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19/10/2015

सप्तम नवरात्र है माँ कालरात्रि का दिन कैसे करे माँ की आराधना?

नवरात्रि एक हिंदू पर्व है। नवरात्रि एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ होता है ‘नौ रातें’। इन में नवरात्र का सप्तम दिन माँ कालरात्रि का दिन कहा जाता है , माँ कालरात्रि का रूप विकराल है। माँ ने यह रूप दुष्टो के विनाश के लिए और भक्तो के कल्याण के लिए धारण किया है। इसी …

15/10/2015

नवरात्र में इस 1 मंत्र के जप से पूरी होती है सभी इच्छाएं|

मां दुर्गा की पूजा-आराधना के महापर्व नवरात्र की शुरुआत हो चुकी है. नौ दिनों तक देवी ने नौ रूपों की पूजा की जाती है. नवरात्र को लेकर देशभर में उत्साह है. आख‍िर सबको माता की कृपा चाहिए माता गायत्री की प्रसन्नता के लिए गायत्री मंत्र का जप सर्वश्रेष्ठ उपाय है। यदि कोई व्यक्ति हर रोज …

07/10/2015

जाने क्या श्राद्ध पक्ष में खरीददारी शुभ होती है या अशुभ?

हमें लोगों से अक्सर यह सुनने को मिलता है की श्राद्ध पक्ष चल रहे हैं, ऐसे में खरीदारी या शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। जबकि पंडितों, ज्योतिषयों एवं शास्त्रों के आधार पर 16 की संख्या को शुभता का प्रतीक माना जाता है, इसलिए सोलह श्राद्ध के दिनों में खरीदी अवश्य करना चाहिए, इससे हमारे पूर्वज …

06/10/2015

घर में पूजा करते समय ये 15 बातें रखें ध्यान, इन बातों से बहूत प्रसन्न होते है भगवान…

जिन घरों में हर रोज पूजा की जाती है, वहां का वातावरण सकारात्मक और पवित्र रहता है। साथ ही दीपक और अगरबत्ती के धुएं से स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले सूक्ष्म कीटाणु भी मर जाते हैं। शास्त्रों के अनुसार पूजन के लिए कई आवश्यक नियम बताए गए हैं। इन नियमों का पालन करते हुए पूजा …

04/10/2015

पिंडदान है मोक्ष प्राप्ति का सरल मार्ग, पिंडदान से होती है पितरों की मुक्ति...

पितृपक्ष वस्तुतः आत्मा के परमात्मा में एकीकरण तथा जीव और ब्रह्म के एकीकृत स्वरूप का संगम पर्व है। मान्यता है कि दिवंगत आत्मा की शांति तथा वैतरणी पार कराने के लिए पिंडदान करना आवश्यक है। क्या है पिंडदान : ‘पिंड’ शब्द का अर्थ होता है ‘किसी वस्तु का गोलाकार रूप’। प्रतीकात्मक रूप में शरीर को …

04/10/2015

Shraddah Rules....

In Hindus the Shraddah is performed on the specific lunar day during the Pitru Paksha, all the process takes place when a parent or paternal grandparent get died. The Shraddah have a rule which follows special days which allotted for people who died in a particular manner or had a certain status in…

02/10/2015

क्यों महत्वपूर्ण होता है श्राद्ध पक्ष में कौआ...

सूरज निकलते ही घर की मुंडेर पर बैठे कौवों की ‘काँव-काँव’ शुरू हो जाती हैं, जो सूरज ढलने तक जारी रहती हैं। शाम को कौए अपने बसेरे की तरफ उड़ जाते हैं। विष्णु पुराण में श्राद्धपक्ष में भक्ति और विनम्रता से यथाशक्ति भोजन कराने की बात कही गई है। कौए को पितरों का प्रतीक मानकर …

01/10/2015

इन चार मंत्रों से प्रसन्न होंगे आपके पितृ, श्राद्ध पक्ष विशेष अवश्‍य पढ़ें…

सनातन धर्म में श्राद्ध पक्ष का समय पूर्वजों को तृप्त करने और उनके प्रति आस्था प्रकट करने के लिए ही बनाया गया है। हमारे धार्मिक कार्यों की पूर्णता बगैर मंत्र तथा स्तोत्र के नहीं होती है। श्राद्ध में भी इनका विशेष महत्व है। स्तोत्र कई हैं। दो का उल्लेख पर्याप्त होगा। पहला है पुरुष सूक्त …

हिन्दुओ के लिए क्यों जरूरी माना गया है? पूर्वजों का श्राद्ध करना |
29/09/2015

हिन्दुओ के लिए क्यों जरूरी माना गया है? पूर्वजों का श्राद्ध करना |

अपने पूर्वजों के प्रति स्नेह, विनम्रता, आदर व श्रद्धा भाव से किया जाने वाला कर्म ही श्राद्ध है। यह पितृ ऋण से मुक्ति पाने का सरल उपाय भी है। इसे पितृयज्ञ भी कहा गया है। श्राद्ध से ही श्रद्धा कायम रहती है कृतज्ञता की भावना प्रकट करने के लिए किया हुआ श्राद्ध जीवन को …

‘श्राद्ध पक्ष’ कल से, अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा प्रकट करने का है पर्व…
27/09/2015

‘श्राद्ध पक्ष’ कल से, अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा प्रकट करने का है पर्व…

सनातन धर्म में श्राद्ध पक्ष का समय पूर्वजों को तृप्त करने और उनके प्रति आस्था प्रकट करने के लिए ही बनाया गया है। हमारे हिंदू पंचांग के भाद्रमास मास की पूर्णिमा से लेकर आश्विन मास की अमावस्या तिथि तक के समय को पितृ व श्राद्ध पक्ष कहते हैं। इस वर्ष श्राद्ध पक्ष का प्रारंभ 28 …

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