19/05/2026
🔰 केशवराय पाटन प्रवास अपडेट
🗓️ 19 मई 2026
📯 भारत गौरव तीर्थ संवर्धिका स्वस्तिधाम प्रणेत्री परम् विदुषी लेखिका गणिनी आर्यिका 105 श्री स्वस्तिभूषण माता जी ससंघ
✅ विश्व के प्राचीनतम जैन अतिशय क्षेत्र
🚩 श्री 1008 मुनिसुव्रतनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र केशवराय पाटन राजस्थान में विराजमान हैं।
4100 वर्ष इस प्राचीन जिनालय का सम्पूर्ण पुनर्निर्माण गुरु माँ की प्रेरणा व निर्देशन में गतिमान है।
प्रातः अभिषेक व शांतिधारा के पश्च्यात
गुरु माँ के मंगल प्रवचन हुए
प्रवचन सार
धर्म स्नेही बन्धुओं,
किसी को बुलाने में बताने में व्यंग्य कर रहे हैं तो शब्दों के द्वारा यहाँ तक की सपने में भी शब्द बोल रहे हैं! जिसकी जो मूल भाषा है वह सपनों में बोलता है! तत्वार्थ सूत्र ग्रन्थ में भी शब्द हैं! शब्द किसी को पढना आएं या ना आएं बोलना जरूर आता है!
शब्द संभल कर बोलिए, शब्द के हाथ ना पाँव!
एक शब्द औषधि करे, एक करे है घाव!!
बिल्ली म्याऊँ म्याऊँ करती है कुत्ता भौ भौ करता है कोयल कूँ कूँ करती है! उनको उतने ही शब्द आते हैं!शब्द मिले हैं मनुष्यों के लिए! सारे संसार में कोई उत्कृष्ट प्राणी है तो वह मनुष्य ही है! मनुष्य के लिए यहाँ से मोक्ष स्वर्ग नरक त्रियंच सभी जगह के द्वार खुले हैं! शब्द तो वही रहते हैं सिर्फ भाव आपके रहते हैं! दो प्रकार के शब्द हैं स्वर और व्यंजन! स्वर और व्यंजन जब दोनों मिल जाते हैं तब स्वाद आता है! जैसे भोजन में जब तक रस (घी तेल मीठा आदि ) ना हो तब तक भोजन में रस नहीं आता है! शब्दों में भाव जैसे भोजन यदि प्रसन्नता पूर्वक प्रेम भाव से परोसा जाए तो भोजन ग्रहण करने वाला अतिथि भी प्रसन्न भाव से भोजन ग्रहण करता है! वह भोजन उसके लिए पौष्टिक एवं गुणकारी होता है! किन्तु वही भोजन यदि अपमान पूर्वक दिया जाए तो वह मजबूरी वश खा तो लेगा किन्तु वह ना तो गुणकारी रहेगा ना ही पौष्टिक ही रहेगा! एक महिला के पास आटा, चावल, दाल, चीनी आदि सामग्री तो है किन्तु उसको बनाना कुछ नहीं आता तो उसके पास वह सामग्री व्यर्थ है! वैसे ही तुम्हारे पास शब्द स्वर व्यंजन सब है लेकिन उपयोग करना ना आये तो सब बेकार हैं! शब्दों के लेखन से भी व्यक्ति का स्वभाव पढ़ लिया जाता है! वह किस स्वभाव कैसी प्रवित्ती का है ये उसके लेखन से भी प्रतीत हो जाता है! शब्द बहुत बड़ी शक्ति हैं! जिस प्रकार किसी को बन्दूक की गोली बिना बन्दूक के फेंक कर मारे तो कुछ नहीं होगा किन्तु वही गोली यदि बन्दूक में डालकर यदि किसी के ऊपर चला दे तो वह चोट पहुंचा देती है इसी प्रकार शब्दों को क्रोध आदि कषायों के साथ किसी के लिए प्रयोग करते हैं तो वह मन में घाव पैदा कर देते हैं! जैसे अच्छी गृहणी अच्छा भोजन बना लेती हैं वैसे ही अच्छा ज्ञानी शब्दों को अच्छा बना लेता है!
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