05/07/2020
*‼️'ॐ नमः शिवायः' ‼️*
*नमामीशमीशान निर्वाण रूपं, विभुं व्यापकं ब्रह्म वेदः स्वरूपम् ।*
*निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं, चिदाकाश माकाशवासं भजेऽहम् ॥*
*निराकार मोंकार मूलं तुरीयं, गिराज्ञान गोतीतमीशं गिरीशम् ।*
*करालं महाकाल कालं कृपालुं गुणागार संसार पारं नतोऽहम् ॥*
*तुषाराद्रि संकाश गौरं गभीरं, मनोभूत कोटि प्रभा श्री शरीरम् ।*
*स्फुरन्मौलि कल्लोलिनी चारू गंगा, लसद्भाल बालेन्दु कण्ठे भुजंगा॥*
*चलत्कुण्डलं शुभ्र नेत्रं विशालं, प्रसन्नाननं नीलकण्ठं दयालम् ।*
*मृगाधीश चर्माम्बरं मुण्डमालं, प्रिय शंकरं सर्वनाथं भजामि ॥*
*प्रचण्डं प्रकष्टं प्रगल्भं परेशं, अखण्डं अजं भानु कोटि प्रकाशम् ।*
*त्रयशूल निर्मूलनं शूल पाणिं, भजेऽहं भवानीपतिं भाव गम्यम् ॥*
*कलातीत कल्याण कल्पान्तकारी, सदा सच्चिनान्द दाता पुरारी।*
*चिदानन्द सन्दोह मोहापहारी, प्रसीद प्रसीद प्रभो मन्मथारी ॥*
*न यावद् उमानाथ पादारविन्दं, भजन्तीह लोके परे वा नराणाम् ।*
*न तावद् सुखं शांति सन्ताप नाशं, प्रसीद प्रभो सर्वं भूताधि वासं ॥*
*न जानामि योगं जपं नैव पूजा, न तोऽहम् सदा सर्वदा शम्भू तुभ्यम् ।*
*जरा जन्म दुःखौघ तातप्यमानं, प्रभोपाहि आपन्नामामीश शम्भो ॥**अज्ञान तिमिरान्धस्य ज्ञानाञ्जन शलाकया ।*
*चक्षुरुन्मीलितं येन तस्मै श्री गुरवे नमः ॥*
:- जिसने ज्ञानरूपी प्रकाश से, अज्ञानरुप अंधकार से अंधे हुए लोगों की आँखें खोली, उन गुरु-माता पिता, वन्धु बान्धव मित्र और उन सबको को नमस्कार जिन्होंने कभी न कभी अपने ज्ञान से मेरा मार्गदर्शन किया है।
*गुरुपूर्णिमा पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं*
*प्रणाम,05.07.2020*राम राम जी