Shri Pathmeda Godham Mahatirth

Shri Pathmeda Godham Mahatirth Cow Protection, service to humanity, service to all living beings, Protect living beings from cruelty or atrocities, provide Healthcare & Nutrition.

Shree Godham Mahatirth Anandvan Pathmeda is the world’s largest and biggest gaushala in Sanchore Distt:Jalore (Rajasthan). In 1993 a national creative Gosewa (service of cows) compaign was started from this very place to protect the descendants of Kamdhenu, kapila and surbhi cows from atrocity which had been occurring for twelve centuries.The campaign was started by "Param Bhagvat Gorishi Srahdey

Swami Sri Duttsharnanandji Maharaj" with eight ‘8’ Indian cows. Cows that are malnourished, lame, blind, suffering from diseases and set free from butchers are being served here in this pilgrimage!. Also the cow breeds are improved and made self-sufficient so that these mother cows(gomata) can be gifted to the Go-bhakta farmers(their permanent homes). From ‘8’ mother cows in 1993 ,the number has increased to ‘1,50,000’ in 2012.Besides that thousands of improved cow breeds are sent to their permanent homes(farmers) every year. Anandvan pathmeda is the holy and pleasant land of India which was selected for grazing and wandering place for milk giving, courageous, gentle and Brahmswaroopa cows by lord Krishna while he was going to Dwarika from Kurukshetra. The Anandvan is the lovely junction of cows rearing folk culture of Marwar, Kathiawad and Tharparker as well as the holy confluence of underground flowing river Sarswati, Sindhu, flowing in Kachh and Savitry which was the place of worship of lord Krishna destroyer of sins of many births, the great teacher Duttatrey and Kamdhenu (the cow which fulfill all the desires.) Thousands of cows are being killed everyday. This activity is distructive (ruinous) and a great sin. It is against the justice of nature. And painful for the whole universe. The National Kamdhenu Kalyan Parishad Godham Mahatirth Pathmeda was originated by the affliction of these pains in the heart of the saints.There is no place for personalism, sectarianism and political parties in this institution. Go-sewa, service to humanity, service to all living beings, Protect living beings from cruelty or atrocities, provide shelter, generate employment, protect environment, provide Healthcare & Nutrition. Establishing Shelters,Hospital,Education Centre, to Procure Fodder, Feed , Medicines, Treatment/Healthcare, Breeding Farms for Cows, Rural Development, Propagation, Promotion & Research of Panchgavya. Pathmeda Godham is world Largest Goshala. For Donation:-
A/C Name : Shree Gopal Govardhan Goshala, Pathmeda
BOB-29450100007739, IFSC-BARBOSANCHO
SBI-31187795707, IFSC-SBIN0011308
SBBJ-51055523971, IFSC-SBBJ0010184
**आयकर आयुक्त द्वितीय जोधपुर के आदेष क्रमांक आ.आ.- द्वितीय जी./ 2010/11 1480 दिनांक 16.9.2010 के द्वारा गोपाल गोवर्धन गोषाला,पथमेड़ा,जालोर पेन न. AAATG0739J को देय दान आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80 ळ के अन्तर्गत छूट योग्य।

सम्पत् सरस्वती सत्यं सन्तानं सदनुग्रहः ।सत्ता सुकृतसम्भारः सकाराः सप्त दुर्लभाः ।।२३।। (सु.र.भा.- १५६/१५०)इस संसार में स...
12/12/2021

सम्पत् सरस्वती सत्यं सन्तानं सदनुग्रहः ।
सत्ता सुकृतसम्भारः सकाराः सप्त दुर्लभाः ।।२३।। (सु.र.भा.- १५६/१५०)

इस संसार में स-अक्षर से प्रारम्भ होने वाली सात वस्तुएँ दुर्लभ हैं ।
१. सम्पत्ति २. सरस्वती अर्थात् विद्या ३. सत्य ४. सन्तान की प्राप्ति ५. सत्पुरुषों की कृपा ६. सत्ता अर्थात् किसी प्राशासनिक पद की प्राप्ति और ७. सत्कर्मों का संग्रह ।

 #जयगोमाता  #जयगोपाल श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के संस्थापक श्रद्धेय गोऋषि स्वामी श्री दत्तशरणानंदजी महाराज द्वारा स्था...
04/11/2020

#जयगोमाता #जयगोपाल
श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के संस्थापक श्रद्धेय गोऋषि स्वामी श्री दत्तशरणानंदजी महाराज द्वारा स्थापित एवं संचालित गोसेवा प्रकल्पों में गोसंवर्धन एक महत्वपूर्ण कार्य है जिस पर अनवरत काम किया जा रहा है।
गोसंवर्धन कार्य में सहयोग हेतु संपर्क करें :-
7742093179, 7665059999, 7073000151

11 से 17 जून 2019 पर्यन्त श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा रजत जयन्ती समारोह के मंगलमय अवसर पर   #श्री  #श्यामसुन्दरजी  #पाराश...
03/06/2019

11 से 17 जून 2019 पर्यन्त श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा रजत जयन्ती समारोह के मंगलमय अवसर पर #श्री #श्यामसुन्दरजी #पाराशर के श्रीमुख से #श्री #वेदलक्षणा #गोमहिमा #सत्संग #सप्ताह का दिव्य आयोजन श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के आनन्दवन परिसर में संपादित होने जा रहा है, आपश्री सादर आमंत्रित है #अवश्य #पधारें।

गौ माता जिस जगह खडी रहकर आनंद पूर्वक चैन की सांस लेती है वहाँ वास्तु दोष समाप्त हो जाते हैं ।
15/04/2019

गौ माता जिस जगह खडी रहकर आनंद पूर्वक चैन की सांस लेती है वहाँ वास्तु दोष समाप्त हो जाते हैं ।

चरकसंहिता अनुसार स्वादु शीतं मृदु स्निग्धं बहलं श्लक्ष्णपिच्छलम् ।गुरु मन्दं प्रसन्नं च गव्यं दशगुणं पय: ।।गौ दुग्ध के द...
03/04/2019

चरकसंहिता अनुसार

स्वादु शीतं मृदु स्निग्धं बहलं श्लक्ष्णपिच्छलम् ।
गुरु मन्दं प्रसन्नं च गव्यं दशगुणं पय: ।।

गौ दुग्ध के दस गुण बताये गये हैं - स्वादिष्ट , शीतल , कोमल , चिकना , गाढ़ा , सौम्य , लसदार , भारी , बाहरी प्रभाव को विलम्ब से ग्रहण करने वाला तथा मन को प्रसन्न करने वाला होता है ।

धर्म का जन्म गाय से है; क्योंकि धर्म वृषभरूप है और गाय के पुत्र को ही वृषभ कहा जाता है। नीलवृषभ के रूप में स्वयं धर्म प्...
02/04/2019

धर्म का जन्म गाय से है; क्योंकि धर्म वृषभरूप है और गाय के पुत्र को ही वृषभ कहा जाता है। नीलवृषभ के रूप में स्वयं धर्म प्रकट हुए हैं।

भगवान के प्रसादस्वरूप अमृतरूपी गोदुग्ध का पान कर मानव ही नहीं अपितु देवगण भी तृप्त होते हैं। इसीलिए गोदुग्ध को ‘अमृत’ कह...
05/02/2019

भगवान के प्रसादस्वरूप अमृतरूपी गोदुग्ध का पान कर मानव ही नहीं अपितु देवगण भी तृप्त होते हैं। इसीलिए गोदुग्ध को ‘अमृत’ कहा जाता है। गौएं विकाररहित दिव्य अमृत धारण करती हैं और दुहने पर अमृत ही देती हैं। वे अमृत का खजाना हैं। सभी देवता गोमाता के अमृतरूपी गोदुग्ध का पान करने के लिए गोमाता के शरीर में सदैव निवास करते हैं।

25/01/2019

वन्दे गौ मातरम् !

 #गौ को  #त्यागमूर्ति कहा गया है; क्योंकि उसके सभी अंग-प्रत्यंग दूसरे के उपयोग में आते हैं। इस महागुण से गौ ‘सर्वोत्तम म...
24/12/2018

#गौ को #त्यागमूर्ति कहा गया है; क्योंकि उसके सभी अंग-प्रत्यंग दूसरे के उपयोग में आते हैं। इस महागुण से गौ ‘सर्वोत्तम माता’ कही गयी है।

 #श्रुति का वचन है–‘मा गामनागामदितिं वधिष्ट।’ (ऋक्संहिता ८।१०१।१५)। इसका अर्थ है कि गाय निरपराधिनी है, निर्दोष है तथा पी...
19/12/2018

#श्रुति का वचन है–‘मा गामनागामदितिं वधिष्ट।’ (ऋक्संहिता ८।१०१।१५)। इसका अर्थ है कि गाय निरपराधिनी है, निर्दोष है तथा पीड़ा पहुंचाने योग्य नहीं है और अखण्डनीय है। अत: इसकी किसी भी प्रकार हिंसा न करो, तनिक भी कष्ट न पहुंचाओ। गाय सदा पूजनीय है

 #महर्षि_पाराशर के अनुसार ब्रह्माजी ने एक ही कुल के दो भाग कर दिए–एक भाग गाय और एक भाग ब्राह्मण। ब्राह्मणों में मन्त्र प...
17/12/2018

#महर्षि_पाराशर के अनुसार ब्रह्माजी ने एक ही कुल के दो भाग कर दिए–एक भाग गाय और एक भाग ब्राह्मण। ब्राह्मणों में मन्त्र प्रतिष्ठित हैं और गायों में हविष्य प्रतिष्ठित है। अत: गायों से ही सारे यज्ञों की प्रतिष्ठा है।

~ गाय के दोहे ~होता है जिस का हृदय, दया-प्रेम का धामउस को देते हैं किशन, गौशाला का कामऋषि-मुनियों ने सूत से, पूछा - क्या...
16/12/2018

~ गाय के दोहे ~
होता है जिस का हृदय, दया-प्रेम का धाम
उस को देते हैं किशन, गौशाला का काम

ऋषि-मुनियों ने सूत से, पूछा - क्या है श्रेष्ठ
फ़ौरन बोले सूत जी, गौ सेवा है श्रेष्ठ

कौन काम लाभार्थ है कौन काम परमार्थ
गौ-पालन लाभार्थ है, गौ-सेवा परमार्थ

उस माँ को शत-शत नमन, वन्दन बारम्बार
गौ सेवा करता रहे, जिस का घर-परिवार

ऐसे मनुआ श्रेष्ठ हैं, उन को कहो कुलीन
रहते हैं जो हर घड़ी गौ सेवा में लीन

इक दिन बस यूँ ही किया, हम ने गूगल सर्च
शौक़-मौज़ से कम लगा, एक गाय का खर्च

यदि चहरे पर चाहिये, रूप और लालित्य
दही, दूध, गौ-मूत्र का, सेवन करिये नित्य

सीधे दिल तक जायगी अमरित रस की धार
गैया के थन से कभी होंठ लगा तो यार

खान साब! ये हम नहीं, कहती है कुरआन
गौमाता के पेट में है दौलत की खान

समझा है यूनान ने, लगा-लगा कर जोड़
खाओगे गौ-माँस तो, बढ़ सकती है कोढ़

इंगलिश में पढ़ कर मुझे, ज्ञात हुआ ये ज्ञान
गौ गोबर अरु सींग से, फ़स्ल बने गुणवान

एक बार यदि मान लें, मार्टिन का प्रारूप
गौ-गोबर से, तेल के, भर सकते हैं, कूप

अमरीका, इङ्ग्लेंड भी, करने लगे बखान
अब तो गौ के दूध की महिमा को पहिचान

कोई भी संसार में, करता नहीं विरोध
अपना आयुर्वेद है, युगों युगों का शोध

चलो यहीं पे रोक दें, ये पगलौट जुनून
एलोपैथिक मेडिसिन, देती नहीं सुकून

अगर गाय की पीठ पर, फेरे कोई हाथ
हो सकता है छोड़ दे, बी. पी. उस का साथ

गैया खाये साल में जितने का आहार
उस से दस गुण मोल के देती है उपहार

बछिया होती है अगर, मिलें दूध के दाम
बछड़ा भी हो जाय तो, करे खेत का काम

दुद्दू पी कर, भेंस के - पड्डा जी अलसात
लेकिन बछड़ा गाय का, करता है उत्पात

यदि पैसे ही से तुझे, समझ पड़े है मोल
तो भैया फिर दूध से, मट्ठा तक तू तोल

साभार ~ Navin C. Chaturvedi

Address

Pathmeda
Jalore
343041

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Shri Pathmeda Godham Mahatirth posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Place Of Worship

Send a message to Shri Pathmeda Godham Mahatirth:

Share