11/05/2026
श्री कृष्ण जी कहते हैं —
क्रोधाद्भवति संमोहः संमोहात्स्मृतिविभ्रमः।
स्मृतिभ्रंशाद् बुद्धिनाशो बुद्धिनाशात् प्रणश्यति॥
अर्थ:
क्रोध से मनुष्य का विवेक खत्म हो जाता है। याददाश्त कमजोर होती है, बुद्धि नष्ट हो जाती है और अंत में इंसान खुद का नुकसान कर लेता है।