24/12/2025
श्री रूद्र हनुमान मानस मंदिर, कैनाल रोड, विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल डेहरी नगर
मंदिर प्रांगण में स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती जी को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनका बलिदान दिवस श्रद्धा, सम्मान और राष्ट्रभाव के साथ मनाया गया।
स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती (मुंशी राम विज; 22 फरवरी 1856 – 23 दिसंबर 1926) भारत की प्राचीन शिक्षा पद्धति के प्रखर शिक्षाविद, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, आर्य समाज के मूर्धन्य संन्यासी, शुद्धि आंदोलन के जनक तथा सनातन धर्म के महान रक्षक थे।
उन्होंने स्वामी दयानंद सरस्वती के विचारों को जन-जन तक पहुँचाया और गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय सहित अनेक शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना कर शिक्षा, स्वराज्य और वैदिक धर्म के प्रचार-प्रसार हेतु अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया।
वे हिंदू समाज के संगठन, अछूतोद्धार और राष्ट्र निर्माण के अग्रणी संन्यासी थे। डॉ. भीमराव अंबेडकर ने 1922 में उन्हें अछूतों का “महानतम और सबसे सच्चा हितैषी” बताया था। महात्मा गांधी ने भी उनके जीवन को “नायक के रूप में जीने और नायक के रूप में मरने” वाला कहा था।
23 दिसंबर 1926 को राष्ट्र और धर्म के लिए कार्य करते हुए उन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका जीवन आज भी हमें धर्म, शिक्षा, राष्ट्र और समाज के लिए निःस्वार्थ समर्पण की प्रेरणा देता है। विहिप बजरंग दल डेहरी टीम डेहरी
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