नित्यानंद धाम एक ऐसा स्थान जहाँ पहुचते ही मन एकदम शांत हो जाता है, ह्रदय प्रफुल्लित हो, आनंद से भर जाता है. वहां पहुचते ही, वहां प्रवेश करते ही गुरुदेव और गुरुमाँ की सुन्दर साधना शक्ति की उर्जा को महसूस किया जा सकता है. वहां का सुन्दर वातावरण, सुन्दर उर्जा किसी भी साधक के लिए साधना संजीवनी का काम करती है. नित्यानंद धाम आने वाले हर साधक का यह अनुभव है कि आश्रम में गुरुदेव और गुरुमाँ के सानिध्य में
हर साधना सहजता से हो जाती है.
गुरुदेव और गुरु माँ के सानिध्य में, उनके मार्गदर्शन में छोटी से छोटी साधना भी गहरे फल देती है, कठिन से कठिन साधना भी बड़ी सहजता से पूर्ण हो जाती है. आश्रम पहुचते ही सारे श्रम पूर्ण समाप्त हो जाते है, सारी समस्याए स्वयमेव समाप्त हो जाती है, सारी परेशानिया विदा हो जाती है, मन प्रफुल्लित हो जाता है, आनंद से भर जाता है.
नित्यानंद धाम में गुरुदेव और गुरुमाँ के द्वारा अपने श्री गुरु कि प्रेरणा से कुछ सुंदर नियमित सहज साधना कार्यक्रम तैयार किये है जो कि आश्रम आये सभी साधको को शाररिक, मानसिक और आत्मिक तीनो तलों पर पुष्ट करती है, उर्जावान बनाती है. नित्यानंद धाम कि सहज साधनाओ से तैयार हुई उर्जा साधक के जीवन में, उसके हर शेत्र में उन्नतिकारक सिद्ध होती है. इन सहज साधनाओ के कारण साधक के जीवन में सहज प्रगति प्रारम्भ हो जाती है और जीवन पहले कि अपेक्ष बहुत सरल व सुन्दर हो जाता है.
नित्यानंद धाम में सहज साधना के रूप में नियमित गुरुगीता, शिवमहिम्ना, महालक्ष्मी स्त्रोत्र, आरती, नाम धुन, ध्यान आदि साधनाए होती है. इसके साथ साथ विशेष समयों (जैसे दीपावली, होली, ग्रहण आदि) पर गुरुदेव और गुरुमाँ के द्वारा विशेष साधनाए भी कराई जाती है जो कि बहुत सुन्दर फल देती है. नित्यानंद धाम में गुरुदेव आनंदमोहन और गुरुमाँ प्रणाली के सानिध्य में कुछ समय बिताने से स्वयं को एक नई उर्जा मिलती है, एक नई शक्ति मिलती है जिससे जीवन पहले कि अपेक्ष ज्यादा सुन्दर और आनंदमयी हो जाता है.