संत ईश्वर शिक्षा समिति : संत ईस्वर शिक्षा समिति श्री कपिल खन्ना और श्रीमती भारती खन्ना द्धारा निर्मित संस्था है! इस संस्था की स्थापना १२ मार्च, २०१५ को ९२/९, त्रिकुटा नगर , जम्मू-१८००१२ में हुआ था! संत ईश्वर शिक्षा समिति का मुख़्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में शिक्षा को उच्च्य दर्जे में खड़ा करना है इसके लिए संत ईश्वर भारतीय विद्द्या मंदिर स्कूल की स्थापना किया गया है! जो उधमपुर
गांव बल्लियां (नैनसु) जम्मू में स्थिति है! हम बच्चों को उनकी प्रतिभा के अनुसार उन्हें उच्च्य शिक्षा प्राप्त करने में उनका सहयोग करते है, और उन्हें समय समय पर छात्रवृति भी प्रदान करते है! हमारा उद्देश्य उन गरीब बच्चों को जो शिक्षा से उंचित है, उन्हें स्कूल भेजना है! जो आगे चल कर अपना भविष्य सवांर सकें!
संत ईश्वर शिक्षा समिति के कार्य क्षेत्र :
(१) वनवाशी क्षेत्र
(२) ग्रामीण क्षेत्र
(३) महिला एवम बाल विकाश
(१) वनवाशी क्षेत्र : भारत की ६.८ प्रतिसत जनसंख्या ऐसे विभिन्न ६४३ कविलों में रहती है ! इन वनवाशियों को गरीबी, बीमारी, शोषण , अशिक्षा, ऋण , दासता, बेरोजगारी एवम बेरोजगारी एवम पिछड़ेपन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है! हमारा लक्ष्य इन्हें शिक्षित और स्वालंबी बनाना है ! इनके लिए अस्पताल , रोजगार इत्यादी की व्यवस्था करने के लिए हमेशा प्रयत्नशील है! (२) ग्रामीण क्षेत्र : देश की ७० प्रतिसत जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्र में निवास करती है और कृषि पर आधारित है ! ग्रामीण क्षेत्र , कृषि एवम सम्बंधित गतिविधियों का विकास देश का आर्थिक विकास करने हेतु परमावश्यक है! (३) महिला एवम बाल विकाश : शताब्दियों में भारतवर्ष की महिलाओं का स्तर बिशाल परिवर्तन का विषय रहा है ! देवी के रूप में प्रतिष्ठित होने से लेकर आज के वातावरण में हिंसा , बलात्कार , तेज़ाब , दहेज़ हत्या का शिकार होने के है ! यह भी सर्वविदित सत्य है की महिला एवम बाल विकास के दूसरे पर निर्भर है ! महिलाओं को समाज में सम्मान दिलाना उन्हें आत्म निर्भर बनाना हमारा लक्ष्य है !
विशेष योगदान : कला, साहित्य, शोध , स्वावलंबन इत्यादि से हमारा राष्ट्र सांस्कृतिक रूप से विभिन्नताओं से भरा है ! विभिन्न क्षेत्रो में कार्य कर रहे व्यक्तियों के योगदान को मान्यता एवम सम्मान देने का विषय बिचारणीय है ! यह सम्मान केवल समारोह आयोजित करने के उद्देश्य से नही परन्तु अपने अनुभओं एवम कार्यों द्वारा विभिन्न क्षेत्रो में उदहारण प्रस्तुत करने वालों को मंच प्रदान करने हेतु दिया जा रहा है !