं, लेकिन इस UGC नियम में गलत आरोप लगाने वाले पर कोई दंड, जुर्माना या अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान नहीं है। फर्जी शिकायत करने वाले को कोई सजा नहीं, जबकि आरोपी सामान्य वर्ग का छात्र मानसिक यातना, अपमान और कैरियर बर्बादी झेलता रहेगा। यह ठीक वैसे ही है जैसे UPA के कम्युनल वायलेंस बिल में हिंदू को आक्रांता दिखाया जाता था। अब UGC के इस नियम में सामान्य वर्ग के हर लड़के को 'आक्रांता' और 'भेदभाव करने वाला' मान लिया गया है।

#रोहित_बेमुला वाले मामले ऐसा ही नियम के खिलाफ यही सरकार थी जो अपनी छाती पीट रही थी सायद उस समय कहीं का चुनाव रहा होगा , लेकिन इस सरकार का असल मकसद सामान्य वर्ग को कैंपस से डराना और बाहर करना है। पहले से ही #आरक्षण की मार से IIT, IIM, AIIMS जैसी संस्थाओं में सामान्य वर्ग की सीटें लगभग खत्म हो चुकी हैं। अब यह नियम छात्रों को भी अपराधी घोषित कर देगा। एक छोटी-सी शिकायत से निलंबन, जांच और सामाजिक बहिष्कार तक की नौबत आ सकती है।

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