हमारे संत Gaur Brothers

हमारे संत Gaur Brothers हमारी भक्ति हमारी श्रद्धा~हमारे संत।

जिनका नाम आते ही मन में श्रद्धा और स्फूर्ति दोनों का संचार होता है।श्रद्धा इसलिये, क्योंकि उन्होंने भारत के नैतिक एवं जी...
12/01/2017

जिनका नाम आते ही मन में श्रद्धा और स्फूर्ति दोनों का संचार होता है।
श्रद्धा इसलिये, क्योंकि उन्होंने भारत के नैतिक एवं जीवन मूल्यों को विश्व के कोने-कोने तक पहुंचाया और स्फूर्ति इसलिये क्योंकि इन मूल्यों से जीवन को एक नई दिशा मिलती है।
●मेरे जैसे असंख्य युवाओं के आदर्श,पथप्रदर्शक *स्वामी विवेकानंद*को जन्मदिवस के अवसर पर नमन करता हूँ ।
एवम् आप सर्व श्री को युवा दिवस की शुभकामनाएँ !!

*ले चले हम राष्ट्र नौका को भँवर से पार कर*

जय श्री कृष्ण।दो साध्वियों का स्नेह मिलन।आप अपने क्षेत्र में किसी भी संत या साध्वी की कथा आयोजन करवाना चाहते है। कृपया स...
11/01/2017

जय श्री कृष्ण।
दो साध्वियों का स्नेह मिलन।
आप अपने क्षेत्र में किसी भी संत या साध्वी की कथा आयोजन करवाना चाहते है। कृपया संपर्क करे।
हमारे संत 9928833333
www.hamaresant.com

भक्तों और आयोजकों को सन्तों से जोड़ने के लिये एक सेतु का कार्य है हमारा~हमारे संत।कॉल 9928833333वेबसाइट www.hamaresant.co...
08/01/2017

भक्तों और आयोजकों को सन्तों से जोड़ने के लिये एक सेतु का कार्य है हमारा~हमारे संत।
कॉल 9928833333
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निराशा से आशा की और           जो चला गया उसे भूल जादोस्तों,     मृत्यु एक ऐसा अटल सत्य हैं, जो हर किसी के साथ आना हैं ...
08/01/2017

निराशा से आशा की और


जो चला गया उसे भूल जा

दोस्तों,

मृत्यु एक ऐसा अटल सत्य हैं, जो हर किसी के साथ आना हैं । फिर भी हम इससे भयभीत रहते हैं । कब, किस पल,कंहा,आ जाए ये सिर्फ ईश्वर ही जानता हैं । यदि हम मृत्यु को जीत ले तो शायद प्रकृति की सारी दिनचर्या गड़बड़ हो जायगी ।

हर पतझड़ के बाद सावन जरूर आता हैं, यदि एक जाता हैं तो एक जरूर आता हैं ये नियम अनवरत काल से चला आ रहा हैं । फिर जाने वाले का गम क्यों करते हैं हम ?

दोस्तों, ये सत्य हैं की जो हमारा आज था वो चला गया । पर उसका भी कंही ना कंही सृजन हुआ होगा। एक बीज पेड़ से गिरता हैं, फिर उग जाता हैं । फिर दोष किसे दे । मेरे एक मित्र के परिवार मै दुर्घटना हुई परिवार के कुछ सदस्यों की मौत हुई ।परिवार के कुछ सदस्य भगवान को कोसने लगे । क्या उचित हैं ये सब ? यदि भगवान सबको ही जीवित रखे तो क्या उसकी सत्ता चल पायेगी ? विचार करे? हमारे लिए हमारा परिवार और परिवार के हर सदस्य सर्वोपरि हैं, हम उनसे प्यार करते हैं । जब कोई एक भी बिछुड़ता हैं तो दुःख होता हैं, लेकिन क्या उसका गम हम जिंदगी भर पालते रहे ,उचित नही होगा ।

हँस कर जीना यही दस्तूर है ज़िंदगी का,
एक यही किस्सा मशहूर है ज़िंदगी का,
बीते हुए पल कभी लौटकर नहीं आते,

बस यही एक कसूर है ज़िंदगी का ?

दोस्तों, एक छोटी सी कहानी से जिंदगी की हकीकत समझ आ जायगी की जो चला गया उसे भूल जाओ, वो जन्हा हैं उसे खुश रहने दो, हां अगर कुछ करना चाहते हो तो बार बार रोओ मत , उसके अधूरे सपने को पूरा करो ।

भूत के बीज जब वर्तमान में बोये जाते हैं तो उनके वृक्ष भविष्य को भी ढँक देते हैं. . इसीलिये, यदि वो बीज कड़वे फल के हों तो उन्हें बोने से भी बचना चाहिये और संजोने से भी.मतलब जो पुरानी यादे हैं उन्हें दिमाग से हटा दीजिये । नया बीज सामने हैं ।

एक पिता अपनी चार वर्षीय बेटी कशिश से बहुत प्रेम करता था। ऑफिस से लौटते वक़्त वह रोज़ उसके लिए तरह-तरह के खिलौने और खाने-पीने की चीजें लाता था। बेटी भी अपने पिता से बहुत लगाव रखती थी और हमेशा अपनी तोतली आवाज़ में पापा-पापा कह कर पुकारा करती थी।

दिन अच्छे बीत रहे थे की अचानक एक दिन कशीश को बहुत तेज बुखार हुआ, सभी घबरा गए , वे दौड़े भागे डॉक्टर के पास गए , पर वहां ले जाते-ले जाते कशिश की मृत्यु हो गयी।

परिवार पे तो मानो पहाड़ ही टूट पड़ा और पिता की हालत तो मृत व्यक्ति के समान हो गयी। कशिश के जाने के हफ़्तों बाद भी वे ना किसी से बोलते ना बात करते…बस रोते ही रहते। यहाँ तक की उन्होंने ऑफिस जाना भी छोड़ दिया और घर से निकलना भी बंद कर दिया।

आस-पड़ोस के लोगों और नाते-रिश्तेदारों ने उन्हें समझाने की बहुत कोशिश की पर वे किसी की ना सुनते , उनके मुख से बस एक ही शब्द निकलता मेरी बेटी कशिश !

एक दिन ऐसे ही कशिश के बारे में सोचते-सोचते उनकी आँख लग गयी और उन्हें एक स्वप्न आया।

उन्होंने देखा कि स्वर्ग में सैकड़ों बच्चियां परी बन कर घूम रही हैं, सभी सफ़ेद पोशाकें पहने हुए हैं और हाथ में मोमबत्ती ले कर चल रही हैं। तभी उन्हें कशिश भी दिखाई दी।

उसे देखते ही पिता बोले , ” कशिश , मेरी प्यारी बच्ची , सभी परियों की मोमबत्तियां जल रही हैं, पर तुम्हारी बुझी क्यों हैं , तुम इसे जला क्यों नहीं लेती ?”

कशिश बोली, ” पापा, मैं तो बार-बार मोमबत्ती जलाती हूँ , पर आप इतना रोते हो कि आपके आंसुओं से मेरी मोमबत्ती बुझ जाती है….”

ये सुनते ही पिता की नींद टूट गयी। उन्हें अपनी गलती का अहसास हो गया , वे समझ गए की उनके इस तरह दुखी रहने से उनकी बेटी भी खुश नहीं रह सकती , और वह पुनः सामान्य जीवन की तरफ बढ़ने लगे।

मित्रों, किसी करीबी के जाने का ग़म शब्दों से बयान नहीं किया जा सकता। पर कहीं ना कहीं हमें अपने आप को मजबूत करना होता है और अपनी जिम्मेदारियों को निभाना होता है। और शायद ऐसा करना ही मरने वाले की आत्मा को शांति देता है। इसमें कोई संदेह नहीं कि जो हमसे प्रेम करते हैं वे हमे खुश ही देखना चाहते हैं , अपने जाने के बाद भी…!और अगर आप भी उनको खुश देखना चाहते हो तो आज के वर्तमान मै खुश रहकर अपनी और परिवार की साथ ही जो चला गया उसकी बची हुई सारी जिम्मेदारी को खुश होकर पूरा करो, शायद उसकी आत्मा पास रहकर प्रसन्न नही हुई हो, पर दूर रहकर ज्यादा खुश हो जायगी ।

दोस्तों, आज का लेख पढ़कर आपको भी संकल्प लेना चाहिये कि किसी की आत्मा को कैसे खुश कर सकते है इसका प्रयास करना चाहिये।
आप भी अपने अजीज की याद में भक्तिमय आयोजन रामकथा ,भागवतकथा,शिवपुराण,देवीभागवत,मायरा और भजन संध्या करवाकर खुशमय माहौल बनाये।
आपकी सेवा में हमारे संत संपर्क 9928833333

ईश्वर को धन्यवाद करने के लिये hamaresant se jude....भागवतकथा और रामकथा का आयोजन लाइव आदि के लिये संपर्क करे। 09928833333...
07/01/2017

ईश्वर को धन्यवाद करने के लिये hamaresant se jude....भागवतकथा और रामकथा का आयोजन लाइव आदि के लिये संपर्क करे। 09928833333
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ईश्वर पर विश्वास कभी खाली नहीं जाता...
जाड़े का दिन था और शाम होने को आई। आसमान में बादल छाए थे। एक नीम के पेड़ पर बहुत से कौए बैठे थे। वे सब बार-बार कांव-कांव कर रहे थे और एक-दूसरे से झगड़ भी रहे थे। इसी समय एक मैना आई और उसी पेड़ की एक डाल पर बैठ गई। मैना को देखते हुए कई कौए उस पर टूट पड़े। बेचारी मैना ने कहा- “बादल बहुत हैं इसीलिए आज अंधेरा हो गया है। मैं अपना घोंसला भूल गई हूँ। इसीलिए आज रात मुझे यहां बैठने दो।
“ कौओं ने कहा- “नहीं यह पेड़ हमारा है तू यहां से भाग जा।“ मैना बोली- “पेड़ तो सब ईश्वर के बनाए हुए हैं। इस सर्दी में यदि वर्षा पड़ी और ओले पड़े तो ईश्वर ही हमें बचा सकते हैं। मैं बहुत छोटी हूँ, तुम्हारी बहन हूँ, तुम लोग मुझ पर दया करो और मुझे भी यहां बैठने दो।“ कौओं ने कहा- “हमें तेरी जैसी बहन नहीं चाहिए। तू बहुत ईश्वर का नाम लेती है तो ईश्वर के भरोसे यहां से चली क्यों नहीं जाती। तू नहीं जाएगी तो हम सब तुझे मारेंगे।“ कौओं को कांव-कांव करके अपनी ओर झपटते देखकर बेचारी मैना वहां से उड़ गई और थोड़ी दूर जाकर एक आम के पेड़ पर बैठ गई।
रात को आंधी आई, बादल गरजे और बड़े-बड़े ओले बरसने लगे। कौए कांव-कांव करके चिल्लाए। इधर से उधर थोड़ा-बहुत उड़े परन्तु ओलों की मार से सबके सब घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। बहुत से कौए मर गए। मैना जिस आम पर बैठी थी उसकी एक डाली टूट कर गिर गई। डाल टूटने पर उसकी जड़ के पास पेड़ में एक खोंडर हो गया। छोटी मैना उसमें घुस गई और उसे एक भी ओला नहीं लगा। सवेरा हुआ और दो घड़ी चढऩे पर चमकीली धूप निकली। मैना खोंडर में से निकली पंख फैला कर चहक कर उसने भगवान को प्रणाम किया और उड़ी। पृथ्वी पर ओले से घायल पड़े हुए कौए ने मैना को उड़ते देख कर बड़े कष्ट से पूछा- “मैना बहन! तुम कहां रही तुम को ओलों की मार से किसने बचाया।
“ मैना बोली- “मैं आम के पेड़ पर अकेली बैठी भगवान से प्रार्थना करती रही और भगवान ने मेरी मदद की।“ दुख में पड़े असहाय जीव को ईश्वर के सिवाय कौन बचा सकता है। जो भी ईश्वर पर विश्वास करता है और ईश्वर को याद करता है, उसे ईश्वर सभी आपत्ति-विपत्ति में सहायता करते हैं और उसकी रक्षा करते हैं। ईश्वर के कृत्य अनोखे होते हैं। हमारे समझने में कमी हो सकती है, परंतु उनके करने में नहीं। -
जय श्री राम।

गुरु गोविन्द सिंह जयंती की शुभकामनाये।
05/01/2017

गुरु गोविन्द सिंह जयंती की शुभकामनाये।

क्या आप कथा आयोजन करवाना चाहते है?अपनी कथा को लाइव या टीवी पर दिखाना चाहते है?कथा की शूटिंग या एडिटिंग करवाना चाहते है?क...
04/01/2017

क्या आप कथा आयोजन करवाना चाहते है?
अपनी कथा को लाइव या टीवी पर दिखाना चाहते है?
कथा की शूटिंग या एडिटिंग करवाना चाहते है?
क्या आपका प्रमोशन करवाने का भाव है?
क्या आप संत और साध्वी है?
विदेश में कथा करना चाहते है?
आपके ट्रस्ट और संस्था का प्रोग्राम टीवी लाना है?
आपका उत्तर हाँ है।
कृपया संपर्क करे 9928833333
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हमारे संत। राष्ट्रीय प्रवक्ता। विदुषी। पूज्या शशि प्रभा जी के पावन सानिध्य और ओजमयी वाणी में भव्य रामकथा 6 जनवरी से मीरा...
03/01/2017

हमारे संत। राष्ट्रीय प्रवक्ता। विदुषी। पूज्या शशि प्रभा जी के पावन सानिध्य और ओजमयी वाणी में भव्य रामकथा 6 जनवरी से मीरारोड मुम्बई में।
पधारे। आयोजन करवाने लिये संपर्क करे 9928833333
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03/01/2017

धरती पर प्यार से तीन शब्दों की रचना हुयी है .......
(1)Boyfriend
(2)Girlfriend
(3)Family
किन्तु एक बात ध्यान देने वाली है कि
Boyfriend और
Girlfriend इन दो शब्दों के अन्तिम तीन अक्षर से बनता है "end" इसलिये ये सम्बन्ध एक दिन ख़त्म हो जाते हैं परन्तु तीसरा शब्द है Family, जिसके पहले तीन अक्षर से बनता है :
Fam=Father and mother आैर अन्तिम तीन अक्षर से :-
ily= i love you , अत: जिस शब्द का आरम्भ पिता एंव माता से और अन्त प्यार के साथ हो , वह शब्द सही मायने मे परिवार है...
कृपया जोइन्व करे www.hamaresant.com

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