03/09/2018
गाँव कम्पेल मे.
श्री दस भुजा धारी गौवेर्धन नाथ जी का विश्व प्रसिध्द मन्दिर हे.
जो कि पूरे विश्व मे केवल गांव कम्पेल मे ही हे.!!!!
इस अलौकिक मूर्ति के दर्शन करने कई श्रध्दालू रोज आते हे।
और कई श्रध्दालू मान मंगत भी रखते हे।
उनकी कामना हमेशा पूरी होती हे ।
श्री दस भुजा धारी गौवर्धन नाथ मंदिर मे हर साल रक्षा बन्धन के अगले दिन से (जो कि गाँव कम्पेल का मुख्य उत्सव है )
🙏🏻🙏🏻राधे -श्याम 🙏🏻🙏🏻
का आयोजन रखा जाता हे ।
जिसमें सात दिन तक अखंड ढोलक गाँव के भक्तो द्वारा बजायी जाती हे । ओर ढोलक के आस पास राधे -श्याम बोलते हुये परिक्रमा गाँव कम्पेल के सारे भक्तगणों द्वारा कि जाती ।
और इसी तरह सात दिन सात दिन पूरे करके जन्माष्टमी का दिन आता हे ।
इस दिन सारा गाँव मन्दिर प्रांगण मे एकत्रीत होता हे।
ओर जन्माष्टमी मनाता हे। तथा रात्री के 12 बजे भगवान का जन्म होता है और उसके बाद भगवान श्री गिरधर गोपाल कि आरती कि जातीहैं, उसके बाद गाँव कम्पेल के सारे मंदिरों में आरती रात्री 12 बजे उतारी जाती हे ।
तथा लोग सारे मंदिरों से प्रसाद लेते हे।और उसके बाद घर जाके भगवान के जन्म के बाद रात्री 12बजे भोजन करते हे। तथा अगले दिन भगवान का मटकी फोड़ने का कार्यक्रम रखा जाता हे तथा भगवान का कम्पेल भ्रमण के साथ राधे श्याम का समापन किया जाता है तथा ढोलक बँद कि जाती हे । इसी के साथ कम्पेल मे और भी कई मन्दिर हे जो कम्पेल के अलावा कहीं ओर देखने कॊ नही मिलते, जैसे बल्दाऊ जी का मंदिर ,सूरदास जी का मंदिर , उदय राज़(सूर्य ) भगवान का मन्दिर , मगरध्वज भगवान का मंदिर(ये वह भगवान है जब धरती किसी राक्षस ने डुबो दी थी तब भगवान विष्णु ने अवतार लिया ओर धरती को अपने मुँह पर रख कर लाये थे ) ये भी केवल कम्पेल मे देखने कॊ मिलते हे..राधे राधे
जय गोवर्धन नाथ जी की