Hemraj Hanuman Mandir

Hemraj Hanuman Mandir Mandir

27/10/2023
15/08/2023

आप सभी को 77वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई।



श्री हेमराज हनुमान मंदिर में बुढ़वा मंगल महोत्सव  कार्यक्रम की तैयारी शीघ्र  गति से प्रारंभ....      #बड़ामंगल   #बुढ़वा...
04/09/2022

श्री हेमराज हनुमान मंदिर में बुढ़वा मंगल महोत्सव कार्यक्रम की तैयारी शीघ्र गति से प्रारंभ....
#बड़ामंगल #बुढ़वामंगल२०२२

जय श्री राम
29/08/2022

जय श्री राम

18/03/2022

रंग, उमंग, प्रेम और सद्भाव का त्योहार सभी के जीवन में खुशियों के रंग बिखेरे।

आप सभी को #होली की शुभकामनाएं।💐

#होली

🌹🌹🚩जय सियाराम 🚩 ॐ हं हनुमते नम:। 🌹🌹🚩 ''अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्। सकलगुणनिधानं वानराणाम...
14/09/2021

🌹🌹🚩जय सियाराम 🚩 ॐ हं हनुमते नम:। 🌹🌹🚩
''अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्। सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि॥''
आप सभी को ज्येष्ठ माह के प्रथम बडे़ मंगल (बुढ़वा मंगल) की हार्दिक शुभकामनाएं!
🌹🌹🚩बाबा सबका कल्याण करें। 🌹🌹🚩

मनोजवम् मारुततुल्यवेगम् जितेन्द्रियम् बुद्धिमताम् वरिष्ठम्। वातात्मजम् वानरयूथमुख्यम् श्रीरामदूतम् शरणम् प्रपद्ये॥। भूत....
27/04/2021

मनोजवम् मारुततुल्यवेगम् जितेन्द्रियम् बुद्धिमताम् वरिष्ठम्।
वातात्मजम् वानरयूथमुख्यम् श्रीरामदूतम् शरणम् प्रपद्ये॥

। भूत.पिशाच निकट नहीं आवे। महाबीर जब नाम सुनावे।।
।। नासे रोग हरे सब पीरा। जो सुमिरे हनुमंत बलबीरा।।
।। अष्ट.सिद्धि नवनिधि के दाता। अस बर दीन जानकी माता।।
।। बिद्यबान गुनी अति चातुर। रामकाज करीबे को आतुर।।
।। भीम रूप धरि असुर संहारे। रामचंद्रजी के काज संवारे।।
#श्रीहनुमानजन्मोत्सव की आप सभी को
#हार्दिक_शुभकामानायें।

#श्री_हेमराज_हनुमान_मंदिर,
#रावतपुरगाॅव, #थाना_कल्यानपुर_कानपुर_नगर

03/03/2021

🙏

गंग सकल मुद मंगल मूला।
सब सुख करनि हरनि सब सूला॥

गोस्वामी तुलसीदास जी कहते हैं कि-
मैया गंगाजी समस्त आनंद-मंगलों की मूल हैं। वे सब सुखों को करने वाली और सब पीड़ाओं को हरने वाली हैं।

🙏🙏🙏जय श्रीराम 🙏🙏🙏

05/02/2021

*हजारों वर्षों से जीवित है ये सात महामानव ।*

श्लोक : *'अश्वत्थामा बलिर्व्यासो हनुमांश्च विभीषणः।*
*कृपः परशुरामश्च सप्तैते चिरंजीविनः॥'*
*अर्थात् :* अश्वत्थामा, बलि, व्यास, हनुमान, विभीषण, कृपाचार्य और भगवान परशुराम ये सभी चिरंजीवी हैं।

यह दुनिया का एक आश्चर्य है। विज्ञान इसे नहीं मानेगा, योग और आयुर्वेद कुछ हद तक इससे सहमत हो सकता है, लेकिन जहाँ हजारों वर्षों की बात हो तो फिर योगाचार्यों के लिए भी शोध का विषय होगा। इसका दावा नहीं किया जा सकता और इसके किसी भी प्रकार के सबूत नहीं है। यह आलौकिक है। किसी भी प्रकार के चमत्कार से इन्कार ‍नहीं किया जा सकता। सिर्फ शरीर बदल-बदलकर ही हजारों वर्षों तक जीवित रहा जा सकता है। यह संसार के सात आश्चर्यों की तरह है।

सनातन घर्म व पुराण के अनुसार ऐसे सात व्यक्ति हैं, जो चिरंजीवी हैं। यह सब किसी न किसी वचन, नियम या शाप से बंधे हुए हैं और यह सभी दिव्य शक्तियों से संपन्न है। योग में जिन अष्ट सिद्धियों की बात कही गई है वे सारी शक्तियाँ इनमें विद्यमान है। यह परामनोविज्ञान जैसा है, जो परामनोविज्ञान और टेलीपैथी विद्या जैसी आज के आधुनिक साइंस की विद्या को जानते हैं वही इस पर विश्वास कर सकते हैं। कौन हैं ये सात जीवित महामानव।

*1. बलि :* राजा बलि के दान के चर्चे दूर-दूर तक थे। देवताओं पर चढ़ाई करने राजा बलि ने इंद्रलोक पर अधिकार कर लिया था। बलि सतयुग में भगवान वामन अवतार के समय हुए थे। राजा बलि के घमंड को चूर करने के लिए भगवान ने ब्राह्मण का भेष धारण कर राजा बलि से तीन पग धरती दान में माँगी थी। राजा बलि ने कहा कि जहाँ आपकी इच्छा हो तीन पैर रख दो। तब भगवान ने अपना विराट रूप धारण कर दो पगों में तीनों लोक नाप दिए और तीसरा पग बलि के सर पर रखकर उसे पाताल लोक भेज दिया।

*2. परशुराम :* परशुराम राम के काल के पूर्व महान ऋषिच रहे हैं। उनके पिता का नाम जमदग्नि और माता का नाम रेणुका है। पति परायणा माता रेणुका ने पाँच पुत्रों को जन्म दिया, जिनके नाम क्रमशः वसुमान, वसुषेण, वसु, विश्वावसु तथा राम रखे गए। राम की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें फरसा दिया था इसीलिए उनका नाम *परशुराम* हो गया।

भगवान पराशुराम राम के पूर्व हुए थे, लेकिन वे चिरंजीवी होने के कारण राम के काल में भी थे। भगवान परशुराम विष्णु के छठवें अवतार हैं। इनका प्रादुर्भाव वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को हुआ, इसलिए उक्त तिथि अक्षय तृतीया कहलाती है। इनका जन्म समय सतयुग और त्रेता का संधिकाल माना जाता है।

*3. हनुमान :* अंजनी पुत्र हनुमान को भी अजर अमर रहने का वरदान मिला हुआ है। यह राम के काल में राम भगवान के परम भक्त रहे हैं। हजारों वर्षों बाद वे महाभारत काल में भी नजर आते हैं। महाभारत में प्रसंग हैं कि भीम उनकी पूँछ को मार्ग से हटाने के लिए कहते हैं तो हनुमानजी कहते हैं कि तुम ही हटा लो, लेकिन भीम अपनी पूरी ताकत लगाकर भी उनकी पूँछ नहीं हटा पाता है।

*4. विभिषण :* रावण के छोटे भाई विभिषण। जिन्होंने राम की नाम की महिमा जपकर अपने भाई के विरु‍द्ध लड़ाई में उनका साथ दिया और जीवन भर राम नाम जपते रहें।

*5. ऋषि व्यास :* महाभारतकार व्यास ऋषि पराशर एवं सत्यवती के पुत्र थे, ये साँवले रंग के थे तथा यमुना के बीच स्थित एक द्वीप में उत्पन्न हुए थे। अतएव ये साँवले रंग के कारण 'कृष्ण' तथा जन्मस्थान के कारण 'द्वैपायन' कहलाए। इनकी माता ने बाद में शान्तनु से विवाह किया, जिनसे उनके दो पुत्र हुए, जिनमें बड़ा चित्रांगद युद्ध में मारा गया और छोटा विचित्रवीर्य संतानहीन मर गया।

कृष्ण द्वैपायन ने धार्मिक तथा वैराग्य का जीवन पसंद किया, किन्तु माता के आग्रह पर इन्होंने विचित्रवीर्य की दोनों सन्तानहीन रानियों द्वारा नियोग के नियम से दो पुत्र उत्पन्न किए जो धृतराष्ट्र तथा पाण्डु कहलाए, इनमें तीसरे विदुर भी थे। व्यासस्मृति के नाम से इनके द्वारा प्रणीत एक स्मृतिग्रन्थ भी है। भारतीय वांड्मय एवं हिन्दू-संस्कृति व्यासजी की ऋणी है।

*6. अश्वत्थामा :* अश्वथामा गुरु द्रोणाचार्य के पुत्र हैं। अश्वस्थामा के माथे पर अमरमणि है और इसीलिए वह अमर हैं, लेकिन अर्जुन ने वह अमरमणि निकाल ली थी। ब्रह्मास्त्र चलाने के कारण कृष्ण ने उन्हें शाप दिया था कि कल्पांत तक तुम इस धरती पर जीवित रहोगे, इसीलिए अश्वत्थामा सात चिरन्जीवियों में गिने जाते हैं। माना जाता है कि वे आज भी जीवित हैं तथा अपने कर्म के कारण भटक रहे हैं। हरियाणा के कुरुक्षेत्र एवं अन्य तीर्थों में यदा-कदा उनके दिखाई देने के दावे किए जाते रहे हैं। मध्यप्रदेश के बुरहानपुर के किले में उनके दिखाई दिए जाने की घटना भी प्रचलित है।

*7. कृपाचार्य :* शरद्वान् गौतम के एक प्रसिद्ध पुत्र हुए हैं कृपाचार्य। कृपाचार्य अश्वथामा के मामा और कौरवों के कुलगुरु थे। शिकार खेलते हुए शांतनु को दो शिशु प्राप्त हुए। उन दोनों का नाम कृपी और कृप रखकर शांतनु ने उनका लालन-पालन किया। महाभारत युद्ध में कृपाचार्य कौरवों की ओर से सक्रिय थे । 💐🙏

11/11/2020

धनतेरस का शुभ मुहूर्त
12 नंवबर को : शाम 06:30 से

13 नंवबर को : शाम 4:30 तक अभिजीत मुहूर्त

( महत्वपूर्ण जानकारी  )खड़े खड़े पानी पीने वाले का घुटना दुनिया काकोई डॉक्टर ठीक नहीँ कर सकता।* तेज पंखे के नीचे या A. C. ...
13/04/2020

( महत्वपूर्ण जानकारी )
खड़े खड़े पानी पीने वाले का घुटना दुनिया का
कोई डॉक्टर ठीक नहीँ कर सकता।
* तेज पंखे के नीचे या A. C. में सोने से मोटापा
बढ़ता है।
* 70% दर्द में एक ग्लास गर्म पानी किसी भी
पेन किलर से भी तेज काम करता है।
* कुकर में दाल गलती है, पकती नहीँ। इसीलिए
गैस और एसिडिटी करती है।
* अल्युमिनम के बर्तनों के प्रयोग से अंग्रेजों नें
देशभक्त भारतीय क़ैदियों को रोगी बनाया था।
* शर्बत और नारियल पानी सुबह ग्यारह के पहले
अमृत है।
* लकवा होते ही मरीज के नाक में देशी गाय का घी
डालने से लकवा पन्द्रह मिनट मेँ ठीक हो जाता
है।
* देशी गाय के शरीर पर हाथ फेरने से 10 दिन में
ब्लड प्रेसर नॉर्मल हो जाता है।
* देशी गाय का दूध रोग नाशक और विदेशी गाय का
दूध रोग कारक है।
गुड़ खाने से 18 फायदे :
1>गुड़ खाने से नहीं होती गैस की दिक्कत
2>खाना खाने के बाद अक्सर मीठा खाने का मन
करता हैं। इसके लिए सबसे बेहतर है कि आप गुड़
खाएं। गुड़ का सेवन करने से आप हेल्दी रह सकते
हैं
3> पाचन क्रिया को सही रखना
4> गुड़ शरीर का रक्त साफ करता है और
मेटाबॉल्जिम ठीक करता है। रोज एक गिलास पानी
या दूध के साथ गुड़ का सेवन पेट को ठंडक देता है।
इससे गैस की दिक्कत नहीं होती। जिन लोगों को
गैस की परेशानी है, वो रोज़ लंच या डिनर के बाद
थोड़ा गुड़ ज़रूर खाएं
5> गुड़ आयरन का मुख्य स्रोत है। इसलिए यह
एनीमिया के मरीज़ों के लिए बहुत फायदेमंद है।
खासतौर पर महिलाओं के लिए इसका सेवन बहुत
अधिक ज़रूर है
6> त्वचा के लिए -- गुड़ ब्लड से खराब टॉक्सिन
दूर करता है, जिससे त्वचा दमकती है और मुहांसे
की समस्या नहीं होती है।
7> गुड़ की तासीर गर्म है, इसलिए इसका सेवन
जुकाम और कफ से आराम दिलाता है। जुकाम के
दौरान अगर आप कच्चा गुड़ नहीं खाना चाहते हैं
तो चाय या लड्डू में भी इसका इस्तेमाल कर सकते
हैं।
8> एनर्जी के लिए -- बुहत ज़्यादा थकान और
कमजोरी महसूस करने पर गुड़ का सेवन करने से
आपका एनर्जी लेवल बढ़ जाता है। गुड़ जल्दी पच
जाता है, इससे शुगर का स्तर भी नहीं बढ़ता।
दिनभर काम करने के बाद जब भी आपको थकान
हो, तुरंत गुड़ खाएं।
9> गुड़ शरीर के टेंपरेचर को नियंत्रित रखता है।
इसमें एंटी एलर्जिक तत्व हैं, इसलिए दमा के
मरीज़ों के लिए इसका सेवन काफी फायदेमंद होता
है।
10> जोड़ों के दर्द में आराम -- रोज़ गुड़ के एक
टुकड़े के साथ अदरक का सेवन करें, इससे जोड़ों के
दर्द की दिक्कत नहीं होगी।
11> गुड़ के साथ पके चावल खाने से बैठा हुआ
गला व आवाज खुल जाती है।
12> गुड़ और काले तिल के लड्डू खाने से सर्दी में
अस्थमा की परेशानी नहीं होती है।
13> जुकाम जम गया हो, तो गुड़ पिघलाकर उसकी
पपड़ी बनाकर खिलाएं।
14> गुड़ और घी मिलाकर खाने से कान का दर्द
ठीक हो जाता है।
15> भोजन के बाद गुड़ खा लेने से पेट में गैस नहीं
बनती ।
16> पांच ग्राम सौंठ दस ग्राम गुड़ के साथ लेने से
पीलिया रोग में लाभ होता है।
17> गुड़ का हलवा खाने से स्मरण शक्ति बढती
है।
18> पांच ग्राम गुड़ को इतने ही सरसों के तेल में
मिलाकर खाने से श्वास रोग से छुटकारा मिलता
है।
अच्छी बातें , अच्छे लोगों, के लिए..



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RAWATPUR GAON
Kanpur
208019

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