25/05/2026
कालिम्पोन्ग में भक्तिमय वातावरण के बीच निकली भव्य नगर परिक्रमा
श्रीकृष्ण प्रणामी मूल मंदिर में श्री तारतम वाणी चर्चा एवं श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ
श्रीकृष्ण प्रणामी मूल मंदिर में सत्संग प्रेम मंडली द्वारा आयोजित श्री तारतम वाणी चर्चा एवं श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ हुआ। कार्यक्रम के प्रथम दिवस पर भव्य नगर परिक्रमा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सुंदरसाथ एवं भक्तजन शामिल हुए।
नगर परिक्रमा कालिम्पोंग नगर के विभिन्न क्षेत्रों से होते हुए पूरे भक्तिमय वातावरण के साथ संपन्न हुई। श्रद्धालुओं द्वारा भजन-कीर्तन, जयघोष एवं प्रभु स्मरण से पूरा नगर भक्तिरस में सराबोर हो उठा। जगह-जगह स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया तथा पुष्पवर्षा कर धार्मिक आयोजन के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
इस अवसर पर संत श्री लीलारस सागर जी महाराज ने कथा भाबुकों को मानव जीवन में सत्संग, भक्ति एवं धर्म के महत्व, भागवत क्यूँ श्रवण करना चाहिए, श्री तारतम वाणी क्या है ? पर प्रकाश डाला। श्री तारतम वाणी चर्चा के माध्यम से " धिक2 पढ़ो मेरी बुद्ध को "आत्मज्ञान, प्रेम, सेवा और सद्भाव का संदेश दिया गया, वहीं श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से भक्तजन भावविभोर हो उठे।
कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजन समाज में धार्मिक जागृति, नैतिकता एवं भाईचारे को मजबूत करने का कार्य करते हैं। प्रथम दिवस का आयोजन अत्यंत सफल एवं भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ।
कालिम्पोंग पुलिस प्रशासन (Administration) ने भरपूर साथ दिया |
सत्संग प्रेम मंडली की ओर से बताया गया कि आगामी दिनों में भी कथा एवं वाणी चर्चा का क्रम निरंतर जारी रहेगा, जिसमें दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु धर्मलाभ प्राप्त करेंगे। आयोजन स्थल मूल मन्दिर पर व्यवस्था, सजावट एवं सेवा कार्यों की भी सभी ने सराहना की।
कालिम्पोन्ग में चल रहे इस आध्यात्मिक आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया है तथा श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।
प्रचार सचिव
मंगल धाम, कालिम्पोंग