29/10/2025
🕉️ आर्य समाज के 150वें स्थापना दिवस पर दिल्ली में भव्य अंतरराष्ट्रीय आर्य महा सम्मेलन 🕉️
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देंगे प्रेरक उद्बोधन, देश-विदेश से हजारों आर्य प्रतिनिधि होंगे शामिल
कायमगंज। आर्य समाज की शिरोमणि संस्था सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के तत्वावधान में 30 अक्टूबर से 2 नवंबर तक देश की राजधानी दिल्ली में आर्य समाज के 150वें स्थापना दिवस के अवसर पर एक भव्य अंतरराष्ट्रीय आर्य महा सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी होंगे, जो इस अवसर पर प्रेरक उद्बोधन देंगे। सम्मेलन में गृहमंत्री श्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, तथा गुजरात के राज्यपाल कैप्टन देवव्रत आर्य सहित देश-विदेश के अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे।
इस अवसर पर विश्व के लगभग 40 देशों से आर्य समाज संगठन के प्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता भाग लेंगे। भारत के विभिन्न प्रान्तों से लाखों आर्य समाजी इस “ज्ञान महाकुंभ” का हिस्सा बनेंगे।
आर्य समाज कायमगंज से प्रधान डॉ. कुलदीप आर्य के नेतृत्व में 25 सदस्यीय दल कार्यक्रम में भाग लेगा। जिसमें प्रमुख रूप से अशोक अग्रवाल, ओमदत्त शर्मा, जय किशन गुप्ता आकाश पाल, राजाराम आर्य आकाश कट्टर हिन्दू सहित अनेक महिलाएं और युवा सम्मिलित हो रहे हैँ। आर्य समाज कायमगंज के पूर्व प्रधान श्री आलोक रस्तोगी और श्री संजय रस्तोगी ने दल के सदस्यों को अंगवस्त्र भेंट कर परिचय प्रदान पत्र किये।
यह सम्मेलन उस ऐतिहासिक क्षण का प्रतीक है जब एक ओर हम महान समाज सुधारक और चिंतक स्वामी दयानंद सरस्वती जी की 200वीं जयंती मना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनके द्वारा स्थापित संगठन आर्य समाज का 150वां स्थापना वर्ष भी मना रहे हैं।
आर्य समाज ने देश की आज़ादी से लेकर अनेक सामाजिक और धार्मिक आंदोलनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह सम्मेलन राष्ट्र को एकता, शिक्षा और सामाजिक सुधार के उस संदेश से जोड़ने का प्रयास करेगा, जो स्वामी दयानंद ने “कृण्वन्तो विश्वमार्यम्” के माध्यम से दिया था।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न गोष्ठियों, संगोष्ठियों और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से देश-विदेश के विद्वान और कार्यकर्ता प्रेरक संदेश देंगे।
विभिन्न गुरुकुलों के हजारों बालक- बालिकाओं द्वारा शौर्य प्रदर्शन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ इस आयोजन का मुख्य आकर्षण होंगी।
यह आयोजन न केवल आर्य समाज की गौरवशाली यात्रा का उत्सव है, बल्कि भारत के प्राचीन वैदिक गौरव को पुनर्स्थापित करने की प्रेरणा का भी प्रतीक बनेगा।