Acharya Deepakanand Ji Maharaj

Acharya Deepakanand Ji Maharaj Ta**racharya,Vedacharya, Yogacharya And Motivational Speaker

आप सभी को होली की हार्दिक शुभकामनाएं।भगवान् भवानी शंकर जी आप सभी का जीवन खुशियों के रंग से भर दे।हर हर महादेव। जय मां।  ...
02/03/2026

आप सभी को होली की हार्दिक शुभकामनाएं।
भगवान् भवानी शंकर जी आप सभी का जीवन खुशियों के रंग से भर दे।
हर हर महादेव। जय मां।

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ग्रहण एवम् मंत्र सिद्धि Follow & DM for more upcoming information **ra_n_tantrik  ***ic  **ra
01/03/2026

ग्रहण एवम् मंत्र सिद्धि

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28/02/2026

Today's Thought .

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Know the secret of your past life by the way you take bath. Follow DM us for more upcoming informations. **ra_n_tantrik ...
25/02/2026

Know the secret of your past life by the way you take bath.

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24/02/2026

Birthday & their marriage timings.

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23/02/2026

Use this Maha Ganpati Mantra (listen and chant) in your day to day life for better results.

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Batuk Bhairav in a powerful yet symbolic form, blending divine innocence with fierce guardianship through hyper-realisti...
03/01/2026

Batuk Bhairav in a powerful yet symbolic form, blending divine innocence with fierce guardianship through hyper-realistic cinematic artistry. Depicted as the child manifestation of Bhairav, his ash-grey body radiates timeless energy, while the serpent-like tongue, raised club, and alms bowl signify mastery over fear, protection of dharma, and acceptance of devotion without discrimination. The dynamic walking posture conveys constant vigilance, as if Bhairav moves through worlds to safeguard spiritual order, accompanied by his loyal dog—an emblem of loyalty, vigilance, and the crossing of boundaries between the material and the mystical. The dramatic sky and glowing horizon intensify the scene, representing the threshold between light and darkness where Batuk Bhairav stands as a divine sentinel, reminding devotees that true protection arises from humility, discipline, and fearless surrender to higher consciousness.

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💜🌺💜🌺💜🌺💜🎑❣️🎑         52 वीर       52 वीर महाकाली के दूत हैं। इन्हें भैरवी के अनुयायी या भैरव का गण कहा गया है। इन्हें देव...
01/12/2023

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52 वीर

52 वीर महाकाली के दूत हैं। इन्हें भैरवी के अनुयायी या भैरव का गण कहा गया है। इन्हें देव और धर्मरक्षक भी कहा गया है।

गुप्त नवरात्रि में और कुछ विशेष दिनों में वीर साधना की जाती है। भारत के प्रांतों में कई वीरों की मंदिरों में अन्य देवी और देवताओं के साथ प्रतिमाएं भी स्थापित हैं।
कई वीर साधनाओं को एक बंद कमरे में, श्मशान में या किसी एकांत स्थान पर की जाती है।

साधनाओ में वीर साधना का स्थान उच्च माना जाता है। 52 वीर साधना के बाद खबबिश और प्रेतबाधाओं से दुखी लोगो का इलाज बड़ी सरलता से कर सकता है।
वीर उसकी आज्ञा मिलते ही कार्य कर देता है ।
केवल प्रेत बाधा ही नहीं यदि वीर प्रसन्न हो जाए तो जो भाग्य में नहीं है वो भी दे देता है।
🔻💒🔻
52 वीर हैं जिनके नाम इस प्रकार हैं:

01.क्षेत्रपाल वीर 02. कपिल वीर 03. बटुक 04. नृसिंह वीर 05. गोपाल वीर. 06. भैरव वीर

07. गरूढ़ वीर 08. महाकाल वीर 09.काल वीर 10. स्वर्ण वीर 11. रक्तस्वर्ण वीर 12. देवसेन वीर

13. घंटापथ वीर 14. रुद्रवीर 15. तेरासंघ वीर 16. वरुण वीर 17. कंधर्व वीर 18. हंस वीर

19. लौन्कडिया वीर 20. वहि वीर 21. प्रियमित्र वीर 22. कारु वीर 23. अदृश्य वीर 24. वल्लभ वीर

25. वज्र वीर 26. महाकाली वीर 27. महालाभ वीर 28. तुंगभद्र वीर 29. विद्याधर वीर. 30. घंटाकर्ण वीर

31. बैद्यनाथ वीर 32. विभीषण वीर. 33. फाहेतक वीर 34. पितृ वीर 35. खड्ग वीर 36. नाघस्ट वीर

37. प्रदुम्न वीर. 38. श्मशान वीर 39. भरुदग वीर 40. काकेलेकर वीर 41. कंफिलाभ वीर 42. अस्थिमुख वीर

43. रेतोवेद्य वीर 44. नकुल वीर 45. शौनक वीर 46. कालमुख 47. भूतबैरव वीर 48. पैशाच वीर
49. त्रिमुखवीर 50. डचक वीर. 51. अट्टलाद वीर 52. वास्मित्र वीर

52 वीर मंत्र:
❣️ ॐ ह्रीं ह्रौं वीरायप्रत्यक्षं भव ह्रौं ह्रीं फट् ❣️

🚩 Om Hreem Hraum Veeray
Pratyaksham Bhav Hraum Hreem Phat🚩

सभी 52 वीर बहुत शक्तिशाली होते है । वीरो को सिद्ध करने के बाद साधक के पास दुर्लभ अलौकिक शक्तियां आ जाती है । वीर साधक के साथ हर समय अदृश्य रुप मे साथ रहता है ।
वीर साधना आसानी से सिद्ध हो जाती है इस साधना को तांत्रिक वाममार्गी साधना के अंतर्गत माना जाता है इसलिए यह साधना किसी गुरु कि मार्गदर्शन में ही करना चाहिए अन्यथा गलती होने पर वीर शीघ्र क्रोधित होकर अहित भी कर सकते हैं ।

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🦝 वीरभद्र साधना 👺

वीरभद्र, भगवान शिव के परम आज्ञाकारी हैं. उनका रूप भयंकर है, देखने में वे प्रलयाग्नि के समान, हजार भुजाओं से युक्त और मेघ के समान श्यामवर्ण हैं.
सूर्य के तीन जलते हुए बड़े-बड़े नेत्र एवं विकराल दाढ़ें हैं.

शिव ने उन्हें अपनी जटा से प्रकट किया था. इसलिए उनकी जटाएं साक्षात ज्वालामुखी के लावा के समान हैं.
गले में नरमुंड माला वाले वीरभद्र सभी अस्त्र-शस्त्र धारण करते हैं.
उनका रूप भले ही भयंकर है पर शिवस्वरूप होने के कारण वे परम कल्याणकारी हैं.
शिवजी की तरह शीघ्र प्रसन्न होने वाले है.
🕉️
वीरभद्र उपासना तंत्र में वीरभद्र सर्वेश्वरी साधना मंत्र आता है.
यह एक स्वयं सिद्ध चमत्कारिक तथा तत्काल फल देने वाला मंत्र है.
स्वयंसिद्ध मंत्र होने के कारण इसे सिद्ध करने की आवश्यकता नहीं होती.

अचानक कोई बाधा आ जाए, दुर्घटना का भय हो, कोई समस्या बार-बार प्रकट होकर कष्ट देती हो, कार्यों में बाधाएं आती हों, हिंसक पशुओं का भय हो या कोई अज्ञात भय परेशान करता है तो 👾वीरभद्र सर्वेश्वरी साधना से उससे तत्काल राहत मिलती है.

🌹यह तत्काल फल देने वाला मंत्र कहा गया है.

🐦 वीरभद्र मंत्र - 1 🐦

🚩 ॐ हं ठ: ठ: ठ: सैं चां ठं ठ: ठ: ठ:
ह्र: ह्रौं ह्रौं ह्रैं क्षैं क्षों क्षैं क्षं ह्रौं ह्रौं क्षैं ह्रीं
स्मां ध्मां स्त्रीं सर्वेश्वरी हुं फट् स्वाहा 🚩

1. 🔔यदि पशुओं से या हिंसक जीवों से प्राणहानि का भय हो तब मंत्र के सात बार जप से निवारण हो जाता है.

2. 🔔यदि मंत्र को एक हज़ार बार बिना रुके लगातार जप लिया जाए तो स्मरण शक्ति में अद्भुत चमत्कार देखा जा सकता है.

3. 🔔यदि मंत्र का जप बिना रुके लगातार दस हजार बार कर लिया जाय तो त्रिकालदृष्टि यानी भूत, वर्त्तमान, भविष्य के संकेत पढ़ने की शक्ति आने लगती है.

4. 🔔मंत्र का बिना रुके लगातार लक्षजप यानी एक लाख जप रुद्राक्ष की माला से करने पर खेचरत्व और भूचरत्व की प्राप्ति हो जाती है.
इसके लिए लाल वस्त्र धारण करके, लाल आसन पर विराजमान होकर उत्तर दिशा की ओर मुख करके करना चाहिए.

5. 🔔इस साधना को हंसी खेल ना समझे. न ही इसे हंसी ठहाके में प्रयास करना चाहिए.
आवश्यकता पड़ने पर ही और स्वयं या किसी अन्य के कल्याण के उद्देश्य से ही होना चाहिए. किसी को परेशान करने के उद्देश्य से होने पर उल्टा फल होगा.

6. महिलाओं के लिए यह वीरभद्र साधना पूर्णतः वर्जित है.

🎇महिलाएं निम्न रक्ततारा महामंत्र प्रयोग कर सकती हैं.

❤️☸️ श्री रक्ततारा तंत्रनाशक महामंत्र ❤️☸️

🚩रक्तवर्णकारिणी,मुण्ड मुकुटधारिणी,
त्रिलोचने शिव प्रिये, भूतसंघ विहारिणी
भालचंद्रिके वामे, रक्त तारिणी परे,
पर तंत्र-मंत्र नाशिनी, प्रेतोच्चाटन कारिणी
नमो कालाग्नि रूपिणी,ग्रह संताप हारिणि,
अक्षोभ्य प्रिये तुरे, पञ्चकपाल धारिणी
नमो तारे नमो तारे, श्री रक्त तारे नमो।

🚩ॐ स्त्रीं स्त्रीं स्त्रीं रं रं रं रं रं रं रं रं रक्तताराय
हं हं हं हं हं घोरे-अघोरे वामे
खं खं खं खं खं खर्परे
सं सं सं सं सं सकल तन्त्राणि शोषय-शोषय
सर सर सर सर सर भूतादि नाशय-नाशय
स्त्रीं हुं फट 🚩

⚛️ वीरभद्र तीव्र मंत्र 2 ⚛️

🚩ॐ ड्रं ह्रौं बं जूं बं हूं बं स:
बीर वीरभद्राय प्रस्फुर प्रज्वल आवेशय
जाग्रय विध्वंसय क्रुद्धगणाय हुं🚩

 #रुद्राभिषेक        सभी कर्मकाण्डी ब्राह्मण ध्यान दें:-? श्रावण मास के पुनीत अवसर पर रुद्राभिषेक कराने वाले भक्तों एवं ...
02/08/2023

#रुद्राभिषेक
सभी कर्मकाण्डी ब्राह्मण ध्यान दें:-?
श्रावण मास के पुनीत अवसर पर रुद्राभिषेक कराने वाले भक्तों एवं कर्मकांडी ब्राह्मणों से विशेष आग्रह है कि पार्थिव (मिट्टी) के शिवलिंग का निर्माण शास्त्र सम्मत ही करें,
आकर्षक शिवलिंग बनाकर पेंट द्वारा लीपा पोती फोटोशूट करने और यजमान को प्रभावित करने के लिये शिवलिंग के मूलस्वरूप को विखण्डित न करें, शिवलिंग को शिवलिंग ही रहने दें
नाक, कान, मूंछ, दाढ़ी बनाने की और चित्रकारी की आवश्यकता नहीं है.
निःसंदेह सनातन की कोई भी पूजा पद्धति विज्ञान सम्मत है, उसका प्रभाव हमारे जीवन पर देखने को मिलता है.
शास्त्रों में वर्णित विधि से शिवलिंग का निर्माण करें एवं चंदन रोली अक्षत भस्म पुष्प बिल्वपत्र आदि से भगवान का दिव्य श्रृंगार करें।
पंडित जी यजमान को प्रसन्न करने के लिए और यजमान संबंधियों को फोटो भेजने के लिए शिवलिंग के मूल स्वरूप को विकृत न करें।

#कुतर्क_नही_स्वाध्याय_करे 🙏

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