Mandir Shree Garh Ganesh

Mandir Shree Garh Ganesh Garh Ganesh Temple is an 18th-century temple of Lord Ganesh in the city of Jaipur. It is located on the hills near Nahargarh Fort and Jaigarh Fort.

Garh Ganesha temple is devoted to Lord Ganesha Garh Ganesha temple is devoted to Lord Ganesha. Devotees believe that Ganesha is present in the temple in the form of a small child Purushakriti. Located at the top in the Aravali hills, close to the Nahargarh hill. In the Garh Ganesha temple, Lord Ganesha is established in the statue of child Ganesh Vigra Purushakriti (without trunk). The temple was

built by Maharaja Swai Jai Singh II when he performed the "Ashwamegha Yagya" before the establishment of Jaipur. He made the shrine and placed the statue of Lord Ganesha. After that he kept the foundation stone of Jaipur. He also kept the statue in such a way that Maharaja could be able to see the statue with the help of binoculars from the Chandra Mahal of City Palace, Jaipur. Garh Ganesh also has "Dhwajadheesh" Ganesha's temple of Bari-Chaupar as its part. On the Ganesh Chaturthi in Bhadrapad Shukla Paksha, the fair of five days is organized every year. Also on the first Wednesday after Diwali, anna-koot is celebrated on the temple and on last Wednesday "Paush month" is celebrated by organizing "Paush bade". The total arrangement and management of the temple is overlooked by the Audhchya family. Presently, Shri Pradeep Audichya, the 13th priest of the temple, is the chief priest.

Big thanks to Mukesh Gupta, Tadak Baba Textile, Ramesh Agrawal, Gulab Naiwal, Mishra Ppradum, Kapil Joshi, Jayshree Kuma...
23/11/2025

Big thanks to Mukesh Gupta, Tadak Baba Textile, Ramesh Agrawal, Gulab Naiwal, Mishra Ppradum, Kapil Joshi, Jayshree Kumar, किशोर सोनी छापरवाल

for all your support! Congrats for being top fans on a streak 🔥!

https://garhganesh.com/follow-us*दिनाँक:-16/10/2025,गुरुवार*दशमी, कृष्ण पक्ष,कार्तिक""""""""""""""""""""""""""""""""""""...
16/10/2025

https://garhganesh.com/follow-us
*दिनाँक:-16/10/2025,गुरुवार*
दशमी, कृष्ण पक्ष,
कार्तिक
"""""""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल)

तिथि------------ दशमी 10:34:54. तक
पक्ष-------------------------- कृष्ण
नक्षत्र--------- आश्लेषा 12:41:10
योग--------------- शुभ 26:09:35
करण------- विष्टि भद्र 10:34:54
करण---------------बव 22:49:07
वार------------------------ गुरूवार
माह------------------------ कार्तिक
चन्द्र राशि------ कर्क 12:41:10
चन्द्र राशि------------------- सिंह
सूर्य राशि------------------- कन्या
रितु--------------------------- शरद
आयन----------------- दक्षिणायण
संवत्सर------------------- विश्वावसु
संवत्सर (उत्तर) --------‐-----सिद्धार्थी
विक्रम संवत---------------- 2082
गुजराती संवत--‐----------- 2081
शक संवत------------------ 1947
कलि संवत------------------ 5126

वृन्दावन
सूर्योदय---------------- 06:20:56
सूर्यास्त----------------- 17:48:04
दिन काल-------------- 11:27:08
रात्री काल-------------- 12:33:26
चंद्रास्त----------------- 15:04:19
चंद्रोदय----------------- 26:26:48

लग्न----कन्या 28°42' , 178°42'

सूर्य नक्षत्र-------------------- चित्रा
चन्द्र नक्षत्र----------------- आश्लेषा
नक्षत्र पाया------------------- रजत

*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*

डे---- आश्लेषा 06:27:20

डो---- आश्लेषा 12:41:10

मा---- मघा 18:57:04

मी---- मघा 25:15:00

*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= कन्या 28°49 , चित्रा 2 पो
चन्द्र= कर्क 26°30 , आश्लेषा 3 डे
बुध = तुला 19°52 ' स्वाति 4 ता
शु क्र= कन्या 08°05, उoफाo, 4 पी
मंगल= तुला 22°30 ' विशाखा 1 ती
गुरु=मिथुन 29°30 पुनर्वसु, 3 हा
शनि=मीन 02°28 ' पूo भा o , 4 दी
राहू=(व) कुम्भ 22°05 पू o भा o, 1 से
केतु= (व) सिंह 22°05 पूoफा o 3 टी
============================

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 13:30 - 14:56 अशुभ
यम घंटा 06:21 - 07:47 अशुभ
गुली काल 09:13 - 10:39 अशुभ
अभिजित 11:42 - 12:27 शुभ
दूर मुहूर्त 10:10 - 10:56 अशुभ
दूर मुहूर्त 14:45 - 15:31 अशुभ
वर्ज्यम 25:15* - 26:56* अशुभ
प्रदोष 17:48 - 20:21 शुभ

💮चोघडिया, दिन

शुभ 06:21 - 07:47 शुभ
रोग 07:47 - 09:13 अशुभ
उद्वेग 09:13 - 10:39 अशुभ
चर 10:39 12:05 शुभ
लाभ 12:05 - 13:30 शुभ
अमृत 13:30-14:56 शुभ
काल 14:56 16:22 अशुभ
शुभ 16:22 17:48 शुभ

🚩चोघडिया, रात

अमृत 17:48 - 19:22 शुभ
चर 19:22 - 20:56 शुभ
रोग 20:56 - 22:31 अशुभ
काल 22:31 24:05* अशुभ
लाभ 24:05* - 25:39* शुभ
उद्वेग 25:39* - 27:13* अशुभ
शुभ 27:13* - 28:47* शुभ
अमृत 28:47* - 30:22* शुभ

💮होरा, दिन

बृहस्पति 06:21 -07:18
मंगल 07:18 -08:15
सूर्य 08:15 -09:13
शुक्र 09:13 -10:10
बुध 10:10 -11:07
चन्द्र 11:07 -12:05
शनि 12:05 -13:02
बृहस्पति 13:02 -13:59
मंगल 13:59- 14:56
सूर्य 14:56 -15:54
शुक्र 15:54 -16:51
बुध 16:51 -17:48

🚩होरा, रात

चन्द्र 17:48- 18:51
शनि 18:51 -19:54
बृहस्पति 19:54 -20:56
मंगल 20:56- 21:59
सूर्य 21:59- 23:02
शुक्र 23:02- 24:05
बुध 24:05-25:08
चन्द्र 25:08-26:10
शनि 26:10-27:13
बृहस्पति 27:13-28:16
मंगल 28:16'29:19
सूर्य 29:19-30:22

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*

कन्या > 04:14 से 06:30 तक
तुला > 06:30 से 08:46 तक
वृश्चिक > 08:46 से 11:02 तक
धनु > 11:02 से 13:10 तक
मकर > 13:10 से 14:50 तक
कुम्भ > 14:50 से 16:22 तक
मीन > 16:22 से 17:52 तक
मेष > 17:52 से 19:22 तक
वृषभ > 19:22 से 21:16 तक
मिथुन > 21:16 से 23:44 तक
कर्क > 23:44 से 01:56 तक
सिंह > 01:56 से 04:00 तक
=======================

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान-------------दक्षिण*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा बेसन के लड्डू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

15 + 10 + 5 + 1 = 31 ÷ 4 = 3 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

राहु ग्रह मुखहुति

*💮 शिव वास एवं फल -:*

25 + 25 + 5 = 55 ÷ 7 = 6 शेष

क्रीड़ायां = शोक, दुःख कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

प्रात: 10:35 तक समाप्त

मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशिनी

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

* विश्व खाद्य दिवस

*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*

तैलाभ्यड्गे चिताधूमे मैथुने क्षौरकर्मणि ।
तावद् भवति चाण्डालो यावत्स्नानं न चाचरेत् ।।
।।चाo नीo।।

शरीर पर मालिश करने के बाद, स्मशान में चिता का धुआ शरीर पर आने के बाद, सम्भोग करने के बाद, दाढ़ी बनाने के बाद जब तक आदमी नहा ना ले वह चांडाल रहता है.

*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

गीता -: सांख्ययोग - अo-2

अकीर्तिं चापि भूतानि कथयिष्यन्ति तेऽव्ययाम्‌।
सम्भावितस्य चाकीर्ति र्मरणादतिरिच्यते॥

तथा सब लोग तेरी बहुत काल तक रहने वाली अपकीर्ति का भी कथन करेंगे और माननीय पुरुष के लिए अपकीर्ति मरण से भी बढ़कर है
॥34॥

*💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। बेचैनी रहेगी। प्रयास सफल रहेंगे। धनलाभ के अवसर हाथ आएंगे। सामाजिक कार्य करने में रुचि रहेगी। मान-सम्मान मिलेगा। निवेश शुभ रहेगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। कार्यसिद्धि होगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

🐂वृष
यात्रा मनोरंजक रहेगी। स्वादिष्ट भोजन का आनंद प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता प्राप्त करेगा। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। व्यस्तता के चलते स्वास्‍थ्य प्रभावित होगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। मित्रों का सहयोग समय पर प्राप्त होगा। रुके कार्यों में गति आएगी। प्रसन्नता रहेगी। जोखिम न उठाएं।

👫मिथुन
जल्दबाजी से चोट लग सकती है। दूर से शोक समाचार मिल सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। किसी अपने ही व्यक्ति से कहासुनी हो सकती है। थकान व कमजोरी रह सकती है। स्वास्थ्य पर खर्च होगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। नौकरी में कार्यभार रहेगा। भागदौड़ रहेगी। आय होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा।

🦀कर्क
कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। थकान व कमजोरी रह सकती है। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। निवेश में जल्दबाजी न करें। नौकरी में शांति रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। मित्रों का सहयोग रहेगा। कार्य समय पर पूर्ण होंगे।

🐅सिंह
पुराना रोग उभर सकता है। दूर से दु:खद समाचार मिल सकता है। व्यर्थ भागदौड़ रहेगी। किसी व्यक्ति के व्यवहार से अप्रसन्नता रहेगी। अपेक्षित कार्य विलंब से होंगे। प्रयास अधिक करना पड़ेंगे। किसी व्यक्ति विशेष की नाराजी झेलना पड़ेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा।

🙍‍♀️कन्या
जल्दबाजी न करें। कोई समस्या खड़ी हो सकती है। शरीर शिथिल हो सकता है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। भूमि व भवन इत्यादि की खरीद-फरोख्त की योजना बनेगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। आय में वृद्धि होगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेगे। प्रमाद न करें।

⚖️तुला
धनहानि संभव है, सावधानी रखें। किसी व्यक्ति के व्यवहार से स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। विवाद से बचें। शत्रु शांत रहेंगे। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा लाभदायक रहेगी। व्यापार मनोनुकूल चलेगा। नौकरी में चैन रहेगा।

🦂वृश्चिक
अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। बात बढ़ सकती है। परिवार के किसी सदस्य के स्वास्‍थ्य की चिंता रहेगी। तनाव रहेगा। पुराना रोग उभर सकता है। लेन-देन में सावधानी रखें। किसी भी व्यक्ति की बातों में न आएं। महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर करें, लाभ होगा।

🏹धनु
शत्रु सक्रिय रहेंगे। शारीरिक कष्‍ट संभव है। दूसरों के कार्य में हस्तक्षेप न करें। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। निवेश मनोनुकूल लाभ देगा। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त होगी। भाग्य का साथ मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी।

🐊मकर
धन प्राप्ति सुगम तरीके से होगी। नई योजना बनेगी। तत्काल लाभ नहीं होगा। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामाजिक कार्य करने में रुझान रहेगा। मान-सम्मान मिलेगा। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड इत्यादि से मनोनुकूल लाभ होगा। कष्ट, तनाव व चिंता का वातावरण बन सकता है। शत्रु पस्त होंगे।

🍯कुंभ
पूजा-पाठ में मन लगेगा। किसी साधु-संत का आशीवार्द मिल सकता है। कोर्ट व कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेंगे। नौकरी में प्रभाव वृद्धि होगी। मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। लंबित कार्य पूर्ण होंगे। प्रमाद न करें।

🐟मीन
घर में अतिथियों का आगमन होगा। व्यय होगा। दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। नौकरी में संतोष रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। विरोध होगा। विवाद से क्लेश होगा, इससे बचें। पुराना रोग उभर सकता है। परिवार की चिंता रहेगी। जल्दबाजी न करें।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

Garh Ganesh Temple is an ancient temple of Lord Ganesh in the city of Jaipur.It is located on the hills near Nahargarh Fort and Jaigarh Fort.Garh Ganesha temple is devoted to Lord Ganesha.

https://garhganesh.com/follow-us*दिनाँक:-19/09/2025,शुक्रवार*त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष,आश्विन""""""""""""""""""""""""""""""""...
19/09/2025

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*दिनाँक:-19/09/2025,शुक्रवार*
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष,
आश्विन
""""""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल)

तिथि--------- त्रयोदशी 23:36:11. तक
पक्ष-------------------------- कृष्ण
नक्षत्र‐-------- आश्लेषा 07:04:35
योग-------------- सिद्ध 20:40:11
करण--------------- गर 11:26:30
करण----------- वणिज 23:36:11
वार------------------------ शुक्रवार
माह------------------------ आश्विन
चन्द्र राशि------ कर्क 07:04:35
चन्द्र राशि------------------- सिंह
सूर्य राशि------------------ कन्या
रितु--------------------------- शरद
आयन------------------ दक्षिणायण
संवत्सर------------------- विश्वावसु
संवत्सर (उत्तर)------------- सिद्धार्थी
विक्रम संवत---------------- 2082
गुजराती संवत-------------- 2081
शक संवत------------------ 1947
कलि संवत------------------ 5126

वृन्दावन
सूर्योदय---------------- 06:07:25
सूर्यास्त----------------- 18:18:01
दिन काल-------------- 12:10:35
रात्री काल-------------- 11:49:51
चंद्रास्त----------------- 17:02:01
चंद्रोदय----------------- 28:32:12

लग्न ---- कन्या 2°8' , 152°8'

सूर्य नक्षत्र----------- उत्तराफाल्गुनी
चन्द्र नक्षत्र----------------- आश्लेषा
नक्षत्र पाया------------------- रजत

*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*

डो---- आश्लेषा 07:04:35

मा---- मघा 13:17:05

मी---- मघा 19:31:16

मू---- मघा 25:47:07

*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= कन्या 02°49 , उoफाo 2 टो
चन्द्र= कर्क 29°30 , आश्लेषा 4 डो
बुध = कन्या 06°52 ' उoफाo 4 पी
शु क्र= सिंह 05°05, मघा , 2 मी
मंगल= तुला 03°30 ' चित्रा 4 री
गुरु=मिथुन 26°30 पुनर्वसु, 2 को
शनि=मीन 04°08 ' उ o भा o , 1 दू
राहू=(व) कुम्भ 23°30 पू o भा o, 2 सो
केतु= (व) सिंह 23°30 पूoफा o 4 टू
============================

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 10:41 - 12:13 अशुभ
यम घंटा 15:15 - 16:47 अशुभ
गुली काल 07:39 - 09:10 अशुभ
अभिजित 11:48 - 12:37 शुभ
दूर मुहूर्त 08:34 - 09:22 अशुभ
दूर मुहूर्त 12:37 - 13:26 अशुभ
वर्ज्यम 19:31 - 21:11 अशुभ
प्रदोष 18:18 - 20:42 शुभ

🚩गंड मूल अहोरात्र अशुभ

💮चोघडिया, दिन

चर 06:07 - 07:39 शुभ
लाभ 07:39 - 09:10 शुभ
अमृत 09:10 - 10:41 शुभ
काल 10:41 12:13 अशुभ
शुभ 12:13 13:44 शुभ
रोग 13:44 - 15:15 अशुभ
उद्वेग 15:15 - 16:47 अशुभ
चर 16:47 18:18 शुभ

🚩चोघडिया, रात

रोग 18:18 - 19:47 अशुभ
काल 19:47 21:15 अशुभ
लाभ 21:15-22:44 शुभ
उद्वेग 22:44 - 24:13* अशुभ
शुभ 24:13* - 25:42* शुभ
अमृत 25:42* - 27:10* शुभ
चर 27:10*- 28:39* शुभ
रोग 28:39* - 30:08* अशुभ

💮होरा, दिन

शुक्र 06:07- 07:08
बुध 07:08 -08:09
चन्द्र 08:09- 09:10
शनि 09:10- 10:11
बृहस्पति 10:11- 11:12
मंगल 11:12- 12:13
सूर्य 12:13 -13:14
शुक्र 13:14 -14:14
बुध 14:14 -15:15
चन्द्र 15:15 -16:16
शनि 16:16 -17:17
बृहस्पति 17:17 -18:18

🚩होरा, रात

मंगल 18:18- 19:17
सूर्य 19:17- 20:16
शुक्र 20:16 -21:15
बुध 21:15 -22:15
चन्द्र 22:15- 23:14
शनि 23:14 -24:13
बृहस्पति 24:13-25:12
मंगल 25:12-26:11
सूर्य 26:11-27:10
शुक्र 27:10-28:10
बुध 28:10-29:09
चन्द्र 29:09-30:08

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*

कन्या > 06:02 से 08:18 तक
तुला > 08:18 से 10:34 तक
वृश्चिक > 10:34 से 12:50 तक
धनु > 12:50 से 14:58 तक
मकर > 14:58 से 16:38 तक
कुम्भ > 16:38 से 18:10 तक
मीन > 18:10 से 19:40 तक
मेष > 19:40 से 21:10 तक
वृषभ > 21:10 से 23:10 तक
मिथुन > 23:10 से 01:32 तक
कर्क > 01:32 से 03: 46 तक
सिंह > 03:46 से 06:00 तक
=======================

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान------------- पश्चिम*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

15 + 13 + 6 + 1 = 35 ÷ 4 = 3 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

केतु ग्रह मुखहुति

*💮 शिव वास एवं फल -:*

28 + 28 + 5 = 61 ÷ 7 = 5 शेष

ज्ञानवेलायां = कष्ट कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

रात्रि 23:36 से प्रारम्भ

मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशिनी

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

*त्रयोदशी श्राद्ध

*प्रदोष व्रत (शिव पूजन)

*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*

कुराजराज्येन कुतः प्रजासुखं
कुमित्रमित्रेण कुतोऽभिनिर्वृतिः ।
कुदारदारैश्च कुतो गृहे रतिः
कुशिष्यमध्यापयतः कुतो यशः ।।
।।चाo नीo।।

१४.एक बेकार राज्य में लोग सुखी कैसे हो? एक पापी से किसी शान्ति की प्राप्ति कैसे हो? एक बुरी पत्नी के साथ घर में कौनसा सुख प्राप्त हो सकता है. एक नालायक शिष्य को शिक्षा देकर कैसे कीर्ति प्राप्त हो?

*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

गीता -: सांख्ययोग - अo-2

अशोच्यानन्वशोचस्त्वं प्रज्ञावादांश्च भाषसे।
गतासूनगतासूंश्च नानुशोचन्ति पण्डिताः॥

श्री भगवान बोले, हे अर्जुन! तू न शोक करने योग्य मनुष्यों के लिए शोक करता है और पण्डितों के से वचनों को कहता है, परन्तु जिनके प्राण चले गए हैं, उनके लिए और जिनके प्राण नहीं गए हैं उनके लिए भी पण्डितजन शोक नहीं करते
॥11॥

*💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
लाभ के अवसर हाथ आएंगे। प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। मातहतों का सहयोग मिलेगा। किसी सामाजिक कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर प्राप्त हो सकता है। दूसरे के काम में दखल न दें। पूजा-पाठ व सत्संग में मन लगेगा। आत्मशांति रहेगी। कोर्ट व कचहरी के कार्य अनुकूल रहेंगे।

🐂वृष
व्यवसाय ठीक चलेगा। मित्र व संबंधी सहायता करेंगे। आय बनी रहेगी। जोखिम न लें। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। विवाद को बढ़ावा न दें। पुराना रोग बाधा का कारण रहेगा। स्वास्थ्य पर खर्च होगा। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में लापरवाही न करें। छोटी सी गलती से समस्या बढ़ सकती है।

👫मिथुन
व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ के योग हैं। भाग्य का साथ मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। नौकरी में अधिकार बढ़ सकते हैं। जुए, सट्टे व लॉटरी के चक्कर में न पड़ें। निवेश शुभ रहेगा। प्रमाद न करें। उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा।

🦀कर्क
जोखिम व जमानत के कार्य टालें। जल्दबाजी न करें। घर-बाहर अशांति रहेगी। कार्य में रुकावट होगी। आय में कमी तथा नौकरी में कार्यभार रहेगा। बेवजह लोगों से कहासुनी हो सकती है। दु:खद समाचार मिलने से नकारात्मकता बढ़ेगी। व्यवसाय से संतुष्टि नहीं रहेगी। पार्टनरों से मतभेद हो सकते हैं।

🐅सिंह
मित्रों का सहयोग कर पाएंगे। कर्ज में कमी होगी। संतुष्टि रहेगी। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। व्यापार मनोनुकूल चलेगा। अपना प्रभाव बढ़ा पाएंगे। नौकरी में अनुकूलता रहेगी। निवेश शुभ रहेगा। जोखिम व जमानत के कार्य न करें। प्रयास सफल रहेंगे। किसी बड़े कार्य की समस्याएं दूर होंगी।

🙍‍♀️कन्या
पार्टनरों का सहयोग समय पर मिलने से प्रसन्नता रहेगी। नौकरी में मातहतों का सहयोग मिलेगा। व्यवसाय ठीक-ठीक चलेगा। आय में वृद्धि होगी। चोट व रोग से बाधा संभव है। दूसरों के काम में दखलंदाजी न करें। स्थायी संपत्ति की खरीद-फरोख्त से बड़ा लाभ हो सकता है। प्रतिद्वंद्विता रहेगी।

⚖️तुला
घर-बाहर स्थिति मनोनुकूल रहेगी। प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। वस्तुएं संभालकर रखें। दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। व्यवसाय में जल्दबाजी से काम न करें। चोट व दुर्घटना से बचें। लाभ के अवसर हाथ आएंगे।

🦂वृश्चिक
जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बीतेगा। व्यवसाय में वृद्धि होगी। नौकरी में सुकून रहेगा। निवेश लाभप्रद रहेगा। कार्य बनेंगे। घर-बाहर सुख-शांति बने रहेंगे। मन की चंचलता पर नियंत्रण रखें। कानूनी अड़चन दूर होकर स्थिति अनुकूल रहेगी। जल्दबाजी में धनहानि हो सकती है।

🏹धनु
मित्रों के साथ समय अच्‍छा व्यतीत होगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। नौकरी में अनुकूलता रहेगी। पार्टी व पिकनिक की योजना बनेगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। शत्रु सक्रिय रहेंगे। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी।

🐊मकर
आय में निश्चितता रहेगी। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। व्यवस्था नहीं होने से परेशानी रहेगी। व्यवसाय में कमी होगी। नौकरी में नोकझोंक हो सकती है। पार्टनरों से मतभेद हो सकते हैं। थकान महसूस होगी। अपेक्षित कार्यों में विघ्न आएंगे। चिंता तथा तनाव रहेंगे।

🍯कुंभ
व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल रहेगी। धनार्जन होगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। अज्ञात भय व चिंता रहेंगे। यात्रा सफल रहेगी। नेत्र पीड़ा हो सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। बगैर मांगे किसी को सलाह न दें। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे।

🐟मीन
प्रतिष्ठा वृद्धि होगी। सुख के साधन जुटेंगे। नौकरी में वर्चस्व स्थापित होगा। आय के स्रोत बढ़ सकते हैं। व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। घर-बाहर सहयोग व प्रसन्नता में वृद्धि होगी। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामजिक कार्य करने की इच्छा जागृत होगी।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

Garh Ganesh Temple is an ancient temple of Lord Ganesh in the city of Jaipur.It is located on the hills near Nahargarh Fort and Jaigarh Fort.Garh Ganesha temple is devoted to Lord Ganesha.

13/09/2025

https://garhganesh.com/follow-us*दिनाँक:-13/09/2025,शनिवार*षष्ठी, कृष्ण पक्ष,आश्विन"""""""""""""""""""""""""""""""""""""...
13/09/2025

https://garhganesh.com/follow-us
*दिनाँक:-13/09/2025,शनिवार*
षष्ठी, कृष्ण पक्ष,
आश्विन
""""""""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल)

तिथि-------------- षष्ठी 07:22:41. तक
तिथि---- सप्तमी 29:03:50(क्षय )
पक्ष-------------------------- कृष्ण
नक्षत्र----------- कृत्तिका 10:10:24
योग-------------- हर्शण 10:31:23
करण------------वणिज 07:22:41
करण-------- विष्टि भद्र 18:10:56
करण---------------बव 29:03:50
वार------------------------ शनिवार
माह------------------------ आश्विन
चन्द्र राशि------------------ वृषभ
सूर्य राशि-------------------- सिंह
रितु--------------------------- शरद
आयन------------------ दक्षिणायण
संवत्सर------------------- विश्वावसु
संवत्सर (उत्तर)-‐------------ सिद्धार्थी
विक्रम संवत---------------- 2082
गुजराती संवत---------------2081
शक संवत------------------ 1947
कलि संवत------------------ 5126

वृन्दावन
सूर्योदय---------------- 06:04:42
सूर्यास्त----------------- 18:25:00
दिन काल-------------- 12:20:17
रात्री काल-------------- 11:40:09
चंद्रास्त----------------- 11:58:14
चंद्रोदय---‐------------- 22:21:15

लग्न---- सिंह 26°17' , 146°17'

सूर्य नक्षत्र------------ पूर्वाफाल्गुनी
चन्द्र नक्षत्र----------------- कृत्तिका
नक्षत्र पाया------------------- लोहा

*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*

ए---- कृत्तिका 10:10:24

ओ---- रोहिणी 15:46:03

वा---- रोहिणी 21:22:51

वी---- रोहिणी 27:00:50

*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= सिंह 26°49 , पूoफाo 4 टू
चन्द्र= वृषभ 07°30 , कृतिका 4 ए
बुध = सिंह 25°52 ' पूoफाo 4 टू
शु क्र= कर्क 27°05, आश्लेषा , 4 डो
मंगल= कन्या 29°30 ' चित्रा 2 पो
गुरु=मिथुन 25°30 पुनर्वसु, 2 को
शनि=मीन 05°08 ' उ o भा o , 1 के
राहू=(व) कुम्भ 23°50 पू o भा o, 2 सो
केतु= (व) सिंह 23°50 पूoफा o 4 टू
============================

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 09:10 - 10:42 अशुभ
यम घंटा 13:47 - 15:20 अशुभ
गुली काल 06:05 - 07:37 अशुभ
अभिजित 11:50 - 12:40 शुभ
दूर मुहूर्त 07:43 - 08:33 अशुभ
वर्ज्यम 25:08* - 26:38 अशुभ
प्रदोष 18:25 - 20:47 शुभ

💮चोघडिया, दिन

काल 06:05 07:37 अशुभ
शुभ 07:37 - 09:10 शुभ
रोग 09:10 - 10:42 अशुभ
उद्वेग 10:42 - 12:15 अशुभ
चर 12:15-13:47 शुभ
लाभ 13:47 15:20 शुभ
अमृत 15:20 - 16:52 शुभ
काल 16:52 18:25 अशुभ

🚩चोघडिया, रात

लाभ 18:25 - 19:53 शुभ
उद्वेग 19:53 - 21:20 अशुभ
शुभ 21:20 - 22:48 शुभ
अमृत 22:48 - 24:15* शुभ
चर 24:15*-25:43* शुभ
रोग 25:43* - 27:10* अशुभ
काल 27:10*28:38* अशुभ
लाभ 28:38* - 30:05* शुभ

💮होरा, दिन

शनि 06:05- 07:06
बृहस्पति 07:06- 08:08
मंगल 08:08- 09:10
सूर्य 09:10- 10:11
शुक्र 10:11- 11:13
बुध 11:13 -12:15
चन्द्र 12:15- 13:17
शनि 13:17 -14:18
बृहस्पति 14:18- 15:20
मंगल 15:20- 16:22
सूर्य 16:22 -17:23
शुक्र 17:23 18:25

🚩होरा, रात

बुध 18:25 -19:23
चन्द्र 19:23- 20:22
शनि 20:22- 21:20
बृहस्पति 21:20- 22:18
मंगल 22:18- 23:17
सूर्य 23:17 -24:15
शुक्र 24:15-25:13
बुध 25:13-26:12
चन्द्र 26:12-27:10
शनि 27:10-28:08
बृहस्पति 28:08-29:07
मंगल 29:07-30:05

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*

सिंह > 04:08 से 06:22 तक
कन्या > 06:22 से 08:38 तक
तुला > 08:38 से 10:54 तक
वृश्चिक > 10:54 से 13:10 तक
धनु > 13:10 से 15:18 तक
मकर > 15:18 से 16:58 तक
कुम्भ > 16:58 से 18:30 तक
मीन > 18:30 से 20:00 तक
मेष > 20:00 से 21:30 तक
वृषभ > 21:30 से 23:30 तक
मिथुन > 23:30 से 01:46 तक
कर्क > 01:56 से 04:02 तक
=======================

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान-------------पूर्व*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो लोंग अथवा कालीमिर्च खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

15+ 6 + 7 + 1 = 29 ÷ 4 = 1 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

गुरु ग्रह मुखहुति

*💮 शिव वास एवं फल -:*

21 + 21 + 5 = 47 ÷ 7 = 5 शेष

ज्ञानवेलायां = कष्ट कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

प्रात: 07:23 से सांय 18:14 तक

स्वर्ग लोक = शुभ कारक

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

*सप्तमी श्राद्ध

*रोहिणी व्रत

*सर्वार्थ, अमृत सिद्धि योग 10:10 से

*सप्तमी क्षय

*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*

कालः पचति भूतानि कालः संहरते प्रजाः ।
कालः सुप्तेषु जागर्ति कालो हि दुरतिक्रमः ।।
।।चाo नीo।।

काल सभी जीवो को निपुणता प्रदान करता है. वही सभी जीवो का संहार भी करता है. वह जागता रहता है जब सब सो जाते है. काल को कोई जीत नहीं सकता.

*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

गीता -: सांख्ययोग - अo-2

कार्पण्यदोषोपहतस्वभावः
पृच्छामि त्वां धर्मसम्मूढचेताः।
यच्छ्रेयः स्यान्निश्चितं ब्रूहि तन्मे
शिष्यस्तेऽहं शाधि मां त्वां प्रपन्नम्‌॥

इसलिए कायरता रूप दोष से उपहत हुए स्वभाव वाला तथा धर्म के विषय में मोहित चित्त हुआ मैं आपसे पूछता हूँ कि जो साधन निश्चित कल्याणकारक हो, वह मेरे लिए कहिए क्योंकि मैं आपका शिष्य हूँ, इसलिए आपके शरण हुए मुझको शिक्षा दीजिए
॥7॥

*💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
शारीरिक कष्ट से बाधा संभव है। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। वाणी पर नियंत्रण रखें। हल्की हंसी-मजाक न करें। किसी अपरिचित व्यक्ति पर भरोसा न करें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी।

🐂वृष
सुख के साधनों पर व्यय होगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। निवेश शुभ रहेगा। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। सट्टे व लॉटरी से दूर रहें। नौकरी में प्रमोशन‍ मिल सकता है। चोट व रोग से बचें। यश बढ़ेगा। बेचैनी रहेगी। जल्दबाजी न करें।

👫मिथुन
स्वास्थ्य का ध्यान रखें। किसी व्यक्ति के व्यवहार से स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। घर में अतिथियों का आगमन होगा। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। नौकरी में अधिकार मिल सकते हैं। शेयर मार्केट से लाभ होगा। बाहर जाने का मन बनेगा। बड़ा काम करने की योजना बनेगी। लाभ होगा।

🦀कर्क
कानूनी अड़चन सामने आएगी। अज्ञात भय सताएगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। प्रयास सफल रहेंगे। पराक्रम बढ़ेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। भाग्य का साथ मिलेगा। नौकरी में उच्च‍ाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। शेयर मार्केट मनोनुकूल लाभ देंगे।

🐅सिंह
प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। पुराना रोग उभर सकता है। दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। विवाद से क्लेश संभव है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। किसी अपरिचित व्यक्ति पर अतिविश्वास न करें। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी।

🙍‍♀️कन्या
व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में संतोष रहेगा। पार्टी व पि‍कनिक का आनंद मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। शारीरिक कष्ट संभव है।

⚖️तुला
व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। भूमि व भवन संबंधी कार्य लाभदायक रहेंगे। ऐश्वर्य के साधनों पर व्यय होगा। आय के साधनों में वृद्धि होगी। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड में निवेश लाभदायक रहेगा।

🦂वृश्चिक
संपत्ति की खरीद-फरोख्त में सफलता मिलेगी। स्थायी संपत्ति की दलाली बड़ा लाभ दे सकती है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। सभी ओर से खुश खबरें प्राप्त होंगी। पारिवारिक चिंता रहेगी। अज्ञात भय सताएगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें।

🏹धनु
कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। धनागम होगा। प्रतिद्वंद्वी अपना रास्ता छोड़ देंगे। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। किसी भी प्रकार के झगड़ों में न पड़ें। वाणी पर नियंत्रण रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी।

🐊मकर
धार्मिक कार्य में मन लगेगा। कोर्ट व कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। भाग्य का साथ मिलेगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नौकरी में उन्नति होगी। निवेशादि करने का मन बनेगा। विवेक से कार्य करें, लाभ होगा। शत्रु सक्रिय रहेंगे। परिवार की चिंता बनी रहेगी।

🍯कुंभ
शारीरिक कष्ट संभव है। पारिवारिक समस्या से चिंता बढ़ सकती है। नई आर्थिक नीति बन सकती है। कार्यस्थल पर सुधार व परिवर्तन से भविष्य में लाभ होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। पार्टनरों का सहयोग कार्य में गति प्रदान करेगा। शत्रु सक्रिय रहेंगे। पुराना रोग उभर सकता है।

🐟मीन
लेनदारी वसूल करने के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल रहेगी। भाग्य का साथ रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। समय पर कर्ज चुका पाएंगे। नौकरी में उच्चाधिकारी की प्रसन्नता प्राप्त होगी। शेयर मार्केट, म्युचुअल फंड इत्यादि से लाभ होगा। वाणी पर नियंत्रण रखें।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

Garh Ganesh Temple is an ancient temple of Lord Ganesh in the city of Jaipur.It is located on the hills near Nahargarh Fort and Jaigarh Fort.Garh Ganesha temple is devoted to Lord Ganesha.

https://garhganesh.com/follow-us*दिनाँक:-10/09/2025,बुधवार* तृतीया, कृष्ण पक्ष,आश्विन"""""""""""""""""""""""""""""""""""...
10/09/2025

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*दिनाँक:-10/09/2025,बुधवार*
तृतीया, कृष्ण पक्ष,
आश्विन
""""""""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल)

तिथि------------तृतीया15:37:14. तक
पक्ष--------------------------कृष्ण
नक्षत्र-------------रेवती16:02:09
योग---------------वृद्वि20:30:23
करण--------विष्टि भद्र15:37:14
करण---------------बव26:10:46
वार-------------------------बुधवार
माह------------------------ आश्विन
चन्द्र राशि------ मीन 16:02:09
चन्द्र राशि-------------------- मेष
सूर्य राशि--------------------- सिंह
रितु---------------------------शरद
आयन------------------दक्षिणायण
संवत्सर-------------------विश्वावसु
संवत्सर (उत्तर)-------------सिद्धार्थी
विक्रम संवत----------------2082
गुजराती संवत--------------2081
शक संवत------------------1947
कलि संवत------------------5126

वृन्दावन
सूर्योदय----------------06:03:21
सूर्यास्त-----------------18:28:28
दिन काल--------------12:25:06
रात्री काल--------------11:35:20
चंद्रास्त-----------------08:31:32
चंद्रोदय----------------20:05:21

लग्न---- सिंह 23°22' , 143°22'

सूर्य नक्षत्र------------पूर्वाफाल्गुनी
चन्द्र नक्षत्र--------------------रेवती
नक्षत्र पाया-------------------- ताम्र

*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*

च----रेवती10:33:33

ची----रेवती16:02:09

चु----अश्विनी21:30:40

चे----अश्विनी26:59:15

*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= सिंह 23°49 , पूoफाo 3 टी
चन्द्र= मीन 23°30 , रेवती 3 च
बुध = सिंह 20°52 ' पूoफाo 3 टी
शु क्र= कर्क 24°05, आश्लेषा , 2 डू
मंगल= कन्या 27°30 ' चित्रा 2 पो
गुरु=मिथुन 25°30 पुनर्वसु, 2 को
शनि=मीन 05°08 ' उ o भा o , 1 के
राहू=(व) कुम्भ 24°00 पू o भा o, 2 सो
केतु= (व) सिंह 24°00 पूoफा o 4 टू
============================

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 12:16 - 13:49 अशुभ
यम घंटा 07:37 - 09:10 अशुभ
गुली काल 10:43 - 12:16 अशुभ
अभिजित 11:51 - 12:41 अशुभ
दूर मुहूर्त 11:51 - 12:41 अशुभ
प्रदोष 18:28 - 20:49 शुभ

💮गंड मूल अहोरात्र अशुभ

🚩पंचक 5 06:03 - 16:02 अशुभ

💮चोघडिया, दिन

लाभ 06:03 - 07:37 शुभ
अमृत 07:37 - 09:10 शुभ
काल 09:10 10:43 अशुभ
शुभ 10:43 12:16 शुभ
रोग 12:16 - 13:49 अशुभ
उद्वेग 13:49 - 15:22 अशुभ
चर 15:22 16:55 शुभ
लाभ 16:55 18:28 शुभ

🚩चोघडिया, रात

उद्वेग 18:28 - 19:55 अशुभ
शुभ 19:55 - 21:22 शुभ
अमृत 21:22 - 22:49 शुभ
चर 22:49 - 24:16* शुभ
रोग 24:16* - 25:43* अशुभ
काल 25:43*27:10* अशुभ
लाभ 27:10* - 28:37* शुभ
उद्वेग 28:37* - 30:04* अशुभ

💮होरा, दिन

बुध 06:03 -07:05
चन्द्र 07:05- 08:08
शनि 08:08 -09:10
बृहस्पति 09:10 -10:12
मंगल 10:12- 11:14
सूर्य 11:14 -12:16
शुक्र 12:16- 13:18
बुध 13:18 -14:20
चन्द्र 14:20 -15:22
शनि 15:22 -16:24
बृहस्पति 16:24 -17:26
मंगल 17:26- 18:28

🚩होरा, रात

सूर्य 18:28- 19:26
शुक्र 19:26 -20:24
बुध 20:24 -21:22
चन्द्र 21:22 -22:20
शनि 22:20- 23:18
बृहस्पति 23:18 -24:16
मंगल 24:16-25:14
सूर्य 25:14-26:12
शुक्र 26:12-27:10
बुध 27:10-28:08
चन्द्र 28:08-29:06
शनि 29:06-30:04

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*

सिंह > 04:20 से 06:34 तक
कन्या > 06:34 से 08:50 तक
तुला > 08:50 से 11:06 तक
वृश्चिक > 11:06 से 13:22 तक
धनु > 13:22 से 15:30 तक
मकर > 15:30 से 17:10 तक
कुम्भ > 17:10 से 18:42 तक
मीन > 18:42 से 20:12 तक
मेष > 20:12 से 21:42 तक
वृषभ > 21:42 से 23:42 तक
मिथुन > 23:42 से 01:58 तक
कर्क > 01:58 से 04:20 तक
=======================

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान------------- उत्तर*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो पान अथवा पिस्ता खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

15 + 3 + 4 + 1 = 23 ÷ 4 = 3 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

मंगल ग्रह मुखहुति

*💮 शिव वास एवं फल -:*

18 + 18 + 5 = 41 ÷ 7 = 6 शेष

क्रीड़ायां = शोक ,दुःख कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

दोपहर 15:37 तक समाप्त

मृत्यु लोक = सर्वकार्य वीनाशिनी

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

*तृतीया, चतुर्थी श्राद्ध

*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*

भ्रमन्संपूज्यते राजा भ्रमन्संपूज्यते द्विजः ।
भ्रमन्संपूज्यते योगी स्त्री भ्रमन्ती विनश्यति ।।
।।चाo नीo।।

राजा, ब्राह्मण और तपस्वी योगी जब दुसरे देश जाते है, तो आदर पाते है. लेकिन औरत यदि भटक जाती है तो बर्बाद हो जाती है.

*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

गीता -: सांख्ययोग - अo-2

कथं भीष्ममहं सङ्‍ख्ये द्रोणं च मधुसूदन।
इषुभिः प्रतियोत्स्यामि पूजार्हावरिसूदन॥

अर्जुन बोले- हे मधुसूदन! मैं रणभूमि में किस प्रकार बाणों से भीष्म पितामह और द्रोणाचार्य के विरुद्ध लड़ूँगा? क्योंकि हे अरिसूदन! वे दोनों ही पूजनीय हैं
।।4।।

*💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
पूजा-पाठ व सत्संग में मन लगेगा। आत्मशांति रहेगी। कोर्ट व कचहरी के कार्य अनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। मातहतों का सहयोग मिलेगा। किसी सामाजिक कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर प्राप्त हो सकता है। दूसरे के काम में दखल न दें।

🐂वृष
नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामजिक कार्य करने की इच्छा जागृत होगी। प्रतिष्ठा वृद्धि होगी। सुख के साधन जुटेंगे। नौकरी में वर्चस्व स्थापित होगा। आय के स्रोत बढ़ सकते हैं। व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। घर-बाहर सहयोग व प्रसन्नता में वृद्धि होगी।

👫मिथुन
क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। विवाद को बढ़ावा न दें। पुराना रोग बाधा का कारण रहेगा। स्वास्थ्य पर खर्च होगा। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में लापरवाही न करें। छोटी सी गलती से समस्या बढ़ सकती है। व्यवसाय ठीक चलेगा। मित्र व संबंधी सहायता करेंगे। आय बनी रहेगी। जोखिम न लें।

🦀कर्क
अज्ञात भय व चिंता रहेंगे। यात्रा सफल रहेगी। नेत्र पीड़ा हो सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। बगैर मांगे किसी को सलाह न दें। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल रहेगी। धनार्जन होगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे।

🐅सिंह
अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। व्यवस्था नहीं होने से परेशानी रहेगी। व्यवसाय में कमी होगी। नौकरी में नोकझोंक हो सकती है। पार्टनरों से मतभेद हो सकते हैं। थकान महसूस होगी। अपेक्षित कार्यों में विघ्न आएंगे। चिंता तथा तनाव रहेंगे। आय में निश्चितता रहेगी।

🙍‍♀️कन्या
उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ के योग हैं। भाग्य का साथ मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। नौकरी में अधिकार बढ़ सकते हैं। जुए, सट्टे व लॉटरी के चक्कर में न पड़ें। निवेश शुभ रहेगा। प्रमाद न करें।

⚖️तुला
दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। व्यवसाय में जल्दबाजी से काम न करें। चोट व दुर्घटना से बचें। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। घर-बाहर स्थिति मनोनुकूल रहेगी। प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। वस्तुएं संभालकर रखें।

🦂वृश्चिक
प्रयास सफल रहेंगे। किसी बड़े कार्य की समस्याएं दूर होंगी। मित्रों का सहयोग कर पाएंगे। कर्ज में कमी होगी। संतुष्टि रहेगी। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। व्यापार मनोनुकूल चलेगा। अपना प्रभाव बढ़ा पाएंगे। नौकरी में अनुकूलता रहेगी। निवेश शुभ रहेगा। जोखिम व जमानत के कार्य न करें।

🏹धनु
घर-बाहर अशांति रहेगी। कार्य में रुकावट होगी। आय में कमी तथा नौकरी में कार्यभार रहेगा। बेवजह लोगों से कहासुनी हो सकती है। दु:खद समाचार मिलने से नकारात्मकता बढ़ेगी। व्यवसाय से संतुष्टि नहीं रहेगी। पार्टनरों से मतभेद हो सकते हैं। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। जल्दबाज न करें।

🐊मकर
पार्टी व पिकनिक की योजना बनेगी। मित्रों के साथ समय अच्‍छा व्यतीत होगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। नौकरी में अनुकूलता रहेगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। शत्रु सक्रिय रहेंगे। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी।

🍯कुंभ
स्थायी संपत्ति की खरीद-फरोख्त से बड़ा लाभ हो सकता है। प्रतिद्वंद्विता रहेगी। पार्टनरों का सहयोग समय पर मिलने से प्रसन्नता रहेगी। नौकरी में मातहतों का सहयोग मिलेगा। व्यवसाय ठीक-ठीक चलेगा। आय में वृद्धि होगी। चोट व रोग से बाधा संभव है। दूसरों के काम में दखलंदाजी न करें।

🐟मीन
मन की चंचलता पर नियंत्रण रखें। कानूनी अड़चन दूर होकर स्थिति अनुकूल रहेगी। जीवनसाथी पर आपसी मेहरबानी रहेगी। जल्दबाजी में धनहानि हो सकती है। व्यवसाय में वृद्धि होगी। नौकरी में सुकून रहेगा। निवेश लाभप्रद रहेगा। कार्य बनेंगे। घर-बाहर सुख-शांति बने रहेंगे।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

Garh Ganesh Temple is an ancient temple of Lord Ganesh in the city of Jaipur.It is located on the hills near Nahargarh Fort and Jaigarh Fort.Garh Ganesha temple is devoted to Lord Ganesha.

Address

WRWH+26M, Mount Road, Near Gatore Ki Chhatriyan, Krishna Nagar, Brahampuri
Jaipur
302002

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