11/03/2025
कभी-कभी इंसान को यह लगता है कि सब कुछ होने के बावजूद भी कुछ नहीं , दरअसल कहानी 2 दिन पहले ही मेरे मन में आ रही थी ,कि मैं अपने कब फेसबुक परीजनो को सुनाऊंगा
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परंतु समय न मिलने की वजह से मैं इस कहानी को लिख नहीं पा रहा था और आप तक सज़ा नहीं कर पा रहा था ,
पिछले महीने के पहले हफ्ते में
मुलाकात मेरी किसी एक अंकल से हुई , अंकल अपनी नौकरी से रिटायर होगे , नौकरी के दिनों में uncle ने अपने बच्चों को विदेश भेज दिया पढ़ाई के लिए ,
जब पूरे 60 साल नौकरी करने के बाद रिटायर हुए तो अंकल ने घूमने के लिए सोचा , उधर बच्चे पढ़ते पढ़ते जवान होके और बच्चों ने विदेशों में ही शादियां कर ली , इधर भारत में अंकल
अपनी हर छोटी बड़ी खुशी अपने बच्चों के साथ फोन पर ही बताया करते थे , उन बच्चों के माता-पिता से मेरी मुलाकात अचानक होगी , आमतौर पर मेरी बहुत सारे लोगों से मुलाकात होती है, और मैं हमेशा हर इंसान में एक कहानी ढूंढ लेता हूं हर इंसान की एक कहानी बना लेता हूं , और उन कहानियों में शिक्षा के रूप में अपनी जिंदगी में भी उतार लेता हूं , ऐसे में मैंने पहले ही आप लोगों को कहा कि उन माता-पिता के पास सब कुछ था धन था दौलत थी पैसा था शोहरत थी पर ,अपने नहीं थे ,
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अंकल ने नौकरी के दिनों में भी
बच्चों का पूरा ध्यान रखा , बच्चों को किसी प्रकार की कोई मुसीबत ना आने दी, दिन-रात मेहनत करके उनके भविष्य को लेकर कोई कमी नहीं रखी
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पर सच यह था अंकल ने मुझे चलते-चलते यह बात कही थी कि अब मैं इस वक्त अकेला महसूस करता हूं , सब कुछ है लेकिन फिर भी अकेलेपन से डरता हूं ,
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दोस्तों जब मैं अपने गांव से
कटरा वैष्णो देवी काम करने आया था , मेरी मां अक्सर मुझे यह कहा करती थी बेटा पैसा चाहे काम कामना , लेकिन रिश्ते खूब कामना , लोगों से मिलना लोगों से रिश्ते छोड़ने का प्रयास करना, किसी को अपनी बहन समझना , किसी को अपनी मां समझना ,किसी को अपना भाई समझना और यही एक जिंदगी की सबसे बड़ी कमाई ,
मैं 3 साल पहले फेसबुक पर आया था , हर दिन में कोई ना कोई पोस्ट लिखता था , और यहां भी मैंने एक रिश्तो की माला
बना के रख दी है , इसलिए आज
आप सभी को कहना चाहता हूं अपने बच्चों को आप जरूर
Math , physics, history and English, का ज्ञान दीजिए
परंतु रिश्तो की पाठशाला में जरूर भेजिए , विशेष तौर पर मैं सभी माताओं को कहना चाहता हूं अपने-अपने बच्चों को रिश्ते जोड़ने का अनुभव जरूर दीजिए
आज के लिए बस इतना ही लेकिन चलते-चलते आप सबको कहना चाहता हूं, हम जैसे-जैसे आगे बढ़ते जा रहे हैं वैसे-वैसे हम अकेले होते जा रहे हैं इस अकेलेपन के दांश को दूर करने के लिए रिश्तो की किताब का होना बहुत जरूरी है
सुप्रभात के साथ आप सभी मित्रों को जय माता दी धन्यवाद
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लेखक here 👇
Som Nath
Tourists Guide Katra
VaishnoDevi Reasi J&K
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