Maa Vaishno Sewa Samiti - Kaithal

Maa Vaishno Sewa Samiti - Kaithal Maa vaishno sewa samiti kaithal organised bhandra every year 29th Dec to 1 jan in katra at baan ganga road , Charanpaduka & sanjhi Chatt..!!

या देवी सर्वभूतेषु मां ब्रह्मचारिणी रुपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन क...
16/10/2023

या देवी सर्वभूतेषु मां ब्रह्मचारिणी रुपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन की हार्दिक शुभकामनाएं । मां दुर्गा के द्वितीय स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की कृपा आप सभी पर सदैव बनी रहें।🙏

जय माता दी जी🙏🙏प्रतिपदा (मां शैलपुत्री): 15 Oct 2023 प्रथम नवरात्राऐसा है मां का स्वरूपशैलपुत्री नंदी बैल पर सवार संपूर्...
15/10/2023

जय माता दी जी🙏🙏
प्रतिपदा (मां शैलपुत्री): 15 Oct 2023 प्रथम नवरात्रा
ऐसा है मां का स्वरूप
शैलपुत्री नंदी बैल पर सवार संपूर्ण हिमालय पर विराजमान है। यह वृषभ वाहन शिव का ही स्वरूप है। घोर तपस्चर्या करने वाली शैलपुत्री समस्त वन्य जीव जंतुओं की रक्षक भी है। शैलपुत्री के दाहिने हाथ में त्रिशूल जो धर्म, अर्थ और मोक्ष के द्वारा संतुलन का प्रतीक है, शैलपुत्री के लक्ष्य को स्पष्ट रूप से प्रतिबिंबित करता है। बाएं हाथ में सुशोभित कमल-पुष्प कीचड़ यानी स्थूल जगत में रहकर उससे परे रहने का संकेत देता है। मनुष्य में प्रभु की अपार शक्ति समाहित है और शैलपुत्री उसका व्यक्त संकेत हैं। देह में यह शक्ति इस चक्र के आवरण में अपनी सक्रिय भूमिका का निर्वहन कर रही है।
*जय माता दी जी*🙏🙏

22/03/2023

हिंदू धर्म में नवरात्रि का बहुत बड़ा महत्व है. नवरात्रि के इस समय में 9 दिनों के लिए मां दुर्गा को अपने घर में स्थापित किया जाता है. मां दुर्गा के नाम की अखंड ज्योति रखी जाती है. इस दौरान लोग मां दुर्गा की विधि विधान से पूजा करते हैं. नवरात्रि के इस पर्व के दौरान 9 दिनों तक मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है. इस बार नवरात्रि का त्योहार 22 मार्च, बुधवार से शुरू होगा. नवरात्रि के पहले दिन में घटस्थापना की जाती है. तो आइए जानते हैं कि नवरात्रि घटस्थापना विधि क्या है और इसका शुभ मुहूर्त क्या है.

नवरात्रि घटस्थापना पूजा विधि (Navratri 2023,kaslash sthapana vidhi)

घट अर्थात मिट्टी का घड़ा. इसे नवरात्रि के पहले दिन शुभ मुहूर्त के हिसाब से स्थापित किया जाता है. घट को घर के ईशान कोण में स्थापित करना चाहिए. घट में पहले थोड़ी सी मिट्टी डालें और फिर जौ डालें. फिर इसका पूजन करें. जहां घट स्थापित करना है, उस स्थान को साफ करके वहां पर एक बार गंगा जल छिड़ककर उस जगह को शुद्ध कर लें. उसके बाद एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं. फिर मां दुर्गा की तस्वीर स्थापित करें या मूर्ति. अब एक तांबे के कलश में जल भरें और उसके ऊपरी भाग पर लाल मौली बांधें. उस कलश में सिक्का, अक्षत, सुपारी, लौंग का जोड़ा, दूर्वा घास डालें. अब कलश के ऊपर आम के पत्ते रखें और उस नारियल को लाल कपड़े से लपेटकर रखें. कलश के आसपास फल, मिठाई और प्रसाद रख दें. फिर कलश स्थापना पूरी करने के बाद मां की पूजा करें.

जय माता दी जी 🙏🙏मां वैष्णो सेवा समिति कैथल की ओर से 16 वार्षिक भंडारे में माताजी की चौकी का वैष्णो दरबार से सीधा प्रसारण...
30/12/2022

जय माता दी जी 🙏🙏
मां वैष्णो सेवा समिति कैथल की ओर से 16 वार्षिक भंडारे में माताजी की चौकी का वैष्णो दरबार से सीधा प्रसारण 30-12-2022
जय माता दी जी 🙏❤️

Neetu Chanchal -Mob-9812034747आप जी आनंद ले रहे हैं 16वां वार्षिक भण्डार...

22/12/2022

हर बार की तरह इस बार माँ वैष्णों सेवा समिति कैथल की ओर 16वा वार्षिक भण्डारा कटड़ा में लगाया जा रहा है सभी दानी सज्जनों से निवेदन की अपना सहयोग करे जय माता दी 🙏🏻🙏🏻

जय माता दी जी 🙏🙏
21/12/2022

जय माता दी जी 🙏🙏

26/09/2022

माता रानी वरदान ना देना हमें,
बस थोड़ा सा प्यार देना हमें,
तेरे चरणों में बीते ये जीवन सारा,
एक बस यही आशीर्वाद देना हमें
आप सभी को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं।
जय माता दी जी 🙏❤️

25/09/2022

हिंदू धर्म में नवरात्रि का बहुत बड़ा महत्व है. नवरात्रि के इस समय में 9 दिनों के लिए मां दुर्गा को अपने घर में स्थापित किया जाता है. मां दुर्गा के नाम की अखंड ज्योति रखी जाती है. इस दौरान लोग मां दुर्गा की विधि विधान से पूजा करते हैं. नवरात्रि के इस पर्व के दौरान 9 दिनों तक मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है. हिंदू पंचांग के अनुसार अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को शारदीय नवरात्रि का आरंभ होता है. इस बार नवरात्रि का त्योहार 26 सितंबर, सोमवार से शुरू होगा. नवरात्रि के पहले दिन में घटस्थापना की जाती है. तो आइए जानते हैं कि नवरात्रि घटस्थापना विधि क्या है और इसका शुभ मुहूर्त क्या है.

नवरात्रि घटस्थापना पूजा विधि (Navratri 2022, kaslash sthapana vidhi)

घट अर्थात मिट्टी का घड़ा. इसे नवरात्रि के पहले दिन शुभ मुहूर्त के हिसाब से स्थापित किया जाता है. घट को घर के ईशान कोण में स्थापित करना चाहिए. घट में पहले थोड़ी सी मिट्टी डालें और फिर जौ डालें. फिर इसका पूजन करें. जहां घट स्थापित करना है, उस स्थान को साफ करके वहां पर एक बार गंगा जल छिड़ककर उस जगह को शुद्ध कर लें. उसके बाद एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं. फिर मां दुर्गा की तस्वीर स्थापित करें या मूर्ति. अब एक तांबे के कलश में जल भरें और उसके ऊपरी भाग पर लाल मौली बांधें. उस कलश में सिक्का, अक्षत, सुपारी, लौंग का जोड़ा, दूर्वा घास डालें. अब कलश के ऊपर आम के पत्ते रखें और उस नारियल को लाल कपड़े से लपेटकर रखें. कलश के आसपास फल, मिठाई और प्रसाद रख दें. फिर कलश स्थापना पूरी करने के बाद मां की पूजा करें.

25/09/2022

माँ की ज्योति से नूर मिलता है सब के दिलों
को सुरूर मिलता है जो भी जाता है माँ के
द्वार कुछ न कुछ जरूर मिलता है.. 🙏
🙏🌺 जय माता दी जी 🌺🙏

24/06/2022

सबको जय माता दी जी 🙏🙏

सबको जय माता दी जी
16/06/2022

सबको जय माता दी जी

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