maa vaishno devi

maa vaishno devi I think every Indian would be aware of this holy place situated in Jammu and Kashmir located at the height of approx 12 km.

Altitude: 5200 feet Hey Bhakts and Devotees, Invite all yours Friends. Lets make this a strong community. - Admins "Sarav Mangal Mangle, Shive Sarvarth Sadhike Sharanye Triambike Gauri, Narayani Namastute"

मां वैष्णोदेवी भवन 🌺    ゚
09/05/2026

मां वैष्णोदेवी भवन 🌺

माता रानी का पावन धाम जहा सबकी मनोकामना पूरी होती है साथ ही साथ बिछड़े भी मिल जाते हैजय माँ वैष्णों देवी
16/04/2026

माता रानी का पावन धाम
जहा सबकी मनोकामना पूरी होती है साथ ही साथ बिछड़े भी मिल जाते है

जय माँ वैष्णों देवी

🌺 नवरात्रि का नौवाँ दिन — माँ सिद्धिदात्री 🌺सिद्धि, ज्ञान और पूर्णता की देवी आज का पावन दिन समर्पित है माँ सिद्धिदात्री ...
27/03/2026

🌺 नवरात्रि का नौवाँ दिन — माँ सिद्धिदात्री 🌺
सिद्धि, ज्ञान और पूर्णता की देवी
आज का पावन दिन समर्पित है माँ सिद्धिदात्री को
ये माँ दुर्गा का नौवाँ और अंतिम स्वरूप हैं, जो सभी सिद्धियाँ और ज्ञान प्रदान करने वाली हैं।
माँ सिद्धिदात्री का स्वरूप
माँ सिद्धिदात्री कमल पर विराजमान होती हैं।
इनके चार हाथ होते हैं — जिनमें चक्र, गदा, शंख और कमल होता है।
इनका स्वरूप अत्यंत शांत, दिव्य और कृपालु होता है।
पूजा का महत्व
माँ सिद्धिदात्री की आराधना से —
ज्ञान और बुद्धि प्राप्त होती है
सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं
आध्यात्मिक शक्ति और सिद्धियाँ प्राप्त होती हैं
पूजा मंत्र
सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि।
सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥
सरल मंत्र:
ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः॥
कथा
माँ सिद्धिदात्री ने भगवान शिव को भी सिद्धियाँ प्रदान की थीं।
इनकी कृपा से ही शिवजी का आधा शरीर देवी का हो गया, जिसे अर्धनारीश्वर रूप कहा जाता है।
प्रार्थना
हे माँ सिद्धिदात्री!
हमें ज्ञान, बुद्धि और सफलता का आशीर्वाद दें,
हमारे जीवन को पूर्ण और सफल बनाएं
जय माता दी 🙏🌺

🌸 नवरात्रि का आठवाँ दिन — माँ महागौरी 🌸शुद्धता, शांति और सौंदर्य का दिव्य स्वरूप आज का पावन दिन समर्पित है माँ महागौरी क...
26/03/2026

🌸 नवरात्रि का आठवाँ दिन — माँ महागौरी 🌸
शुद्धता, शांति और सौंदर्य का दिव्य स्वरूप
आज का पावन दिन समर्पित है माँ महागौरी को
ये माँ दुर्गा का आठवाँ स्वरूप हैं, जो पवित्रता और शांति का प्रतीक हैं।
माँ महागौरी का स्वरूप
माँ महागौरी का रंग अत्यंत गोरा और चमकदार होता है।
ये सफेद वस्त्र धारण करती हैं और वृषभ (बैल) पर सवार होती हैं।
इनके एक हाथ में त्रिशूल और दूसरे में डमरू होता है, तथा अन्य हाथों से आशीर्वाद देती हैं।
पूजा का महत्व
माँ महागौरी की आराधना से
पापों का नाश होता है
जीवन में शांति और सुख मिलता है
विवाह और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं
पूजा मंत्र
श्वेते वृषे समारूढ़ा श्वेताम्बरधरा शुचिः।
महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा॥
सरल मंत्र:
ॐ देवी महागौर्यै नमः॥
कथा
माँ महागौरी ने कठोर तपस्या कर भगवान शिव को प्राप्त किया।
उनकी तपस्या से उनका शरीर काला पड़ गया था, लेकिन भगवान शिव ने गंगाजल से स्नान कराकर उन्हें फिर से गौर वर्ण प्रदान किया — इसलिए इन्हें महागौरी कहा जाता है।
प्रार्थना
हे माँ महागौरी!
हमारे जीवन को पवित्र और शांत बनाएं,
सभी कष्टों को दूर कर सुख-समृद्धि प्रदान करें
जय माता दी 🙏🌸

🌼 नवरात्रि का सातवाँ दिन — माँ कालरात्रि 🌼भय का नाश करने वाली | शक्ति का उग्र रूप आज का पावन दिन समर्पित है माँ कालरात्र...
25/03/2026

🌼 नवरात्रि का सातवाँ दिन — माँ कालरात्रि 🌼
भय का नाश करने वाली | शक्ति का उग्र रूप
आज का पावन दिन समर्पित है माँ कालरात्रि को
ये माँ दुर्गा का सातवाँ स्वरूप हैं, जिन्हें भय और नकारात्मक शक्तियों का नाश करने वाली माना जाता है।
माँ कालरात्रि का स्वरूप
माँ का रंग श्याम (काला) है, बाल बिखरे हुए हैं और उनका वाहन गर्दभ (गधा) है।
इनके चार हाथ होते हैं — एक में खड्ग (तलवार), एक में वज्र, और दो हाथ अभय व वर मुद्रा में होते हैं।
पूजा का महत्व
माँ कालरात्रि की आराधना से
भय और बुराइयाँ दूर होती हैं
नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है
साहस और आत्मबल बढ़ता है
पूजा मंत्र
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।
लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥
सरल मंत्र:
ॐ देवी कालरात्र्यै नमः॥
कथा
माँ कालरात्रि ने दुष्ट राक्षसों का संहार कर संसार को भय से मुक्त किया।
इनका रूप भले ही उग्र हो, लेकिन ये अपने भक्तों को सदैव शुभ फल देने वाली (शुभंकरी) हैं।
प्रार्थना
हे माँ कालरात्रि!
हमारे जीवन से सभी भय और नकारात्मकता को दूर करें,
हमें साहस और सुरक्षा प्रदान करें
जय माता दी 🙏🌼

🌸 नवरात्रि का छठा दिन — माँ कात्यायनी 🌸शक्ति, साहस और धर्म की रक्षा का स्वरूप आज का पावन दिन समर्पित है माँ कात्यायनी को...
24/03/2026

🌸 नवरात्रि का छठा दिन — माँ कात्यायनी 🌸
शक्ति, साहस और धर्म की रक्षा का स्वरूप
आज का पावन दिन समर्पित है माँ कात्यायनी को
ये माँ दुर्गा का छठा स्वरूप हैं, जो अधर्म का नाश और धर्म की स्थापना करती हैं।
माँ कात्यायनी का स्वरूप
माँ कात्यायनी सिंह पर सवार होती हैं और इनके चार हाथ होते हैं।
एक हाथ में तलवार, दूसरे में कमल, और अन्य हाथों में वरमुद्रा व अभयमुद्रा होती है।
इनका रूप तेजस्वी और पराक्रमी है।
पूजा का महत्व
माँ कात्यायनी की आराधना से
भय और बाधाएं दूर होती हैं
विवाह में आने वाली समस्याएं खत्म होती हैं
जीवन में साहस और सफलता मिलती है
पूजा मंत्र
चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना।
कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी॥
सरल मंत्र:
ॐ देवी कात्यायन्यै नमः॥
कथा
माँ कात्यायनी का जन्म महर्षि कात्यायन के तप से हुआ था।
इन्होंने महिषासुर जैसे दैत्यों का वध कर धर्म की रक्षा की।
इनकी पूजा से जीवन में शक्ति और न्याय की भावना जागृत होती है।
प्रार्थना
हे माँ कात्यायनी!
हमें साहस, शक्ति और सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा दें,
हमारे जीवन से सभी बाधाओं को दूर करें
जय माता दी 🙏

🌼 नवरात्रि का पाँचवाँ दिन — माँ स्कंदमाता 🌼ममता, करुणा और शक्ति का दिव्य रूप आज का पावन दिन समर्पित है माँ स्कंदमाता को ...
23/03/2026

🌼 नवरात्रि का पाँचवाँ दिन — माँ स्कंदमाता 🌼
ममता, करुणा और शक्ति का दिव्य रूप
आज का पावन दिन समर्पित है माँ स्कंदमाता को
ये भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता हैं, इसलिए इन्हें स्कंदमाता कहा जाता है।
माँ स्कंदमाता का स्वरूप
माँ स्कंदमाता अपने पुत्र स्कंद (कार्तिकेय) को गोद में लेकर सिंह पर विराजमान होती हैं।
इनके चार हाथ होते हैं — दो हाथों में कमल, एक में पुत्र स्कंद और एक हाथ आशीर्वाद मुद्रा में होता है।
पूजा का महत्व
माँ स्कंदमाता की आराधना से
ममता और करुणा बढ़ती है
सुख-समृद्धि प्राप्त होती है
परिवार में शांति और प्रेम बना रहता है
पूजा मंत्र
सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया।
शुभदास्तु सदा देवी स्कंदमाता यशस्विनी॥
सरल मंत्र:
ॐ देवी स्कंदमातायै नमः॥
कथा
माँ स्कंदमाता ने भगवान कार्तिकेय को जन्म दिया, जिन्होंने तारकासुर का वध किया।
इनकी पूजा से भक्तों को मातृत्व का आशीर्वाद और जीवन में शांति प्राप्त होती है।
🌺 प्रार्थना
हे माँ स्कंदमाता!
हमारे जीवन में प्रेम, शांति और सुख-समृद्धि का वास करें,
हमारे परिवार को सदा खुशहाल बनाए रखें
जय माता दी 🙏🌼

🌸 नवरात्रि का चौथा दिन — माँ कूष्मांडा 🌸सृष्टि की रचयिता | ऊर्जा और प्रकाश का स्रोत आज का पावन दिन समर्पित है माँ कूष्मा...
22/03/2026

🌸 नवरात्रि का चौथा दिन — माँ कूष्मांडा 🌸
सृष्टि की रचयिता | ऊर्जा और प्रकाश का स्रोत
आज का पावन दिन समर्पित है माँ कूष्मांडा को
मान्यता है कि इन्होंने अपनी हल्की सी मुस्कान से पूरे ब्रह्मांड की रचना की थी।
माँ कूष्मांडा का स्वरूप
माँ कूष्मांडा को अष्टभुजा देवी कहा जाता है, क्योंकि इनके आठ हाथ होते हैं।
ये सिंह पर सवार होती हैं और इनके हाथों में विभिन्न अस्त्र-शस्त्र और अमृत कलश होता है।
पूजा का महत्व
माँ कूष्मांडा की आराधना से
ऊर्जा और तेज बढ़ता है
रोग और दुख दूर होते हैं
जीवन में सकारात्मकता आती है
पूजा मंत्र
सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।
दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्मांडा शुभदास्तु मे॥
सरल मंत्र:
ॐ देवी कूष्मांडायै नमः॥
कथा
जब सृष्टि का अस्तित्व नहीं था, तब चारों ओर अंधकार ही अंधकार था।
तब माँ कूष्मांडा ने अपनी दिव्य मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की और संसार में प्रकाश फैलाया।
इसी कारण इन्हें आदि सृष्टि की देवी कहा जाता है।
प्रार्थना
हे माँ कूष्मांडा!
हमारे जीवन में ऊर्जा, प्रकाश और सकारात्मकता भरें,
हमें स्वस्थ, सफल और खुशहाल बनाएं
जय माता दी 🙏🌸

माँ, जब भी रास्ते बंद हो जाते हैं,तेरी कृपा से नए रास्ते खुल जाते हैं,तू ही मेरी हर उम्मीद है।लगाओ जयकारा शेरो वाली का 🙏
21/03/2026

माँ, जब भी रास्ते बंद हो जाते हैं,
तेरी कृपा से नए रास्ते खुल जाते हैं,
तू ही मेरी हर उम्मीद है।
लगाओ जयकारा शेरो वाली का 🙏

🌺 नवरात्रि का तीसरा दिन — माँ चंद्रघंटा 🌺साहस, शांति और वीरता का अद्भुत संगम आज का पावन दिन समर्पित है माँ चंद्रघंटा को ...
21/03/2026

🌺 नवरात्रि का तीसरा दिन — माँ चंद्रघंटा 🌺
साहस, शांति और वीरता का अद्भुत संगम
आज का पावन दिन समर्पित है माँ चंद्रघंटा को
इनके मस्तक पर अर्धचंद्र (घंटा के आकार का) सुशोभित होता है, इसी कारण इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है।
माँ चंद्रघंटा का स्वरूप
माँ का वाहन सिंह है और इनके दस हाथों में विभिन्न अस्त्र-शस्त्र होते हैं।
इनका रूप अत्यंत शांत भी है और युद्ध के समय अत्यंत उग्र भी जो दर्शाता है कि
शक्ति और करुणा साथ-साथ चल सकती हैं।
पूजा का महत्व
माँ चंद्रघंटा की आराधना से
भय दूर होता है
आत्मबल बढ़ता है
साहस और वीरता का विकास होता है
पूजा मंत्र
पिण्डजप्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकैर्युता।
प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघंटेति विश्रुता॥
सरल मंत्र:
ॐ देवी चंद्रघंटायै नमः॥
कथा
माँ चंद्रघंटा ने असुरों का विनाश करने के लिए यह उग्र रूप धारण किया था।
जब भी अधर्म बढ़ता है, माँ अपने भक्तों की रक्षा के लिए शक्ति स्वरूप प्रकट होती हैं।
इनकी घंटा की ध्वनि से नकारात्मक शक्तियाँ दूर भाग जाती हैं।
प्रार्थना
हे माँ चंद्रघंटा!
हमारे जीवन से भय और नकारात्मकता को दूर करें,
हमें साहस, शक्ति और सही निर्णय लेने की बुद्धि दें
जय माता दी 🙏🌺

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