Bhakti Sangeet

भक्ति वह पवित्र भाव है जिसमें मनुष्य अपने आराध्य के प्रति निःस्वार्थ प्रेम, श्रद्धा और समर्पण से जुड़ जाता है। भक्ति में अहंकार मिट जाता है और मन शुद्ध होकर ईश्वर की सेवा, स्मरण और नाम जप में लीन हो जाता है। भक्ति से मन को शांति, जीवन को दिशा मिलती है।

धरा धरेंद्र नंदिनी विलास बंधुवंधुर-स्फुरदृगंत संतति प्रमोद मानमानसे ।कृपाकटा क्षधारणी निरुद्धदुर्धरापदिकवचिद्विगम्बरे मन...
26/08/2026

धरा धरेंद्र नंदिनी विलास बंधुवंधुर-
स्फुरदृगंत संतति प्रमोद मानमानसे ।
कृपाकटा क्षधारणी निरुद्धदुर्धरापदि
कवचिद्विगम्बरे मनो विनोदमेतु वस्तुनि ॥

राम काजु सबु करिहहु तुम्ह बल बुद्धि निधान।आसिष देह गई सो हरषि चलेउ हनुमान।।
25/08/2026

राम काजु सबु करिहहु तुम्ह बल बुद्धि निधान।
आसिष देह गई सो हरषि चलेउ हनुमान।।

नमामीशमीशान निर्वाणरूपं विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्।निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहंचिदाकाशमाकाशवासं भजेहम्।।
24/08/2026

नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्।
निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं
चिदाकाशमाकाशवासं भजेहम्।।

गलरुण्डमाल कपालब्याल तनभस्म शोभित सुंदरम् ।तवशक्ति अंग शुशोभितम् करुणा करम् जगदीश्वम् ।।
23/08/2026

गलरुण्डमाल कपालब्याल तनभस्म शोभित सुंदरम् ।
तवशक्ति अंग शुशोभितम् करुणा करम् जगदीश्वम् ।।

बलि बांधत प्रभु बाढयो सोभा बरनी न जाई।उभय घरी महं दीन्ही सात प्रद्दछिन धाई।।
22/08/2026

बलि बांधत प्रभु बाढयो सोभा बरनी न जाई।
उभय घरी महं दीन्ही सात प्रद्दछिन धाई।।

हे आशुतोष शशांकशेखर चंद्रमौलिमृतुंज्जयम्।।तवपादकमल नमाम्हम् करूणाकरम् जगदीश्वम् ।।
21/08/2026

हे आशुतोष शशांकशेखर चंद्रमौलिमृतुंज्जयम्।।
तवपादकमल नमाम्हम् करूणाकरम् जगदीश्वम् ।।

चलत्कुण्डलं भ्रूसुनेत्रं विशालं प्रसन्नाननं नीलकण्ठं दयालम् ।मृगाधीशचर्माम्बरं मुण्डमालंप्रियं शङ्करं सर्वनाथं भजामि।।  ...
20/08/2026

चलत्कुण्डलं भ्रूसुनेत्रं विशालं
प्रसन्नाननं नीलकण्ठं दयालम् ।
मृगाधीशचर्माम्बरं मुण्डमालं
प्रियं शङ्करं सर्वनाथं भजामि।।

🙏

गतं पापं गतं दुःखं गतं दारिद्र्यमेव च। आगता सुखसम्पत्तिः पुण्याच्च तव दर्शनात्॥   🙏🙏❤️❤️  🙏
19/08/2026

गतं पापं गतं दुःखं गतं दारिद्र्यमेव च।
आगता सुखसम्पत्तिः पुण्याच्च तव दर्शनात्॥

🙏🙏❤️❤️ 🙏

अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहंदनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्।सकलगुणनिधानं वानराणामधीशंरघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि।।     ...
18/08/2026

अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं
दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्।
सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं
रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि।।

#ʜᴀɴᴜᴍᴀɴᴊɪ

त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनॆत्रं च त्रियायुधं ।त्रिजन्म पापसंहारम् ऎकबिल्वं शिवार्पणं ॥
17/08/2026

त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनॆत्रं च त्रियायुधं ।
त्रिजन्म पापसंहारम् ऎकबिल्वं शिवार्पणं ॥

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