Sukh Sagar

Sukh Sagar डॉ विजय शर्मा 9416291857

20/12/2022
22/02/2020

*कुंडली और नवम भाव-*

*जन्म कुंडली के नवम भाव भाग्य धर्म यश का है। इस भाव का स्वामी किस भाव में तथा किस स्थिति में है और किन ग्रहों की दृष्टि में या साथ है। उच्च का है या नीच का या फिर बक्री है अर्थात वर्तमान में किस ग्रह की दशा अंतर्दशा चल रही है। नवम भाव का स्वामी नवांश कुंडली में किस स्थिति में है व अन्य शोडष्य वर्गीय कुंडली में उसका क्या महत्व है। इन सब को देख कर भाग्य को बल दिया जाए तो भाग्य हीन व्यक्ति भी धीरे-धीरे भाग्य हीनता से उभरकर भाग्यवान बन जाता है। उसकी राह आसान होने लगती है जो कल तक उससे दूर रहते थे वह भी उसके पास आने लगते हैं यही भाग्य का चमत्कार होता है। जन्म कुंडली में भाग्य भाव भाग्येश तथा भाग्य भाव को प्रभावित करने वाले ग्रह महत्व रखते हैं। किसी जन्म कुंडली में लग्न से 9वीं राशि व चंद्र लग्न से 9वीं राशि बहुत महत्वपूर्ण होती है। क्योंकि यह राशि भाग्य भाव अर्थात नवम भाव में आती है। जन्म लग्न या चंद्र लग्न मेजो बली होता है उससे भाग्य भाव की गणना की जानी चाहिए। भाग्येश का केंद्र अथवा त्रिकोण में जाना शुभ प्रदान वाला माना गया है। भाग्येश बली हो चाहे अल्प बली हो तब भी वह योगकारक ही कहा जाता है। नवम भाव अथवा नवमेश का संबंध किसी भी तरह से केंद्र त्रिकोण धन अभाव आदि से बन रहा हो तब इसे अत्यधिक शुभ माना गया है। 3 या 11वें भाव में नवम भाव का संबंध बनने पर यह मध्यम स्थिति बनती है। 6 8 12 वे भाव का नवम भाव से संबंध बनने पर सबसे खराब स्थिति मानी गई है इसमें एक बात तय है कि भाग्य अति शुभ हो या अति अशुभ हो वह सदा शुभ फल देने वाला ही माना गया है।*

*1-नवम भाव का स्वामी नवम भाव में ही हो तो ऐसा जातक भाग्य लेकर पैदा होता है उसे जीवन में तकलीफ नहीं आती यदि इस भाव के स्वामी का रत्न धारण विधि पूर्वक कर ले तो तेजी से भाग्य बढ़ने लगता है।*

*2-नवम भाव का स्वामी अष्टम भाव में हो तो भाग्य भाव से द्वादश होने के कारण व अष्टम अशुभ भाव में होने के कारण ऐसे जातकों को अनेक बाधाओं का सामना करना पड़ता है।अतः ऐसे जातक नवम भाग की वस्तु को अपने घर की टाड में ग्रह अनुसार वस्त्र में रखें तो भाग्य बढ़ेगा।*

*3-नवमेश यदि चतुर्थ भाव में स्वराशि या उच्च का या मित्र राशि का हो तो वह उस ग्रह का रत्न धारण करें तो भाग्य में अधिक उन्नति होगी ऐसे जातक को अपनी माता का अनादर नहीं करना चाहिए तथा भूमि भवन राजनीति में सफलता मिलेगी।*

*4-नवमेश यदि नीच राशि में हो तो उससे संबंधित वस्तुओं का दान करना चाहिए। जबकि स्वराशि या उच्च का हो तो या नवम भाव में हो तो उस ग्रह से संबंधित वस्तुओं के दान से बचना चाहिए।*

*5-नवम भाव में गुरु हो तो ऐसा जातक धर्म-कर्म को जानने वाला होगा ।ऐसे जातक पुखराज धारण करें तो यस प्रतिष्ठा बढ़ेगी।*

*6-नवम भाव में स्वराशि का सूर्य मंगल हो तो ऐसे जातक उच्च पद पर पहुंचते हैं। सूर्य मंगल जो भी हो उनके संबंध रंगों का प्रयोग करें तो भाग्य में वृद्धि होगी।*

*7-नवम भाव का स्वामी दशमांश में स्वराशि या उच्च का हो वह लग्न में शत्रु या नीच राशि का हो तो उसे उस ग्रह का रत्न पहनना चाहिए तभी सफलता मिलेगी।*

*8-नवमेश की महादशा या अंतर्दशा चल रही हो उस जातक को उस ग्रह से संबंधित रत्न अवश्य पहनना चाहिए इस प्रकार भाग्य में वृद्धि होती है।*

*9-जिस जातक की कुंडली में गुरु उच्च का हो तो वह धन संपन्न भाग्यशाली होता है।*

*10-कुंडली में चंद्र स्वक्षेत्री हो तो उसके भाग्य में धन की प्राप्ति होती है।*

*11-चंद्र अपने मित्र की राशि में हो तो जातक धनी होता है।*

*12-चंद्रमा की राशि पर स्थित बुध के प्रभाव से जातक को धन का सुख मिलता है।*

*13-शुक्र केंद्र में हो और मित्र राशि में हो तो जातक धन से पूर्ण होता है।*

*14-छठ में स्थान पर धनु राशि का गुरु हो तो ऐसा जातक धन प्राप्ति के सुख भोगने वाला होता है।*

*15-लग्नेश जिस नवमांश में स्थित हो उस नवमांश का स्वामी गोपुरंय ने में स्थित हो और उस पर दशमेश की दृष्टि पड़ रही हो तो जातक भाग्य का धनी होता है।*

*16-लग्न में अथवा पंचम भाव में गुरु और दशम भाव में चंद्रमा बैठा हूं तो जातक राजाओं के समान ऐश्वर्य पूर्ण जीवन व्यतीत करता है वह बहुत भाग्यशाली होता है।*

*17-जन्म कुंडली में गुरु तुला राशि में स्थित हो शुक्र कन्या राशि में हूं वह तो वृष राशि में हो कर दशम भाव में हो तथा वृश्चिक राशि को पूर्ण दृष्टि से देखता हो तो ऐसा जातक कुलश्रेष्ठ धनवान होकर आनंद का उपयोग करने वाला होता है तथा भाग्यवान होता है।*

*18-जन्म काल में सूर्य बुध गुरु और शुक्र बैठे हो तो जातक के भाग्य में धन का योग होता है।*

*19-जन्म काल में सूर्य चंद्र बुध गुरु और शुक्र एक साथ हो तो जातक यशस्वी चतुर एवं धनवान तथा धन को प्राप्त करता है और भाग्यशाली होता है।*

22/02/2020

हर हर महादेव🙏

महाशिवरात्री के पर्व पर सबसे महत्त्वपूर्ण शिव पूजन अवश्य सम्पन्न करें

शिव साधनाओ में से एक विशेष शिवपूजन यहाँ प्रस्तुत कर रहा हुं

विशेष शिव पूजन...

🙏 🙏 🙏 🙏 🙏 🙏 🙏
सर्व प्रथम सदगुरु का ध्यान करे
गुरुर्ब्रम्हा गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वर :
गुरु: साक्षात परब्रम्ह तस्मै श्री गुरवे नमः
ॐ गुं गुरुभ्यो नमः
ॐ श्री गणेशाय नमः
ॐ श्री साम्ब सदाशिवाय नमः

अब 4 बार आचमन करे।
ॐ आत्म तत्व शोधयामि स्वाहा
ॐ विद्या तत्व शोधयामि स्वाहा
ॐ शिव तत्व शोधयामि स्वाहा
ॐ सर्व तत्व शोधयामि स्वाहा

फिर गुरु परम गुरु और परमेष्ठी गुरु का पूजन करे .. पूजन स्थल पर पुष्प अक्षत अर्पण करे

ॐ गुरुभ्यो नमः🙏
ॐ परम गुरुभ्यो नमः🙏
ॐ परमेष्ठी गुरुभ्यो नमः🙏

अब आसन पर पुष्प अक्षत अर्पण करे

ॐ पृथ्वी देव्यै नमः

चारो तरफ दिशा बंधन हेतु अक्षत फेके
और अपनी शिखा पर दाहिना हाथ रखे

फिर दीपक को प्रणाम करे
दीप देवताभ्यो नमः

कलश में जल डाले और उसमे चन्दन या सुगन्धित द्रव्य डाले
कलश देवताभ्यो नमः
अब अपने आप को तिलक करे

और दाहिने हाथ में जल लेकर अपने नाम और गोत्र का उच्चारण कर संकल्प करे की आज के पर्वकाल के दिन
मैं भगवान शिव का उनके परिवार के साथ कृपा प्राप्त करने हेतु यथाशक्ति
साधना संपन्न कर रहा हूँ और गुरु कृपा से साधना सफल हो जाए।
गुरु के स्मरण पूजन से साधना सम्बंधित दोष दूर हो जाते है

फिर सदगुरु का पंचोपचार पूजन करे
(गंध अक्षत पुष्प धुप दीप नैवेद्य )

ॐ गुं गुरुभ्यो नमः पंचोपचार पूजनम समर्पयामि

फिर गणेश जी का स्मरण करे

वक्रतुंड महाकाय सुर्यकोटि समप्रभ
निर्विघ्नं कुरु में देव सर्व कार्येषु सर्वदा

ॐ श्री गणेशाय नमः पंचोपचार पूजनम समर्पयामि

अब भैरव जी के लिये बेल पत्र या पुष्प अक्षत अर्पण करे

तीक्ष्ण द्रंष्ट महाकाय कल्पांत दहनोपम
भैरवाय नमस्तुभ्यं अनुज्ञाम दातुर्महसि

अब हाथ में बेल पत्र लेकर शिव जी का ध्यान करे

ॐ ध्याये नित्यं महेशं रजत गिरी निभम् चारु चंद्रावतंसम्
रत्नाकल्पोज्ज्वलांगम् परशुमृगवरा भीति हस्तं प्रसन्नम्
पद्मासीनं समन्तात् स्तुतममरगणै व्याघ्रकृत्तिम् वसानं
विश्वाद्यम् विश्वबीजम् निखिलभयहरम् पञ्चवक्त्रम त्रिनेत्रम्

ॐ श्री साम्ब सदाशिवाय नमः आवाहयामि
सपरिवार स्थापयामी नमः🙏

स्वामिन सर्वजगन्नाथ यावत पूजावसानकम
तावत्वं प्रति भावेन लिंगेsस्मिन सन्निधौ भव 🙏

श्री साम्ब सदाशिवाय नमः षोडशोपचार पूजनम समर्पयामि

शिव षोडशोपचार पूजन

ॐ भवाय नम: आवाहनं समर्पयामि
(बेल पत्र समर्पित करे )
ॐ शर्वाय नम: आसनं समर्पयामि
( बेल पत्र समर्पित करे )
ॐ उग्राय नम: पाद्यं समर्पयामि
( दो आचमनी जल अर्पित करे )
ॐ पशुपतये नम: अर्घ्यम समर्पयामि
( एक आचमनी जल मे चंदन मिलाकर अर्पण करे )

ॐ ज्येष्ठाय नम: स्नानं समर्पयामि
( स्नान हेतु आचमनी से जल अर्पण करे )
यहाँ पर रुद्राभिषेक(रुद्री पाठ से )या अन्य किसी स्तोत्र से अभिषेक कर सकते है

ॐ श्रेष्ठाय नम: आचमनीयं समर्पयामि
( एक आचमनी जल अर्पण करे )

ॐ रुद्राय नम: यज्ञोपवीतम समर्पयामि
( यज्ञोपवीत न हो तो अक्षत अर्पण करे )

ॐ कालाय नम: आचमनीयं समर्पयामि
( एक आचमनी जल अर्पण करे )

ॐ कलविकरणाय नम: चंदनं समर्पयामि

ॐ बलविकरणाय नम: अक्षतान समर्पयामि

ॐ बलाय नम: पुष्पं समर्पयामि

ॐ बलप्रमथनाय नम: धूपं समर्पयामि

ॐ सर्वभूतदमनाय नम: दीपं समर्पयामि

ॐ मनोन्मयाय नम: नैवेद्यं निवेदयामि

ॐ शिवाय नम: तांबुलं समर्पयामि

ॐ महादेवाय नम: दक्षिणां समर्पयामि

ॐ महेश्वराय नम: कर्पूर आरार्तिक्यं समर्पयामि

ॐ नीलकंठाय नम: नमस्कारं समर्पयामि

अब अंग पूजन के लिए पुष्प अक्षत अर्पण करते जाए

ॐ ईशानाय नमः पादौ पूजयामि
ॐ शंकराय नमः जंघे पूजयामि
ॐ शूलपाणये नमः गुल्फौ पूजयामि
ॐ शम्भवे नमः कटी पूजयामि
ॐ स्वयम्भुवे नमः गुह्यं पूजयामि
ॐ महादेवाय नमः नाभिम पूजयामि
ॐ विश्वकर्त्रे नमः उदरम् पूजयामि
ॐ सर्वतोमुखाय नमः पार्श्वयोः पूजयामि
ॐ स्थाणवे नमः स्तनौ पूजयामि
ॐ नीलकण्ठाय नमः कण्ठे पूजयामि
ॐ शिवात्मने नमः मुखम पूजयामि
ॐ त्रिनेत्राय नमः नेत्रे पूजयामि
ॐ नागभूषणाय नमः शिरः पूजयामि
ॐ देवाधिदेवाय नमः सर्वांगे पूजयामि

अब एकादश आवरण देवता का पूजन करे...पुष्प अक्षत और एक आचमनी जल अर्पण करते जाए

ॐ अघोराय नमः अघोर श्री पादुकाम पूजयामि तर्पयामि नमः
ॐ पशुपतये नमः पशुपति श्री पादुकाम पूजयामि तर्पयामि नमः
ॐ शिवाय नमः शिव श्री पादुकाम पूजयामि तर्पयामि नमः
ॐ विरुपाय नमः विरूप श्री पादुकाम पूजयामि तर्पयामि नमः
ॐ विश्वरूपाय नमः विश्वरूप श्री पादुकाम पूजयामि तर्पयामि नमः
ॐ त्र्यम्बकाय नमः त्र्यम्बक श्री पादुकाम पूजयामि तर्पयामि नमः
ॐ भैरवाय नमः भैरव श्री पादुकाम पूजयामि तर्पयामि नमः
ॐ कपर्दिने नमः कपर्दिनी श्री पादुकाम पूजयामि तर्पयामि नमः
ॐ शूलपाणये नमः शूलपाणि श्री पादुकाम पूजयामि तर्पयामि नमः
ॐ ईशानाय नमः ईशान श्री पादुकाम पूजयामि तर्पयामि नमः
ॐ महेशाय नम महेश श्री पादुकाम पूजयामि तर्पयामि नमः

अब एकादश शक्तियों का पूजन करे

ॐ उमायै नमः उमा श्री पादुकाम पूजयामि तर्पयामि नमः
ॐ शंकरप्रियायै नमः शंकरप्रिया श्री पादुकाम पूजयामि तर्पयामि नमः
ॐ पार्वत्यै नमः पार्वती श्री पादुकाम पूजयामि तर्पयामि नमः
ॐ गौर्यै नमः गौरी श्री पादुकाम पूजयामि तर्पयामि नमः
ॐ काल्यै नमः काली श्री पादुकाम पूजयामि तर्पयामि नमः
ॐ कालिन्द्यै नमः कालिंदी श्री पादुकाम पूजयामि तर्पयामि नमः
ॐ कोटर्यै नमः कोटरी श्री पादुकाम पूजयामि तर्पयामि नमः
ॐ विश्वधारिण्यै नमः विश्वधारिणी श्री पादुकाम पूजयामि तर्पयामि नमः
ॐ ह्रां नमः ह्रां शक्ति श्री पादुकाम पूजयामि तर्पयामि नमः
ॐ ह्रीम नमः ह्रीं शक्ति श्री पादुकाम पूजयामि तर्पयामि नम
ॐ गंगा देव्यै नमः गंगा देवी श्री पादुकाम पूजयामि तर्पयामि नमः

अब शिव गणो का पूजन करे

ॐ गणपतये नमः
ॐ कार्तिकेयाय नमः
ॐ पुष्पदन्ताय नमः
ॐ कपर्दिने नमः
ॐ भैरवाय नमः
ॐ शूलपाणये नमः
ॐ ईश्वराय नमः
ॐ दंडपाणये नमः
ॐ नन्दिने नमः
ॐ महाकालाय नमः

अब एकादश रूद्र का पूजन करे

ॐ अघोराय नमः
ॐ पशुपतये नमः
ॐ शर्वाय नमः
ॐ विरूपाक्षाय नमः
ॐ विश्वरूपिणे नमः
ॐ त्र्यम्बकाय नमः
ॐ कपर्दिने नमः
ॐ भैरवाय नमः
ॐ शूलपाणये नमः
ॐ ईशानाय नमः
ॐ महेश्वराय नमः

अब शिव के आठ रूपों का पूजन करे

ॐ भवाय क्षितिमूर्तये नमः
ॐ शर्वाय जलमूर्तये नमः
ॐ रुद्राय अग्निमूर्तये नमः
ॐ उग्राय वायुमूर्तये नमः
ॐ भीमाय आकाशमूर्तये नमः
ॐ पशुपतये यजमान मूर्तये नमः
ॐ महादेवाय सोममूर्तये नमः
ॐ ईशानाय सूर्यमूर्तये नमः

अब बिल्व पत्र लेकर अर्पित करे

त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रम च त्रिधायुधम्
त्रिजन्मपाप संहारम एक बिल्वं शिवार्पणम

अब द्वादश ज्योतिर्लिंग का पूजन बेल या पुष्प अक्षत अर्पण करके करे ..

ॐ सौराष्ट्रदेशे विशदे अतिरम्ये ज्योतिर्मयं चंद्रकला वसंतम
भक्तिप्रदानाय कृपावतीर्णम तं सोमनाथं शरणम प्रपद्ये

ॐ श्री सोमनाथाय नमः

ॐ श्रीशैलश्रृंगे विबुधातिसंगे तुलाद्रितुन्गेपि मुदा वसंतम
तमर्जुनं मल्लिकपुर्वमेकम नमामि संसार समुद्रसेतुं

ॐ श्री मल्लिकार्जुनाय नमः

ॐ अवन्तिकायाम विहितावतारं भक्तिप्रदानाय च सज्जनाम !
अकालमृत्यौ परिरक्षणार्थं वन्देमहाकाल महासुरेशम

ॐ श्री महाकालेश्वराय नमः

ॐ कावेरीकानर्मदयो: पवित्रे समागमे सज्जन तारणाय
सदैव मांधातृपदे वसंतमोंकारमीशं शिवमेकमीडे

ॐ श्री ओंकारेश्वराय नमः

ॐ पूर्वोत्तरे प्रज्वलिका निधाने सदा वसन्तम गिरजासमेतम
सुरासुरैराधित पादपद्मं श्रीवैद्यनाथं शरणं प्रपद्ये

ॐ श्री वैद्यनाथाय नमः

ॐ याम्ये सदंगे नगरे अतिरम्ये विभूषितांग विविधैश्च भोगै:
सदभक्तिमुक्तिम प्रदमेकमीशं श्रीनागनाथं शरणं प्रपद्ये

ॐ श्री नागनाथाय नमः

ॐ महाद्रिपार्श्वे च तटे रमंतं सम्पूज्यमानं सततं मुनीन्द्रे
सुरासुरैयक्षमहोरगादयै केदारमीशं शिवमेकमीडे

ॐ श्री केदारनाथाय नमः

ॐ सह्याद्रिशीर्षे विमलेवसंतं गोदावरीतीर पवित्रदेशे !
यद् दशनात पावकमाशु नाशं प्रयाति तं त्र्यम्बकमीशमीडे

ॐ श्री त्र्यम्बकेश्वराय नमः

ॐ सुताम्रपर्णी जलराशियोगे निबद्धसेतुं विशिखैरसंख्ये:
श्रीरामचन्द्रेण समर्पितं तत रामेश्वराख्यं नियतं नमामि

ॐ श्री रामेश्वराय नमः

ॐ यं डाकिनी शाकिनीका निसेव्यमानं पिशिताशनैश्च
सदैव भीमादिपद प्रसिद्धं तं शंकरं भक्तहितं नमामि

ॐ श्री भीमाशंकराय नमः

ॐ सानंदमानंदवने वसंतं आनंदकंदं हृतपापवृन्दम
वाराणसीनाथमनाथनाथं श्रीविश्वनाथं शरणं प्रपद्ये

ॐ श्री काशीविश्वनाथाय नमः

ॐ इलापुरे रम्यविशालके अस्मिन समुल्लसंतं च जगदवरेण्यं
वन्दे महोदारतर स्वभावं घृष्णेश्वराख्यं शिवमेकमीडे
ॐ श्री घृष्णेश्वराय नमः

अनेन द्वादश ज्योतिर्लिंग पूजनेन श्री साम्बसदाशिव देवता प्रीयंतां न मम 🙏

इस पर्व काल पर भगवान शिवजी को विशेष अर्घ्य प्रदान करे .. पानी मे चंदन अष्टगंध कपूर इत्र ( अत्तर ) और बेल पत्री मिलाकर एकेक आचमनी जल अर्पण करते जाये

श्री सांबसदाशिव प्रीत्यर्थम् शिव पूजा संपूर्ण फल प्राप्त्यर्थम् अर्घ्य प्रदानं अहं करिष्ये

ॐ नम: शिवाय शांताय सर्वपापहराय च
मयादत्तं गृहाण अर्घ्यम मम प्रभो 🙏

मयाकृतान्यनेकानि पापानिहर शंकर
गृहाण अर्घ्यम मम उमाकांत शिव प्रसीद मे🙏

शिवपूजन व्रतं देवपूजा जप परायण:
करोमि विधिवत दत्तं गृहाण अर्घ्यम नमस्तु ते 🙏

दु:खदारिद्र्यभारश्च दग्धोहं पार्वतीपते
त्रायस्व मां महादेव गृहाण अर्घ्यम नमोस्तु ते🙏

शिवपूजन व्रतं देवपूजा जप परायण:
करोमि विधिवत दत्तं गृहाण अर्घ्यम नमोस्तु ते🙏

व्योमकेश नमस्तुभ्यं व्योमात्मा व्योमरुपिणे
नक्षत्ररुपिणे तुभ्यं ददाम्यर्घ्यं नमोस्तुते🙏

कैलाश निलय शंभो पार्वतीप्रिय वल्लभ
त्रैलोक्यतमविध्वंसिन गृहाणर्घ्यं सदाशिव

कालरुद्र शिव शंभो कालात्मन त्रिपुरांतक
दुरितग्न सुरश्रेष्ठ गृहाणर्घ्यं सदाशिव 🙏

आकाशाद्याशरीराणि ग्रहनक्षत्रमालिनि
सर्वसिद्धिनिवासार्तं ददामर्घ्य सदाशिव🙏

श्री सांबसदाशिवाय नम:
सांबसदाशिवाय इदमर्घ्यं दत्तं न मम

उमादेवी शिवार्धांगी जगन्मातृ गुणात्मिके
त्राहि मां देवि सर्वेषि गृहाणर्घ्यं नमोस्तुते🙏

श्री पार्वत्यै नम:
पार्वत्यै इदमर्घ्यं दत्तं न मम

श्री गुणात्मन त्रिलोकेश: ब्रम्हा विष्णु शिवात्मक
अर्घ्यं चेदं मया दत्तं गृहाण गणनायक

श्री गणपतये नम:
गणपतये इदमर्घ्यं दत्तं न मम

सेनाधिप सुरश्रेष्ठ पार्वतीप्रियनंदन
गृहाणर्घ्यं मया दत्तं नमस्ते शिखिवाहन🙏

श्री स्कंदाय नम:
स्कंदाय इदमर्घ्यं दत्तं न मम

वीरभद्र महावीर विश्व ज्ञान वर प्रद
इदमर्घ्यं प्रदास्यामि संग्रहाण शिवप्रिय🙏
श्री वीरभद्राय नम :
वीरभद्राय इदमर्घ्यं दत्तं न मम

धर्मस्त्वं वृषरुपेण जगदानंदकारक
अष्टमुर्तेरधिष्ठानं अथ: पाहि सनातन 🙏
श्री वृषभाय नम:
वृषभाय इदमर्घ्यं दत्तं न मम

चंडीश्वर महादेव त्राहि माम कृपाकर
इदमर्घ्यं प्रदास्यामि प्रसन्ना वरदा भव 🙏
श्री चंडीश्वराय नम:
चंडीश्वराय इदमर्घ्यं दत्तं न मम

अनेन शिवपूजांगत्वेन अर्घ्य प्रदानेन भगवान श्री सांब सदाशिव प्रीयताम

ॐ तत्सत
श्री सांबसदाशिवार्पणमस्तु 🙏

अब आप चाहे तो 108 बिल्व पत्र बिल्वार्चन प्रयोग के 108 श्लोक से अर्पण करे या फिर सिर्फ ॐ नमः शिवाय मन्त्र से अर्पण करे

फिर क्षमा प्रार्थना करे और हाथ मे पुष्प लेकर पूजन स्थान पर अर्पण करे

उग्रोमहेश्वरश्चैव शूलपाणि: पिनाकधृक
शिव: पशुपतिश्चैव महादेव विसर्जनम
ईशान: सर्वविद्यानाम ओंकारो भुवनेश्वर
कैलासं गच्छ देवेश पुनरागमनाय च

ॐ गच्छ गच्छ महादेव गच्छ गच्छ पिनाकधृकम्
कैलासादि पीठं गच्छंतु यत्र तिष्ठति पार्वती !!

अनेन महाशिवरात्रि पर्व काल पूजनेन श्री सांब सदाशिव देवतां प्रीयताम न मम

ॐ तत्सत
श्री सांब सदाशिवार्पणमस्तु 🙏

और फिर अंत में निम्न मन्त्र का यथाशक्ति जाप करे

ह्रीं ॐ नमः शिवाय ह्रीं

यह मंत्र अगर नित्य सदैव चलते फिरते किये जाये तो शिवत्त्व की प्राप्ति संभव है ..

या

ॐ नमः शिवाय

फिर आरती करे और पूजन समाप्त (सम्पन्न)करे

शिव शासनतः शिव शासनतः🙏

13/07/2018

🌹जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम🌹
🌹वैदिक ज्योतिष सीखे🌹
🙏🙏💐💐💐🌹🌹🌻🌻🍫🍫🍫🍫🍫🍫🍫🙏🌹🍫
Paytm no 9416291857
एकाउंट no 03370100011236
IFSC UCBA 0000337
UCO BANK भिवानी
संपर्क सूत्र डॉ विजय शर्मा भिवानी
9416291857
💐वैदिक ज्योतिष सिखे💐
संपर्क सूत्र डॉ विजय शर्मा गुरु जी
मो नो 9416291857
व्हाट्सएप नो 9416291857
Paytm नो 9416291857
🌹🌹वैदिक ज्योतिष सीखें🌹🌹
वैदिक ज्योतिष सीखें मात्र 1 महीने में 1 महीने के अंदर आपको पर डे 2 घंटे क्लास ली जाएगी जिसके अंदर आपको ऑडियो क्लिप और नोट्स के माध्यम से वैदिक ज्योतिष सिखाया जाएगा वैदिक ज्योतिष सीखने के बाद राष्ट्रीय स्तर की प्रमाणिक संस्था द्वारा आपको सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा फीस मात्र 3100 रु एक ग्रुप की अपार सफलता के बाद दूसरा ग्रुप 1 अगस्त से शुरू हो रहा है कृपया जल्दी से जल्दी क्लास ज्वाइन करें मेरा संपर्क नंबर है 94162 9 18 57 डॉक्टर विजय शर्मा ज्योतिष महागुरु भिवानी वाले🌹

13/07/2018

Jspjk

21/01/2018

जय श्री राम💐💐💐💐💐💐💐💐

19/12/2017

जय श्री राम

19/12/2017

🙏 ऊँ सभी महीनो का तुला राशिफल 2018

जनवरी :
भविष्यफल 2018 के अनुसार इस माह आप अपने अंदर आत्म-विश्वास की अनुभूति महसूस करेंगे और खुद को साहसी भी पाएंगे। अपनी मेहनत व सकारात्मक व्यवहार के ज़रिए आप सफलता की सीढ़ियां चढ़ेंगे। कार्यक्षेत्र में अच्छे परिणाम हासिल होंगे और यदि आपको पदोन्नति या वेतन बढ़ने की आस है तो आपकी इच्छा इस अवधि के दौरान पूरी हो सकती है। हालांकि इन कुछ अच्छे परिणामों के साथ-साथ आप कुछ बुरे लोगों से भी मिल सकते हैं। मां के लिए ये समय थोड़ा कष्टदायी हो सकता है। इस दौरान उन्हें दुख का अनुभव हो सकता है या किसी बड़ी समस्या में भी पड़ सकती हैं। इसके अलावा घर में आपकी व्यंग्य पूर्ण भाषा शैली और कठोर व्यवहार गलतफ़हमी और असंतोष पैदा कर सकती है। इसके अतिरिक्त इस बीच ख़र्चे बढ़ जाएंगे क्योंकि आप घर की ज़रूरत के कुछ सामान ख़रीदेंगे। बच्चों से संबंधित जो भी परेशानियां आपको हैं, वो सभी दूर हो जाएंगी। शिक्षा के क्षेत्र में उनका प्रदर्शन संतोषजनक रहेगा। वाहन चलाते वक्त आपको सावधानी रखने की सलाह दी जाती है क्योंकि चोट लगने के आसार दिखाई दे रहे हैं।

फरवरी :
राशिफल 2018 के अनुसार इस महीने में आपको परिवार की ओर ध्यान देने की ज़रूरत रहेगी। पारिवारिक मुद्दों को जल्द से जल्द सुलझाएं वरना देर भी हो सकती है। वहीं दूसरी तरफ किसी शुभ कार्य जैसे शादी, विवाह आदि के चलते परिवार में मेहमानों का आना-जाना हो सकता है। परिवार की आय इस दौरान बढ़ेगी लेकिन ख़र्चों पर काबू नहीं रह पाएगा जिसके चलते बजट बिगड़ सकता है। काफी संघर्षों के बाद घर बैठकर काम करने वाले लोगों या उद्यमियों के लिए ये अच्छा समय है। इस दौरान आपको बड़े-बड़े प्रोजेक्ट भी मिल सकते हैं। लेखक, कवि, संपादकों को इस दौरान उनके करियर में ग्रोथ मिलेगी और वो सफलता के हक़दार होंगे। व्यावसायिक लोगों को अपने से उच्च अधिकारियों व सहभागियों के साथ ऑफिस में अच्छा संबंध बनाए रखने की सलाह दी जाती है। जल्दबाजी में कार्यालय से जुड़े मामलों में कोई गलत फैसला न लें। इस माह आपको व्यवसाय में भी बड़ा लाभ मिलेगा। बिजनेस को बढ़ाने के लिए ये समय अनुकूल है। गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य ठीक रहेगा व वो बच्चे को जन्म देते वक्त सुरक्षित रहेंगी।

मार्च :
भविष्यफल 2018 के अनुसार इस साल धार्मिक व आध्यात्मिक चीज़ों में आपकी रुचि बढ़ेगी। इस दौरान आपकी महात्माओं व आध्यात्मिक गुरुओं से मुलाकात हो सकती है। इसके अलावा परिवार के सदस्यों के साथ कोई बिजनेस शुरू कर सकते हैं, लेकिन ध्यान रहें कि किसी भी कार्य की शुरुआत से पहले अच्छे से विचार-विमर्श कर लें ताकि आगे चलकर कोई परेशानी न आए। बिजनेस के विस्तार के लिए ये बिल्कुल उचित समय है। मेहनत ही सफलता की कुंजी है, इसी बात को ध्यान में रखकर मेहनत करते रहें और आगे बढ़ते रहें। शेयर बाजार या प्रॉपर्टी में निवेश आपके लिए फायदेमंद साबित होगा। कुछ लोग इस दौरान खुद को थका हुआ महसूस कर सकते हैं जिससे एकाग्रता में कमी आ सकती है। जबकि कुछ लोग अपने लक्ष्य से भटक सकते हैं और दोबारा कार्य की शुरुआत करने से पहले अपने लिए थोड़ा समय ले सकते हैं। आपको सलाह दी जाती है कि इस समय के दौरान उधार लेने से बचें अन्यथा आप ऋण के जाल में फँस सकते हैं। आपको अपने जीवन साथी का पूर्ण समर्थन मिलेगा और आप एक सुखी वैवाहिक जीवन बिताएंगे। लेकिन अपने जीवन साथी के स्वास्थ्य का विशेष ख़्याल रखें।

अप्रैल :
भविष्यफल 2018 के मुताबिक एकल जिंदगी बिता रहे तुला राशि के जातकों को अपना साथी इस दौरान मिल सकता है और जो पहले से ही प्यार में है उन्हें शादी के लिए माता-पिता से अनुमति प्राप्त हो सकती है। आप में से कुछ लोग इस बीच जॉब चेंज का प्लान बना सकते हैं लेकिन थोड़े से संघर्ष के बाद यानि लगभग माह के पंद्रह दिन बीत जाने के बाद अच्छे विकल्प प्राप्त होंगे। कार्य से संबंधित यात्राएं भी इस दौरान इंगित हो रही हैं या फिर आप ऐसी जॉब चुन सकते हैं जिसमें बहुत ज़्यादा ट्रैवल करना पड़ता हो। ये समय सफलता, संसाधनों के संचय व सकारात्मकता से भरा रहेगा। यदि आप विद्यार्थी हैं और उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए पढ़ाई कर रहे हैं तो अच्छे परिणाम हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत की ज़रूरत है। क्योंकि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि आपकी तैयारी संतुष्ट जनक नहीं होगी। शादीशुदा जोड़ों को इस समय का लाभ मिलेगा। संबंधों में प्यार बढ़ेगा और आप एक खुशहाल और शांति पूर्वक ज़िंदगी बिताएंगे। स्वास्थ्य के लिहाज़ से आपको ज़्यादा फिक्र करने की ज़रूरत नहीं। रोजाना ध्यान व योगा करने से आप खुद को फिट रख सकते हैं।

मई :
भविष्यकथन 2018 के अनुसार आपके जीवन साथी की सामाजिक प्रतिष्ठा में बढ़ोत्तरी होगी और वो अपनी जॉब में बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे। उनकी सफलता आपको खुशी देगी व सातवें आसमां पर बिठा देगी। वहीं दूसरी तरफ कुछ दंपतियों के बीच अहंकार आ सकता है जिससे घर में असंतोष व विवाद बढ़ सकता है। वरिष्ठ जनों की सलाह आपकी समस्याओं को चुटकी में हल कर सकती है। बात करें अगर आपकी माता जी की तो उन्हें भावनात्मक व मानसिक रूप से देखभाल की ज़रूरत है। उन्हें मेडीटेशन करने की सलाह दें और ख़्याल रखें। छात्रों के लिए समय अनुकूल है। इस दौरान उन्हें उनकी मेहनत का फल मिल सकता है। सितारों की चाल की मानें तो विदेश में पढ़ाई का सपना देखने वाले छात्रों को इस दौरान किसी बड़े से कॉलेज में एडमिशन मिल सकता है। सेहत के लिहाज़ से थोड़ी बहुत समस्याएं देखने को मिल सकती हैं। लेकिन इन्हें छोटा समझकर बिल्कुल अनदेखा न करें अन्यथा ये आपके लिए बड़ी समस्या भी खड़ी कर सकती हैं। प्यार भरे संबंधों के लिए भी समय अच्छा है। रोमांटिक डेट के आसार नज़र आ रहे हैं और आप इस दौरान अपने साथी के साथ यादगार समय बिताएंगे।

जून :
फलादेश 2018 के अनुसार पिता के लिए यह समय थोड़ा कष्टदायी हो सकता है। वो इस दौरान किसी समस्या में फँस सकते हैं। लेकिन अपने प्रयास के ज़रिए वो इस बड़ी मुसीबत से बाहर भी निकल जाएंगे। आपके व्यावसायिक जीवन में कोई बड़ा बदलाव आएगा। कुछ सकारात्मक बदलाव व उन्नति की संभावना है और आपके दर तक कुछ अच्छे अवसर भी प्राप्त होंगे। जून माह का भविष्यफल यह इशारा कर रहा है कि, बाहर की किसी बड़ी कंपनी से जॉब का मौका भी प्राप्त हो सकता है। लेकिन सतर्क रहने की आवश्यकता है चाहें चीजें सही ही क्यों न जा रही हों। किसी गलतफहमी को अपने अंदर न पनपने दे और अगर यदि हो जाएं तो उन्हें सुलझाने की जल्द से जल्द कोशिश करें। कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार का रोमांटिक संबंध न पनपने दें अन्यथा प्रॉब्लम्स खड़ी हो सकती हैं। इससे आपकी छवि भी बिगड़ सकती है। वित्तीय मामलों के लिए समय अनुकूल रहेगा और आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी होगी।

जुलाई :
भविष्यवाणी 2018 के अनुसार मल्टी नेशनल कंपनी में कार्यरत लोगों को इस दौरान करियर में सफलता मिलेगी और आगे की ट्रेनिंग के लिए विदेश जाने का मौका मिलेगा। निजी मामलों में आपकी ज़िंदगी में खुशी भरपूर रहेगी और आप परिवार केे साथ अच्छा समय बिताएंगे। बड़े भाई-बहनों के लिए भी ये समय तरक्की लेकर आएगा। वो अपने जीवन में इस दौरान काफी अच्छा प्रदर्शन करेंगे और बड़ी सफलता हासिल करेंगे। लेकिन आपके पिता को इस दौरान कार्य से संबंधी कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। कार्यस्थल पर कुछ समस्याएं खड़ी हो सकती हैं या बिजनेस में साथ काम करने वालों के साथ विवाद हो सकते हैं। इसलिए उन्हें संयम से कार्य करने की सलाह दी जाती है। ग्रहों की चाल इशारा कर रही है कि स्वास्थ्य की दृष्टि से इस माह आप मानसिक तौर पर थोड़ा नीरस महसूस करेंगे हालांकि शारीरिक तौर पर फिट रहेंगे। कार्यभार के चलते समय-समय पर दबाव महसूस करेंगे। ऐसे में ध्यान करने से लाभ प्राप्त होगा। स्थानांतरण की भी संभावना है। सरकारी फंड के प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों को किसी समस्या से गुज़रना पड़ सकता है।

अगस्त :
राशिफल 2018 के अनुसार विदेश में काम करने वालों को सतर्क रहने की आवश्यकता है क्योंकि ऐसी संभावनाएं हैं कि आप पर कोई बड़ा जैसे कागज़ात या पैसों की चोरी का इल्ज़ाम लग सकता है। वहां मौजूद उच्च अधिकारियों से भी विवाद हो सकता है। माह की शुरुआत में आप लक्ष्यहीन होकर कार्य करेंगे लेकिन आधा माह बीत जाने पर आप अपनी एक नई शुरुआत करेंगे। इन सबके अलावा ये समय आपके परिवार वालों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहेगा। माता-पिता के लिए समय उचित नहीं है। उन्हें किसी भी प्रकार की मानसिक अशांति या स्वास्थ्य संबंधी प्रॉब्लम्स से गुज़रना पड़ सकता है, इसलिए उन पर इस दौरान ज़्यादा ध्यान देने की ज़रूरत है। ग्रहों की चाल के हिसाब से पारिवारिक ज़िंंदगी इस दौरान थोड़ी अस्त-व्यस्त रहेगी। आपके परिवार वालों को आपसे कुछ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं और वो आपसे नाखुश हो सकते हैं। परिवार की ये समस्याएं प्रोफेशनल लाइफ में भी देखने को मिल सकती हैं। इन सभी समस्याओं को जल्द से जल्द हल करें और परिवारिक व व्यावसायिक जीवन में संतुलन लाएं।

सितंबर :
भविष्यकथन 2018 यह संकेत दे रहा है कि, शादीशुदा जोड़ों के लिए ये माह चुनौतीपूर्ण रहेगा। लड़ाई, झगड़े व विवाद इस दौरान आपके जीवन में रहेंगे जिससे मानसिक शांति भी भंग होगी। यदि आप स्थिति को सुधारना चाहते हैं तो ध्यान व समझदारी के साथ काम लें। माह के लगभग पंद्रह दिन बाद चीज़ें सुधरने लग जाएंगी और भाग्य आपका साथ देगा। आर्थिक रूप से समय अच्छा रहेगा। बड़े भाई-बहन जो विदेश में कार्यरत हैं, उनकी मदद से पैसों का आगमन होगा जिससे आर्थिक स्थिति सुधरेगी। सामाजिक स्थिति में भी पहले से बढ़ोत्तरी होगी और लोग आपके व्यक्तित्व से प्रभावित होंगे। राशिफल के अनुसार आप जीवन साथी के साथ कोई बिजनेस शुरू कर सकते हैं जो आपके लिए बहुत लाभदायक होगा। जीवन बहुत ख़ूबसूरत है इसलिए इसके प्रति खुश रहें और नकारात्मक ऊर्जा व विचारों को अपने भीतर न आने दें। अपने ऊपर ध्यान दें और खुद को लाइफ में आगे ले जाने के रास्ते निकालें।

अक्टूबर :
फलादेश 2018 के अनुसार बिजनेस कर रहे जातक इस माह अच्छा लाभ कमाएंगे। इसी बीच आपको किसी विदेशी कंपनी से भी सहयोग प्राप्त हो सकता है। लेकिन बिजनेस पार्टनर के साथ काम करते वक्त आपको सतर्क रहने की आवश्यकता है। अपने फैसलों व वित्तीय मामलों को पूरी तरह से सुलझाए रखें वरना कोई प्रॉब्लम हो सकती है। जॉब करते हैं और अगर चेंज करने का प्लान बना रहे हैं तो यह समय इसके लिए ठीक नहीं है, थोड़ा और इंतजार करें। अगर आप जॉब छोड़ भी देंगे तब भी वक्त वैसा ही रहेगा। तो बेहतर यही है कि अभी जिस जॉब में हैं, उसी पर ध्यान केंद्रित करें। निजी जीवन में परेशानियां आ सकती हैं लेकिन शांति व खुशी फिर भी बरकरार रहेगी। सितारों की मानें तो इस माह आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी और आपको पैसों से संबंधित कोई परेशानी नहीं होगी। आपकी अपनी व पारिवारिक आय में बढ़ोत्तरी होगी। दूसरों के ऊपर हावी होने का आपका स्वभाव परेशानियों को उत्पन्न कर सकता है। इन्हें दूर करने के लिए संतुलन बनाए रखना बेहद ज़रूरी है।

नवंबर :
भविष्यवाणी 2018 के अनुसार इस महीने की शुरुआत में परिवार के कुछ सदस्यों की तबियत ख़राब रहने से आप परेशान हो सकते हैं। डॉक्टर, दवाई आदि पर ख़र्चे ज़रूरत से ज्यादा हो सकते हैं। लेकिन ये अवधि बस थोड़े ही समय के लिए है इसलिए फिक्र न करें। चीज़ें बहुत जल्दी संभल जाएंगी और आपकी सभी प्रॉब्लम्स छू मंतर हो जाएंगी। आय के नए स्रोत प्राप्त होंगे और बचत भी ज़्यादा होगी। आप अपने भीतर सकारात्मकता व मानसिक शांति का अनुभव करेंगे। आपका मन अति सक्रिय हो जाएगा और आपका काम बढ़िया होगा। लोग आपके व्यक्तित्व से प्रभावित होंगे और इस दौरान आप प्रेम संबंधों में भी अपनी रुचि दिखाएंगे। जीवन साथी का सहयोग प्राप्त होगा। ज़मीन-जायदाद खरीदने से पहले सभी बातें अच्छे से साफ कर लें। यदि निवेश का प्लान बना रहे हैं तो समय बिल्कुल अनुकूल है। बीते समय में किए गए सभी निवेश इस दौरान लाभदायक फल देंगे।

दिसंबर :
भविष्यफल 2018 के अनुसार बिजनेस करने वालों के लिए यह माह बहुत बढ़िया रहने वाला है। बिजनेस को बढ़ाने का प्लान अच्छे परिणाम देगा और आपका बिजनेस ऊंचाइयों पर पहुंच जाएगा। यदि आपने बैंक में लोन के लिए अर्ज़ी लगा रखी है तो इस दौरान उसे स्वीकृति प्राप्त हो सकती है। पेशेवर जीवन में आपके द्वारा किए गए प्रयासों और संसाधनों में वृद्धि के संकेत दिखाई दे रहे हैं। बात की जाए यदि आपके बच्चों की तो इस दौरान आपके उनके साथ कुछ विवाद हो सकते हैं। ग्रहों की चाल इशारा कर रही है कि इस महीने के शुरू होते ही आपके स्वभाव में अहंकार आ सकता है जिस पर काबू पाने की आवश्यकता है। अपने बच्चों को इतना भी लाड़-प्यार न करें कि वो इसका फायदा उठाने लगें। अपनी संवादशैली, बुद्धि आदि के लिए आपको दोस्तों, सहभागियों व पड़ोसियों से इस दौरान प्रशंसा हासिल हो सकती है। इसी माह आप अपने अंदर गुस्से का भाव महसूस करने लग जाएंगे। इस दौरान अपने ऊपर काबू पाएं और गुस्से से बचें, वरना समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। आर्थिक तौर पर इस बीच आपके ख़र्चे बढ़ेंगे।
🙏 जय माता दी 🙏
🙏🌹🌹🌷🌷🌺🌺🌸🌸🌹🙏

Address

Sodala
Jaipur
302021

Opening Hours

Monday 9am - 5pm
Tuesday 9am - 5pm
Wednesday 9am - 5pm
Thursday 9am - 5pm
Friday 9am - 5pm
Saturday 9am - 5pm
Sunday 9am - 5pm

Telephone

9416291857

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Sukh Sagar posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share