04/12/2022
सिङबोंगा की स्तुति से बढ़ता है भक्ति, श्रद्धा, प्रेम व भाईचारा: धर्मगुरु सोमा कंडीर
अड़की के बिरबंकी में रविवार को सरना धर्म सोतो: समिति का शाखा स्थापना दिवस सह सरना धर्म प्रार्थना सभा आयोजित की गई. धीरजु मुंडा, बुधराम मुंडा, सोमा मुंडा, जावरा मुंडा व प्रदीप समद की अगुवाई में अनुयायियों के साथ सरना स्थल में भगवान सिङबोंगा की पूजा-पाठ कर सुख, शांति और खुशहाली की कामना की.
इस अवसर पर धर्मगुरु सोमा कंडीर ने अनुयायियों को संबोधित करते हुए कहा कि सिङबोंगा की स्तुति से हमारी आत्मा में भक्ति व श्रद्धा बढ़ती है तथा समाज में प्रेम व भाईचारा की भावना पनपती है. इससे लोभ, लालच व अहंकार जैसे बुराईयां दूर होती है और जीवन में सुख, शांति और खुशहाली आती है.
उन्होंने आगे कहा कि भगवान के सामने सब बराबर हैं जिससे सबको समान कृपा मिलती है. हमें इसके लिए सदा धर्म के रास्ते पर चलना चाहिए और समाज में प्रेम व भाईचारा के साथ रहना चाहिए. सिङबोंगा की स्तुति के साथ-साथ मनुष्य, जीव-जंतु व सारी सृष्टि का सम्मान करना ही सरना धर्म का मूल सिद्धांत है.
इस अवसर पर राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा के महासचिव रवि तिग्गा ने कहा कि धरती आबा बिरसा मुंडा ने अपने मूल धर्म को संगठित कर जिस समृद्ध समाज की कल्पना की, वह आज भी अधूरी है. उन्होंने न केवल धर्म-संस्कृति को बचाने के लिए संघर्ष किया बल्कि जल-जंगल-जमीन की रक्षा आजीवन करते रहे. आज हम उसी धर्म-संस्कृति व जल-जंगल-जमीन की संरक्षण के लिए ही सरना धर्म कोड की मांग कर रहे हैं. अतः सरना कोड के लिए भगवान बिरसा मुंडा से संकल्प लेकर डटकर संघर्ष करना चाहिए.
इस कार्यक्रम में धर्मगुरु बगरय मुंडा, डाॅ सीताराम मुंडा, महादेव मुंडा, मथुरा कंडीर, धीत मुंडा, बाजीराम मुंडा, लुकिन मुंडा, रणसी पहान, बिरसा तोपनो आदि ने विचार व्यक्त किए. इसमें अड़की, तमाड़, बुंडू, खूंटी, मुरहू, बंदगांव इत्यादि जगहों के सरना धर्मावलंबी शामिल हुए.