25/03/2026
अपने बच्चो का ध्यान रखे,उनके चाल ढाल का ख्याल रखे,वो डॉक्टर,इंजीनियर बने ना बने कम से कम मर्द तो बना रहे।
पढ़ने लिखने और नोकरी के चक्कर मे हमने बच्चो को इतना काबू कर लिया है कि उन्हें समझ ही नही आता है क्या करना है।
हम लड़को को शरीफ देखकर खुश होते है,ये तो कतई भोला है बोलते है,लड़कियों की तरफ देखता ही नही है।
लड़कियों को छेड़ना गलत है लेकिन अगर आपका लड़का लड़कियों को देखता ही नही है तो ये समस्या है गुण नही है।
कई माताएं तो लड़को को लड़की के ड्रेस में देखकर खुश होती है।
लड़की को लड़का मत बनाइये और लड़के को लड़की मत बनाइये दोनो के अपने गुण है।वही बना रहने दे।
मीठे लोगो की बाढ़ आ गई है खासकर भारत मे।
पता ही नही चलता है कब भीड़ में हाथ बढाकर कौन लड़का घण्टी बजा दे दूसरे लड़के की।
पहले लोग इस काम मे शर्मिंदा होते थे लेकिन अब 𝙇𝙂𝘽𝙏 के नाम पर इनके भी संगठन बन गए है जो अपने हकों की आवाज उठाने लगे है।
इनकी मुख्य मांग यही है कि ये लेंगे नही बल्कि देंगे।
ये दुनिया मे दानवीर कर्ण से भी बड़े दानवीर बनने आये है।
जो अपना पूरा देह दान करेंगे।
और उनको इसके लिये छूट चाहिए।
अमेरिका जैसी बहुत कंट्रीज ने ऐसी मांगो को सीधा खारिज कर दिया है।
लेकिन भारत मे राहुल गांधी है उनसे 𝙇𝙂𝘽𝙏 वाले मिले है,उन्हें लगता है कि अब बस राहुल ही उनका दर्द समझ सकता है।
उनको राहुल में अपना हमदर्द दिखता है।
अब इस लड़के को ही देखो इसके माँ बाप ने भी गली में थाली बजवाई होगी इसके पैदा होने पर।
लेकिन ये कभी थाली नही बजवायेगा अपने परिवार के लिये बस अपना ही तसला पिटवा कर खुश रहना चाहता है।