30/01/2026
ये तस्वीर 1965 की है, जब भारतीय सेना के शेर डोगराई की लड़ाई जीतने के बाद लाहौर में हुक्का पी रहे थे।
डोगराई की लड़ाई 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण डोगराई गांव (लाहौर के पास) को कब्जे में लेना था। डोगराई गांव लाहौर के बहुत करीब स्थित था और वहाँ से लाहौर में प्रवेश किया जा सकता था। भारत के लिए यह क्षेत्र कब्जा करना एक बड़ी रणनीतिक जीत होती।
1965 में पाकिस्तान ने ऑपरेशन जिब्राल्टर के तहत कश्मीर में घुसपैठ की थी। भारत ने इसके जवाब में पंजाब फ्रंट पर हमला किया और डोगराई जैसे क्षेत्रों को निशाना बनाया। भारतीय सेना की 3 जैक राइफल यूनिट जिसके कमांडिंग ऑफिसर कर्नल डीएस थापा थे, ने डोगराई पर साहसिक हमला किया और उसे दो बार कब्जे में लिया था।
इसके बाद 1965 युद्ध के दौरान संयुक्त राष्ट्र ने हस्तक्षेप किया और ceasefire लागू करवाया।
भारत और पाकिस्तान के बीच यह समझौता हुआ जिसके तहत दोनों देशों को युद्ध से पहले की स्थिति pre war positions पर लौटना था।
इस कारण भारत को डोगराई और अन्य कब्जाए गए क्षेत्रों को छोड़ना पड़ा। भारत ने युद्ध में रणनीतिक बढ़त के बावजूद अंतरराष्ट्रीय दबाव में शांति बनाए रखने के लिए पीछे हटना स्वीकार किया।
कैंसर का ईलाज सर्जरी से होती है, सेना ने किया भी था, अफसोस राजनीतिक कमजोरी ने इस कैंसर को पुरे देश में कैंसर फैला दिया है। अब फिर से कुछ कुछ इच्छाशक्ति लौटी है, किन्तु उसे ओर मजबूत होने और करने की आवश्यकता है। Pakistan occupied kashmir हमारा है, China occupied kashmir हमारा है।