28/12/2017
शास्त्रों के अनुसार मंगल देव को देवताओं का सेनापति और भूमि का पुत्र माना जाता है मंगलदेव हमारे लिए शारीरिक बल शक्ति, (ताकत और मर्दानगी ) रक्त, निर्णय और काम शक्ति के साथ ही अनेक चीजों से सम्बन्धित है यदि जन्म कुंडली में मंगल बलहीन या किसी बुरे ग्रह के प्रभाव में हो तो शारीरिक तथा मानसिक उर्जा पर विपरीत प्रभाव पड़ता है तथा इसके अतिरिक्त जातक रक्त विकार संबधित बिमारियों, त्वचा के रोग, चोट, दुर्घटना तथा अन्य ऐसे बिमारीयों से पीडित हो सकता है जिसके कारण जातक के शरीर की चीर-फाड़ या आपरेशन आदि हो सकते है तथा अत्याधिक मात्रा में रक्त भी बह सकता है। मंगल पर ग्रहों के बुरे प्रभाव के कारण दुर्घटना अथवा लड़ाई में अपने शरीर का कोई अंग भी गंवा सकता है। इसके अतिरिक्त कुंडली में मंगल की बलहीनता जातक को सिरदर्द, थकान, चिड़चिड़ापन, तथा निर्णय लेने में अक्षमता जैसी समस्याओं से भी पीड़ित कर सकती है। इसके अलावा कर्ज, बीमारी, पराक्रम की कमी, मंगल दोष, शत्रु पीड़ा, व्यापार में हानी, वैवाहिक समस्या, घर मकान, वाहन दुर्घटना, आगजनी, चौरी, निर्णय क्षमता की कमी, और अनेक परेशानियों का शास्त्रोक्त उपाय है, श्री दिव्य मंगल यंत्र, यह आपका सभी प्रकार की समस्याओं से आप बचाव करता है, प्राप्त करने के लिए सम्पर्क करें, आध्यत्मिक ज्योतिष गुरु ज्ञान सागर जी महाराज, नक्षत्र ज्ञान सागर 30/26/03 वरुण पथ मानसरोवर जयपुर मो. 9166999470, 9166999472