Narendra Vijaya "KALI Mandir", Harina, Jhanjharpur

Narendra Vijaya "KALI Mandir", Harina, Jhanjharpur श्री श्री 108 नरेंद्र विजया काली मंदिर, हरिणा गाँव में झंझारपुर-अँधराठाढी सड़क मार्ग पर अवस्थित है। continue....

जय माँ काली
======================================

{नरेंद्र विजया काली भगवती, अप्रतिम शौर्यक प्रतीक छैथ!}

नरेंद्र विजया काली मंदिर, हरिणा (झंझारपुर) क ऐतिहासिक तथ्य :-
1753 ई. मे कन्दर्पी - घाट (हरिणा) मे भयंकर युद्ध भेल छल! ई युद्ध मिथिला पर थोपल गेल छल!
कन्दर्पी - घाट युद्ध महासप्तमी सॅ महादशमी (4 अक्तूबर सॅ 7 अक्तूबर 1753 ई. ) तक "मिथिला" क यशस्वी राजा आ माँ काली के अनन्य भक्त मिथिलेश "नरेन

्द्र सिंह" क समय भेल छल! ओहि समय बिहार-बंगाल पर अलीवर्दी खान क शासन छल! मिथिलेश नरेन्द्र सिंह 1745 ई. मे बबर जंगक विद्रोह मे अलीवर्दीक जमाय हैबतजंगक पक्ष मे नरहन राजवंश क अजीतशाहक संग अनुपम वीरता देखोने छलाह आ एहि सॅ प्रसन्न भ' अलीवर्दी, मिथिला सॅ कर वसूली प्रायः शिथिल क' देने छलाह! 1748 ई. मे हैबतजंगक क़त्ल भेल आ मिथिला आ मिथिलेश क कोनो प्रिय पात्र पटना मे नहि रहल! 1752 ई. मे राजा रामनारायण बिहार क सूबेदार भेलाह! ओ मिथिला सॅ कर वसूली लेल किछु दूत पठेलनि! नरेन्द्र सिंह कहलनि जे हम "कर" युद्धक मैदान मे दैत छी! दूत सब एकरा बढ़ा-चढ़ा के कहलकै आ भिखारी महथाक नेतृत्व मे मिथिला पर 5 हजारक (5000) सेना आक्रमण कयलक! मिथिलेश नरेन्द्र सिंह क नेतृत्व मे आम मैथिल जाति धर्म सॅ ऊपर उठि युद्ध मे भाग लेलक आ मातृभूमि क बलिवेदी पर शीशोत्सर्ग क' "विजयश्री" क वरण कयलक!!
कहल जाइत अछि जे एहि भयंकर युद्ध मे वीरगति प्राप्त सैनिक आ आमजन क संस्कारक समस्या - समाधान हेतु सभक यज्ञोपवीत (जनेऊ) उतारि, ओकरे प्रतीकात्मक संस्कार क' सोझराओल गेल! जोखला पर ओ "74 सेर" (जनेऊ) भेल छल! 1915 ई. तक मैथिल लोकनि, अपन गोपनीय पत्र पर 74 लिखि दैत छलाह, जेकर अभिप्राय छल जे पत्रादेशीक अतिरिक्त जॅ दोसर क्यो पत्र पढलनि त' हुनका ओतेक "ब्रह्म-हत्या" क पाप लागत जते "जनेऊधारी" कन्दर्पी युद्ध मे मारल गेल छलाह! एहि युद्ध मे "वीर कुंवर सिंह" क पितामह "उमराव सिंह" मिथिला क आसन्न पराजय कें अपन बलिदान क रक्त सॅ विजय तिलक मे परिणत कयने छलाह! उत्तरोत्तर, दरभंगा महाराज राजर्षि रामेश्वर सिंह जी के द्वारा अही रणभूमि में "नरेंद्र विजया काली" के नाम से भव्य मंदिर केर स्थापना कैल गेल, जे कालांतर में "कमला-बलान" नदी के बहाव में 1965 ई. म' क्षतिग्रस्त भ' गेल! तदुपरांत, हरिणा ग्रामवासी द्वारा मंदिर के पुनर्निर्माण कैल गेल अछि, जे "माँ भगवती के प्रताप आ अपन उत्कृष्टता" क लेल समूचा क्षेत्र मे सुविख्यात अछि! संगे, हरिणा गाँव में युद्ध म' वीरगति के प्राप्त समस्त "अमर शहीद" के याद म' "मिथिला विजय स्तम्भ" केर निर्माण केल गेल अछि, जे वंदनीय और दर्शनीय अछि!
जय मिथिला! जय मैथिली!! जय अमर शहीद!!!
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

HISTORY of NARENDRA VIJAYA KALI MANDIR, HARINA, JHANJHARPUR

HISTORICAL FACTS :-
In the year 1753, a battle known as Battle of KANDARPI--GHAT (HARINA) took place on 5,6,7 October between the armies of MITHILA--NARESH(KING) ''NARENDRA SINGH'' and ALIWARDI KHAN (led by BHIKHARI MEHTHA). This war was horrible.The war started on the day of MAHA-ASTMI (5th oct. 1753).Initially the SHAHI SENA ( THE ARMIES OF BHIKHARI MEHTHA & ALIWARDI KHAN) was leading, then MITHILESH--NARENDRA SINGH on his elephant ''GAJENDRA'' took the field personally on MAHADASMI (7th oct.). After knowing this fact, the common MAITHILS of this locality, irrespective of caste and religion came to the field and fought for their MOTHERLAND--MITHILA. Thousands of sacrified their lives for the glory and prestige of MITHILA. The ''GAJENDRA'' of MITHILESH ( THE KING--NARENDRA SINGH) was killed and one of his commanders UMRAO SINGH sacrified life on the Balivedi of his motherland after killing his counterpart SALAWT ROY & others. During that period MITHILESH--NARENDRA SINGH prayed to '''MAA MAHAKALI''' (The Divine Mother) for his victory & also promised to that after his victory he will must build MAA'S ( MOTHER KALI ) glorious temple at this RANBHUMI ( Battle--Place). After a debacle in shahi sena Bhikhari Mehtha with his rest army fled away. And MITHILA WON THE WAR. 74 ser JENAU ( mixed wth blood of martyrs and sand) were weighed. This digit 74 was used by MAITHILS on their confidential letters. It was assumed that if someone , other than he addressee reads the letter marked 74, the reader will be charged with the sin of that number of Brahm--Hatya , those were killed in this great war.

06/03/2026

||ॐ||🔯🌺जय माँ हरिणारणधारिणी🌺🔯||ॐ||










06/02/2026

||ॐ||🔯🌺जय माँ हरिणारणधारिणी🌺🔯||ॐ||

🙏सच्चे दरबार की जय🙏










12/01/2026

🚩🕉️🌺🔯जय माँ हरिणारणधारिणी🔯🌺🕉️🚩

🙏🙏🙏🙏🙏

20/12/2025
20/10/2025

🚩🕉️🌺🔯जय माँ हरिणारणधारिणी🔯🌺🕉️🚩

🙏🙏🙏🪔🪔🙏🙏🙏

20/10/2025

||ॐ||🔯🌺जय माँ हरिणारणधारिणी🌺🔯||ॐ||

आप सभी को माँ काली-पूजा और दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ!

माँ काली की कृपा और आशीर्वाद से आपका जीवन सुख, समृद्धि और खुशियों से भर जाए। दिवाली की रोशनी से आपके जीवन में उजाला और सकारात्मकता आये।

✨🪔🪔🙏सच्चे दरबार की जय🙏🪔🪔✨


25/05/2025

||ॐ||🌺जय माँ हरिणारणधारिणी🌺||ॐ||

🙏सच्चे दरबार की जय🙏

Address

Harina
Jhanjharpur
847404

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Narendra Vijaya "KALI Mandir", Harina, Jhanjharpur posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Place Of Worship

Send a message to Narendra Vijaya "KALI Mandir", Harina, Jhanjharpur:

Share

Category