देवांचल धाम देव बड़ला बिलपान

  • Home
  • India
  • Jawar
  • देवांचल धाम देव बड़ला बिलपान

देवांचल धाम देव बड़ला बिलपान Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from देवांचल धाम देव बड़ला बिलपान, Religious organisation, Jawar.

30/08/2026
27/08/2026

तपोभूमि देव बड़ला मे इस वर्ष के श्रावण मास की आखिरी कावड़ यात्रा
हर हर हर महादेव

*तपोभूमि देव बड़ला मे श्रवण मास के चतुर्थ सोमवार पर उमड़ा श्रद्धा का शेलाब*मां नेवज नदी के उद्गम स्थल व पुरातत्विक धरोहर...
25/08/2026

*तपोभूमि देव बड़ला मे श्रवण मास के चतुर्थ सोमवार पर उमड़ा श्रद्धा का शेलाब*
मां नेवज नदी के उद्गम स्थल व पुरातत्विक धरोहर देवांचल धाम देव बड़ला बीलपान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री ओंकार सिंह भगतजी ने बताया
शिव तत्व विचार जीवन में काम पर विजय प्राप्त करना अति कठिन है। भगवान शिव इसलिये भी देवों के देव महादेव हैं क्योंकि उन्होंने अपने जीवन में काम को भस्म किया है। अधिकतर देव काम के अधीन हैं पर भगवान शिव राम के अधीन हैं। भगवान महादेव के जीवन में वासना नहीं, उपासना है। शिव पूर्ण काम हैं, तृप्त काम हैं। काम का अर्थ केवल वासना ही नहीं अपितु कामना भी है।
देव बड़ला स्मारक इंचार्ज कुंवर विजेंद्र सिंह भाटी ने कहा देवाधिदेव महादेव भूत भावन भगवान शंकर की आराधना का पर्व साधना आस्था श्रद्धा विश्वास का पवित्र श्रावण मास भगवान शिव को अतिप्रिय है भगवान महादेव ने सभी प्रकार की कामनाओं, इच्छाओं और वासनाओं को नष्ट किया है। शिवजी के जीवन में कोई लोभ नहीं केवल राम दर्शन, राम कथा श्रवण और राम नाम गायन ही उनकी कामना है। भगवान शिव बहिर्मुखी नहीं, अंतर्मुखी रहते हैं। अंतर्मुखी रहने वाला साधक ही शांत, प्रसन्नचित्त, परमार्थी, सम्मान की इच्छा से मुक्त, क्षमावान और लोक मंगल के शिव संकल्पों को पूर्ण करने की सामर्थ्य रखता है..
शिवपुराण में उल्लेख है कि भगवान शिव स्वयं ही जल हैं। इसलिए जल से उनकी अभिषेक के रूप में अराधना का उत्तमोत्तम फल है जिसमें कोई संशय नहीं है।
शास्त्रों में वर्णित है कि सावन महीने में भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं। इसलिए ये समय भक्तों, साधु-संतों सभी के लिए अमूल्य होता है। यह चार महीनों में होने वाला एक वैदिक यज्ञ है, जो एक प्रकार का पौराणिक व्रत है, जिसे 'चौमासा' भी कहा जाता है; तत्पश्चात सृष्टि के संचालन का उत्तरदायित्व भगवान शिव ग्रहण करते हैं। इसलिए सावन के प्रधान देवता भगवान शिव बन जाते हैं। श्रावण मास के चतुर्थ सोमवार के शुभ अवसर पर बड़ी संख्या में बाबा विलवैश्वर महादेव का जल अभिषेक किया सुबह से शाम तक भक्तों का तांता लगा रहा हूं अनेक ग्रामों से कावड़ यात्री बाबा को जिला कंकर क्षेत्र की सुख शांति एवं समृद्धि के लिए मंगल कामनाएं की एक महा से देव बड़ला की पहाड़ियां हर हर महादेव के नारों से गूंज रही है इस बार सबसे अधिक भीड़ रही भक्तों की विंध्याचल पर्वत की नाभि स्थल पर बसा देव बड़ला क्षेत्र की सबसे बड़ी व प्राचीन धारोह है लेकिन 24 घंटे वाली बिजली सुलभ शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं से आज भी वंचित है यहां आने वाले भक्तों को परेशानी का सामना करना पड़ता है खास करके महिलाओं को ज्यादा समस्या आती है

कुंवर विजेन्द्र सिंह भाटी ठी.बीलपान
सम्पर्क सूत्र 9301313982

24/08/2026

*तपोभूमि देव बड़ला मे श्रवण मास के चतुर्थ सोमवार पर उमड़ा श्रद्धा का शेलाब*

*तपोभूमि देव बड़ला मे उपसंचालक पुरातत्व कि टीम ने किया निरीक्षण*मां नेवज नदी के उद्गम स्थल व पुरातत्विक धरोहर देवांचल धा...
23/08/2026

*तपोभूमि देव बड़ला मे उपसंचालक पुरातत्व कि टीम ने किया निरीक्षण*

मां नेवज नदी के उद्गम स्थल व पुरातत्विक धरोहर देवांचल धाम देव बड़ला बीलपान में पुरातत्व विभाग के अधिकारी लगातार दस्तक दे रहे हैं मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री ओंकार सिंह भगतजी ने कहा पिछले दो वर्षों से देव बड़ला का काम रुका हुआ है लेकिन अभी दो महीने से लगातार अधिकारियों का आना-जाना लगा हुआ है पुनः काम शुरू होने की संभावना है
*देव बड़ला स्मारक इंचार्ज कुंवर विजेंद्र सिंह भाटी* ने बताया देव बड़ला पुरातत्व विभाग कि बहुत बड़ी व महत्वपूर्ण धरोहर है यहां पर शीघ्र ही काम चालू किया जाएगा आयुक्त पुरातत्व श्री मदन कुमार जी के निर्देश पर देव बड़ला मे रुके हुए काम को जल्द ही गति देने के लिए पुरातत्व विभाग के अधिकारी आए दिन यहां का अवलोकन कर आगे की कार्य योजना तैयार कर रहे हैं इसी तारतंभ में ओपी कतिया उपसंचालक वित्त विभाग पुरातत्व भोपाल व टीम के अधिकारीयों द्वारा देव बड़ला का अवलोकन कर रुके हुए कम को गति देने के लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है *पुरातन अधिकारी डॉ. रमेश यादव जी* के अनुसार देव बड़ला स्मारक की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बाउंड्री वाल कर गेट लगाना एवं 24 घंटे वाली बिजली सीसीटीवी कैमरे आदि कार्य अनिवार्य है
*पुरातन अधिकारी योगेश पाल जी* ने कहा डीपीआर तैयार हो रहा है शीघ्र रुके हुए काम को पुन शुरू किया जाएगा जिसमें बाउंड्री वॉल दोनों तरफ गेट आगे की खुदाई व अन्य काम किए जाएंगे

22/08/2026

*तपोभूमि देव बड़ला मे उपसंचालक पुरातत्व कि टीम ने किया निरीक्षण*

22/08/2026

*तपोभूमि देव बड़ला मे उपसंचालक पुरातत्व कि टीम ने किया निरीक्षण*

मां नेवज नदी के उद्गम स्थल व पुरातत्विक धरोहर देवांचल धाम देव बड़ला बीलपान में पुरातत्व विभाग के अधिकारी लगातार दस्तक दे रहे हैं मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री ओंकार सिंह भगतजी ने कहा पिछले दो वर्षों से देव बड़ला का काम रुका हुआ है लेकिन अभी दो महीने से लगातार अधिकारियों का आना-जाना लगा हुआ है पुनः काम शुरू होने की संभावना है
*देव बड़ला स्मारक इंचार्ज कुंवर विजेंद्र सिंह भाटी* ने बताया देव बड़ला पुरातत्व विभाग कि बहुत बड़ी व महत्वपूर्ण धरोहर है यहां पर शीघ्र ही काम चालू किया जाएगा आयुक्त पुरातत्व श्री मदन कुमार जी के निर्देश पर देव बड़ला मे रुके हुए काम को जल्द ही गति देने के लिए पुरातत्व विभाग के अधिकारी आए दिन यहां का अवलोकन कर आगे की कार्य योजना तैयार कर रहे हैं इसी तारतंभ में ओपी कतिया उपसंचालक वित्त विभाग पुरातत्व भोपाल व टीम के अधिकारीयों द्वारा देव बड़ला का अवलोकन कर रुके हुए कम को गति देने के लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है *पुरातन अधिकारी डॉ. रमेश यादव जी* के अनुसार देव बड़ला स्मारक की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बाउंड्री वाल कर गेट लगाना एवं 24 घंटे वाली बिजली सीसीटीवी कैमरे आदि कार्य अनिवार्य है
*पुरातन अधिकारी योगेश पाल जी* ने कहा डीपीआर तैयार हो रहा है शीघ्र रुके हुए काम को पुन शुरू किया जाएगा जिसमें बाउंड्री वॉल दोनों तरफ गेट आगे की खुदाई व अन्य काम किए जाएंगे

हर हर हर महादेव
19/08/2026

हर हर हर महादेव

Address

Jawar
466118

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when देवांचल धाम देव बड़ला बिलपान posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share