हरि ॐ महादेव मंदिर

हरि ॐ महादेव मंदिर Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from हरि ॐ महादेव मंदिर, dhakwala, Karnal.

https://www.youtube.com/
प्रभु की भक्ति का साधन
Welcome To Hari Om Mahadev Mandir
You will find here the best of the best Devotional music like Bhaians, Chalisa, Aartis, Mantras, Shlokas, Amritwani, and Kirtans.

➡ *17 अगस्त 2026 सोमवार को नाग पंचमी है ।*🙏🏻 *नाग पंचमी के दिन , जिन को काल सर्प योग है , वे शांति के लिए ये उपाय करे | ...
16/08/2026

➡ *17 अगस्त 2026 सोमवार को नाग पंचमी है ।*
🙏🏻 *नाग पंचमी के दिन , जिन को काल सर्प योग है , वे शांति के लिए ये उपाय करे | पंचमी के दिन पीपल के नीचे, एक दोने में कच्चा दूध रख दीजिये , घी का दीप जलाए , कच्चा आटा , घी और गुड मिला कर एक छोटा लड्डू बना के रख दे और ये मन्त्र बोला कर प्रार्थना करें :-*
🐍 *ॐ अनंताय नमः*
🐍 *ॐ वासुकाय नमः*
🐍 *ॐ शंख पालाय नमः*
🐍 *ॐ तक्षकाय नमः*
🐍 *ॐ कर्कोटकाय नमः*
🐍 *ॐ धनंजयाय नमः*
🐍 *ॐ ऐरावताय नमः*
🐍 *ॐ मणि भद्राय नमः*
🐍 *ॐ धृतराष्ट्राय नमः*
🐍 *ॐ कालियाये नमः*
➡️ *काल सर्प योग है तो उस का प्रभाव निकल जाएगा .. तकलीफ दूर होगी ..काल सर्प योग की शांति होगी …*

🌷 *नागपंचमी* 🌷
🙏🏻 *श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 17 अगस्त, सोमवार को है। इस दिन नागों की पूजा करने का विधान है। हिंदू धर्म में नागों को भी देवता माना गया है। महाभारत आदि ग्रंथों में नागों की उत्पत्ति के बारे में बताया गया है। इनमें शेषनाग, वासुकि, तक्षक आदि प्रमुख हैं। नागपंचमी के अवसर पर हम आपको ग्रंथों में वर्णित प्रमुख नागों के बारे में बता रहे हैं-*
🐍 *वासुकि नाग*
*धर्म ग्रंथों में वासुकि को नागों का राजा बताया गया है। ये हैं भगवान शिव के गले में लिपटे रहते हैं। (कुछ ग्रंथों में महादेव के गले में निवास करने वाले नाग का नाम तक्षक भी बताया गया है)। ये महर्षि कश्यप व कद्रू की संतान हैं। इनकी पत्नी का नाम शतशीर्षा है। इनकी बुद्धि भगवान भक्ति में लगी रहती है। जब माता कद्रू ने नागों को सर्प यज्ञ में भस्म होने का श्राप दिया तब नाग जाति को बचाने के लिए वासुकि बहुत चिंतित हुए। तब एलापत्र नामक नाग ने इन्हें बताया कि आपकी बहन जरत्कारु से उत्पन्न पुत्र ही सर्प यज्ञ रोक पाएगा।*
*तब नागराज वासुकि ने अपनी बहन जरत्कारु का विवाह ऋषि जरत्कारु से करवा दिया। समय आने पर जरत्कारु ने आस्तीक नामक विद्वान पुत्र को जन्म दिया। आस्तीक ने ही प्रिय वचन कह कर राजा जनमेजय के सर्प यज्ञ को बंद करवाया था। धर्म ग्रंथों के अनुसार, समुद्र मंथन के समय नागराज वासुकि की नेती (रस्सी) बनाई गई थी। त्रिपुरदाह (इस युद्ध में भगवान शिव ने एक ही बाण से राक्षसों के तीन पुरों को नष्ट कर दिया था) के समय वासुकि शिव धनुष की डोर बने थे।*
🐍 *शेषनाग*
*शेषनाग का एक नाम अनंत भी है। शेषनाग ने जब देखा कि उनकी माता कद्रू व भाइयों ने मिलकर विनता (ऋषि कश्यप की एक और पत्नी) के साथ छल किया है तो उन्होंने अपनी मां और भाइयों का साथ छोड़कर गंधमादन पर्वत पर तपस्या करनी आरंभ की। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्मा ने उन्हें वरदान दिया कि तुम्हारी बुद्धि कभी धर्म से विचलित नहीं होगी।*
🐍 *ब्रह्मा ने शेषनाग को यह भी कहा कि यह पृथ्वी निरंतर हिलती-डुलती रहती है, अत: तुम इसे अपने फन पर इस प्रकार धारण करो कि यह स्थिर हो जाए। इस प्रकार शेषनाग ने संपूर्ण पृथ्वी को अपने फन पर धारण कर लिया। क्षीरसागर में भगवान विष्णु शेषनाग के आसन पर ही विराजित होते हैं। धर्म ग्रंथों के अनुसार, भगवान श्रीराम के छोटे भाई लक्ष्मण व श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम शेषनाग के ही अवतार थे।*
🐍 *तक्षक नाग*
*धर्म ग्रंथों के अनुसार, तक्षक पातालवासी आठ नागों में से एक है। तक्षक के संदर्भ में महाभारत में वर्णन मिलता है। उसके अनुसार, श्रृंगी ऋषि के शाप के कारण तक्षक ने राजा परीक्षित को डसा था, जिससे उनकी मृत्यु हो गयी थी। तक्षक से बदला लेने के उद्देश्य से राजा परीक्षित के पुत्र जनमेजय ने सर्प यज्ञ किया था। इस यज्ञ में अनेक सर्प आ-आकर गिरने लगे। यह देखकर तक्षक देवराज इंद्र की शरण में गया।*
🙏🏻 *जैसे ही ऋत्विजों (यज्ञ करने वाले ब्राह्मण) ने तक्षक का नाम लेकर यज्ञ में आहुति डाली, तक्षक देवलोक से यज्ञ कुंड में गिरने लगा। तभी आस्तिक ऋषि ने अपने मंत्रों से उन्हें आकाश में ही स्थिर कर दिया। उसी समय आस्तिक मुनि के कहने पर जनमेजय ने सर्प यज्ञ रोक दिया और तक्षक के प्राण बच गए।*
🐍 *कर्कोटक नाग*
*कर्कोटक शिव के एक गण हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, सर्पों की मां कद्रू ने जब नागों को सर्प यज्ञ में भस्म होने का श्राप दिया तब भयभीत होकर कंबल नाग ब्रह्माजी के लोक में, शंखचूड़ मणिपुर राज्य में, कालिया नाग यमुना में, धृतराष्ट्र नाग प्रयाग में, एलापत्र ब्रह्मलोक में और अन्य कुरुक्षेत्र में तप करने चले गए।*
🙏🏻 *ब्रह्माजी के कहने पर कर्कोटक नाग ने महाकाल वन में महामाया के सामने स्थित शिव लिंग की स्तुति की। शिव ने प्रसन्न होकर कहा- जो नाग धर्म का आचरण करते हैं, उनका विनाश नहीं होगा। इसके बाद कर्कोटक नाग उसी शिवलिंग में प्रवेश कर गया। तब से उस लिंग को कर्कोटेश्वर कहते हैं। मान्यता है कि जो लोग पंचमी, चतुर्दशी और रविवार के दिन कर्कोटेश्वर शिवलिंग की पूजा करते हैं उन्हें सर्प पीड़ा नहीं होती।*
🐍 *कालिया नाग*
*श्रीमद्भागवत के अनुसार, कालिया नाग यमुना नदी में अपनी पत्नियों के साथ निवास करता था। उसके जहर से यमुना नदी का पानी भी जहरीला हो गया था। श्रीकृष्ण ने जब यह देखा तो वे लीलावश यमुना नदी में कूद गए। यहां कालिया नाग व भगवान श्रीकृष्ण के बीच भयंकर युद्ध हुआ। अंत में श्रीकृष्ण ने कालिया नाग को पराजित कर दिया। तब कालिया नाग की पत्नियों ने श्रीकृष्ण से कालिया नाग को छोडऩे के लिए प्रार्थना की। तब श्रीकृष्ण ने उनसे कहा कि तुम सब यमुना नदी को छोड़कर कहीं और निवास करो। श्रीकृष्ण के कहने पर कालिया नाग परिवार सहित यमुना नदी छोड़कर कहीं और चला गया।*
*इनके अलावा कंबल, शंखपाल, पद्म व महापद्म आदि नाग भी धर्म ग्रंथों में पूज्यनीय बताए गए हैं।*

🚩 *मेहंदीपुर बालाजी — तीन देवताओं का रहस्यमय दरबार* 🚩राजस्थान के दौसा जिले में स्थित मेहंदीपुर बालाजी धाम को भगवान हनुमा...
12/08/2026

🚩 *मेहंदीपुर बालाजी — तीन देवताओं का रहस्यमय दरबार* 🚩

राजस्थान के दौसा जिले में स्थित मेहंदीपुर बालाजी धाम को भगवान हनुमान के उन जागृत धामों में माना जाता है, जहाँ भक्त अपनी बड़ी से बड़ी परेशानी लेकर बालाजी महाराज की शरण में पहुँचते हैं।

इस धाम की सबसे विशेष बात है यहाँ विराजमान तीन प्रमुख देवता—बालाजी महाराज, प्रेतराज सरकार और भैरवजी महाराज।

मेहंदीपुर की प्राचीन लोकपरंपरा के अनुसार, अरावली की पहाड़ियों के बीच एक समय घना जंगल हुआ करता था। इसी पवित्र भूमि पर भगवान हनुमान की दिव्य प्रतिमा के स्वयं प्रकट होने की मान्यता है। धीरे-धीरे इस स्थान की महिमा आसपास के लोगों में फैलने लगी और यहाँ पूजा-अर्चना आरंभ हुई।

भक्तों ने अनुभव किया कि यह स्थान साधारण नहीं है। यहाँ विराजमान बालाजी महाराज को संकटमोचन और भक्तों के रक्षक के रूप में पूजा जाने लगा।

लेकिन मेहंदीपुर की कथा यहीं समाप्त नहीं होती।

बालाजी महाराज के साथ यहाँ प्रेतराज सरकार का भी विशेष दरबार है। लोकमान्यता में प्रेतराज सरकार को इस धाम के न्यायकारी देवता माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि जिन भक्तों को प्रेत-बाधा या किसी अदृश्य शक्ति से परेशानी होती है, वे प्रेतराज सरकार के दरबार में अपनी मुक्ति की प्रार्थना करते हैं।

इसके बाद आता है तीसरा दरबार—भैरवजी महाराज का।

भैरवजी को यहाँ बालाजी महाराज के कोतवाल और रक्षक के रूप में श्रद्धा दी जाती है। इस प्रकार मेहंदीपुर का पूरा धार्मिक स्वरूप तीन शक्तियों से जुड़ जाता है—बालाजी संकट हरते हैं, प्रेतराज सरकार न्याय करते हैं और भैरवजी रक्षा करते हैं।

यही कारण है कि इस धाम की पूजा-पद्धति भी अन्य हनुमान मंदिरों से अलग दिखाई देती है। भक्त बालाजी महाराज को लड्डू का भोग अर्पित करते हैं और अपनी मनोकामना लेकर उनके चरणों में सिर झुकाते हैं।

राजस्थान पर्यटन भी इस धाम को ritualistic healing और evil spirits से मुक्ति की परंपरा के लिए प्रसिद्ध बताता है। दूर-दूर से भक्त यहाँ आध्यात्मिक शांति, संकट से मुक्ति और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा की प्रार्थना लेकर आते हैं।

मेहंदीपुर से जुड़ी लोककथाओं में कहा जाता है कि जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक किसी अदृश्य बाधा से परेशान रहता है और संसार के सभी रास्ते बंद दिखाई देते हैं, तब वह बालाजी महाराज के दरबार में आकर अपनी पीड़ा सौंप देता है।

भक्तों के बीच एक गहरी मान्यता सुनाई देती है—

“बालाजी के दरबार में संकट लेकर आओ,
प्रेतराज के सामने अपनी पीड़ा कहो,
और भैरवजी की शरण में रक्षा माँगो।”

कहा जाता है कि इस दरबार में आने वाला भक्त खाली हाथ नहीं लौटता—किसी को मन की शांति मिलती है, किसी को नया विश्वास और किसी को अपने जीवन से लड़ने की शक्ति।

मेहंदीपुर बालाजी इसलिए केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि अटूट आस्था का ऐसा दरबार है जहाँ भक्त अपने भय और संकट को पीछे छोड़कर बजरंगबली के चरणों में विश्वास रखता है।

और अंत में उसके हृदय से बस यही पुकार निकलती है—

“हे बालाजी महाराज,
जब तक आपका हाथ मेरे सिर पर है,
मेरा कोई संकट मुझसे बड़ा नहीं।”

जय श्री मेहंदीपुर बालाजी महाराज।
जय प्रेतराज सरकार।
जय भैरवजी महाराज।

🙏🚩🙏

हर हर महादेव
12/08/2026

हर हर महादेव

*༎꯭ࠫ𝆺꯭𝅥ᥫ᭡🤍❝ महादेव ❞🩷🙇🏻‍♂️༎꯭ࠫ•𝆺꯭𝅥-**_एक दिन तुम्हारे ही "कर्म" तुमसे मिलने आयेंगे बस!_*       *_उस दिन "हैरान" मत होना_*
10/08/2026

*༎꯭ࠫ𝆺꯭𝅥ᥫ᭡🤍❝ महादेव ❞🩷🙇🏻‍♂️༎꯭ࠫ•𝆺꯭𝅥-*
*_एक दिन तुम्हारे ही "कर्म" तुमसे मिलने आयेंगे बस!_*
*_उस दिन "हैरान" मत होना_*

10/08/2026

कावड़ शिविर K*K HR 2026

सावन के सोमवार मे सोमधर बाबा का ध्यान मंगल मय की कामना से कर आपको 🙏🙏🙏 जय जय सियाराम
10/08/2026

सावन के सोमवार मे सोमधर बाबा का ध्यान मंगल मय की कामना से कर आपको 🙏🙏🙏 जय जय सियाराम

गुरु कृपा से सावन के सोमवार मे सोमधर बाबा का ध्यान मंगल मय की कामना से कर आपको 🙏🙏🙏 जय जय सियाराम
10/08/2026

गुरु कृपा से सावन के सोमवार मे सोमधर बाबा का ध्यान मंगल मय की कामना से कर आपको 🙏🙏🙏 जय जय सियाराम

सुख शांति और समृद्धि की कामना से गुरु कृपा से सूर्य देव के ध्यान के बाद 🙏🙏🙏 जय जय सियाराम
09/08/2026

सुख शांति और समृद्धि की कामना से गुरु कृपा से सूर्य देव के ध्यान के बाद 🙏🙏🙏 जय जय सियाराम

Address

Dhakwala
Karnal
KARNAL

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when हरि ॐ महादेव मंदिर posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Place Of Worship

Send a message to हरि ॐ महादेव मंदिर:

Shortcuts

Share