05/04/2025
"नवरात्रि और अष्टमी का दिन जहाँ कन्या पूजन और कन्या भोजन का बहुत महत्व है, जो हमें कन्या का सम्मान और समर्पण सिखाता है। बिना कन्या के सृष्टि भी आगे नहीं बढ़ सकती।
कन्या की शक्ति, उसकी ताकत, सम्मान और आदर करना ही हम सनातनियों का धर्म और विश्वास है। नारी सदैव ही पूजनीय है।"