24/03/2022
नारायण के नाम चितन जीवन की सार्थकता मानवता के नैतिकता के साथ आध्यात्मिकता का विकास के साथ मानव तथा उसके आसपास के समाज स्थान के साथ ही समीप के लोगों के प्रति विकास तथा परोपकार करने की भावना की वृद्धि होती है।इसे ही मानवता के प्रति उदगार तथा प्रेम भी जागृत होता है