04/02/2026
त्रिवेणीसंगमो यत्रा तीर्थराजः स उच्यते।
तत्रा स्नानं प्रकुर्वीत सर्व्वपापैः प्रमुच्यते ॥
अर्थ— देह में जहाँ उल्लिखित तीनों नाड़ियों का संगम है, उस स्थान को गंगा, यमुना
और सरस्वती का संगम—त्रिवेणी कहते हैं। यह त्रिवेणी सर्वप्रधन तीर्थ कहकर गिनी जाती
है। इस तीर्थ में स्नान करने से सब पापों से मुक्ति मिलती है।
(ज्ञानसंकलिनी तंत्राद्ध)