04/01/2026
#मां_वैष्णो_देवी भारत के सबसे पवित्र और प्रसिद्ध शक्तिपीठों में से एक है, जो जम्मू-कश्मीर में त्रिकूट पर्वत की गोद में स्थित है। यह पवित्र धाम माता महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती के संयुक्त स्वरूप को समर्पित है। यहाँ माता की प्रतिमा के रूप में कोई मूर्ति नहीं, बल्कि तीन पिंडियों की पूजा की जाती है, जो शक्ति के तीन रूपों का प्रतीक हैं।
माता वैष्णो देवी की यात्रा कटरा से आरंभ होती है। मार्ग में बाणगंगा, चरण पादुका, अर्धकुंवारी गुफा और भैरों घाटी जैसे पवित्र स्थल आते हैं। मान्यता है कि अर्धकुंवारी गुफा में माता ने नौ माह तक तपस्या की थी। यात्रा पूर्ण करने के बाद भैरोंनाथ मंदिर के दर्शन को आवश्यक माना जाता है, तभी यात्रा संपूर्ण मानी जाती है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार माता वैष्णो देवी ने भक्तों की रक्षा और अधर्म के नाश के लिए यहाँ निवास किया। कहा जाता है कि जो श्रद्धालु सच्चे मन से “जय माता दी” का जयघोष करते हुए इस कठिन यात्रा को पूर्ण करता है, उसकी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इस पवित्र धाम के दर्शन के लिए आते हैं, जिससे यह भारत की सबसे अधिक यात्रित धार्मिक यात्राओं में से एक बन चुकी है।