18/10/2024
अद्भुत जीवन की संज्ञा क्या है?
अद्भुत जीवन की संज्ञा क्या है?
बिन प्रश्नों के उत्तर हो जाना;
या आस के पहले प्यास बुझाना;
या परछाईं का प्रकाश में मिलना,
या स्वांस को विशवास दिलाना;
या सुन लेना बिन बोले मन को;
या पढ़ लेना पर ना जतलाना;
या अतुल प्रेम के दीप जलाकर;
सत्य का प्रेम से मेल करना;
अद्भुत जीवन की संज्ञा क्या है?
'सौरभ' मन को ये समझाना,
द्वन्द प्रकृति का रूप नहीं है,
विस्मित होकर भी मुस्काना;
सरल भाव से, सजग ही रहना,
और जीवित से जीवन हो जाना ।।
हां अद्भुत जीवन की संज्ञा यह है,
जीवित से जीवन हो जाना ।।
पेंटिंग : courtesy Ishani Lal (daughter ji)