17/08/2026
#सच्ची_खबर
#ईमानदारी
#सन्त_रामपाल_जी_महाराज
सन्त रामपाल जी महाराज जी के शिष्य एवं शिष्याएं ईमानदारी और मानवीय गुणों में नम्बर एक है। सतगुरु जी की शिष्या भक्तमति श्रीमती उमा सेन पत्नी श्री बजरंग दास जी पुत्री श्री अरुण जी सेन JDVVNL यानी बिजली विभाग पाली में टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत है। प्रतिदिन की भांति आप दोपहर के लंच के समय अपने कार्य क्षेत्र से बाहर आई तब आपने देखा कि आपकी स्कूटी पर एक बैग पड़ा था। आस पास में पूछा तो मालिक का पता नही चला। आपको महसूस हुआ कि इसमें कोई संदेहास्पद वस्तु हो सकती है। आपने चैन खोलकर देखा तो उसमें चार पांच लाख रुपए पाए गए। आपने यह बैग अपने अधिकारी AEn सहायक अभियंता श्री सुमित बोहरा जी को सौंप दिया। कुछ घंटे बाद एक औरत घबराई हुई आई रोते हुए अपनी दास्तां सुनाई। उस रुपयों की पूरी जांच पड़ताल कर अधिकारी जी ने उमा जी के हाथों से स्टाफ की उपस्थिति में 4 लाख रुपयों से भरा बैग उस औरत को सौंप दिया।
आपकी इस ईमानदारी की खबर पूरे बिजली विभाग में फैल गई।
उच्च अधिकारियों ने आपको 80 वे स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित करने की अनुशंसा की।
जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के मुख्य सम्भागीय अभियंता इंजीनियर प्रेम सिंह जी चौधरी जी द्वारा जोधपुर मुख्यालय पर आपको प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
आपने बताया कि मेरे सतगुरु सन्त रामपाल जी महाराज जी के आध्यात्मिक ज्ञान,प्रेरणा,सत मंत्रों और सत्संग के प्रभाव से मानवीय गुण मुझ में आए है।