04/04/2018
ज्योतिष में बुध रत्न पन्ने का महत्व -
ज्योतिष-शास्त्र में बताये गये विभिन्न उपायों में रत्नो का भी बड़ा विशेष महत्व है रत्न ग्रहों के द्वारा ब्रह्माण्ड में फैली उनकी विशेष किरणों की ऊर्जा को मनुष्य को प्राप्त कराकर एक विशेष फ़िल्टर का कार्य करते हैं पर सर्वप्रथम तो यह समझना चाहिए के रत्न धारण करने से होता क्या है इसके विषय में यह स्मरण रखें के रत्न पहनने से किसी ग्रह से मिल रही पीड़ा समाप्त नहीं होती या किसी ग्रह की नकारात्मकता समाप्त नहीं होती बल्कि किसी भी ग्रह का रत्न धारण करने से उस ग्रह की शक्ति बढ़ जाती है अर्थात जिस ग्रह से सम्बंधित रत्न पहना है आपकी कुंडली का वह ग्रह बलवान बन जाता है उससे मिलने वाले तत्वों में वृद्धि हो जाती है परन्तु हमारी कुंडली में सभी ग्रह हमें शुभ फल देने वाले नहीं होते कुछ ग्रह हमारी कुंडली के अशुभ कारक ग्रह होते हैं और उनकी भूमिका हमें समस्या, संघर्ष और कष्ट देने की ही होती है अब यदि ऐसे ग्रह का रत्न धारण कर लिया जाये तो वह अशुभ कारक ग्रह भी बलवान हो जायेगा जिससे वह और अधिक समस्याएं देगा अतः यह तो निश्र्चित है के किसी भी व्यक्ति के लिए हर एक रत्न शुभ नहीं होता। रत्न धारण में हमारी जन्मकुंडली की लग्न का ही महत्व होता है कुंडली के लग्नेश और लग्नेश के मित्र ग्रह जो त्रिकोण(1,5,9) के स्वामी भी हों उन्ही ग्रहों का रत्न धारण किया जाता है। यह बात भी ध्यान रखें के रत्न धारण का कुंडली में चल रही दशाओं से भी कोई सीधा सम्बन्ध नहीं है ऐसा बिलकुल नहीं है के जिस ग्रह की महादशा या अंतर्दशा चल रही है उसी ग्रह का रत्न धारण कर लिया जाये तो बिना विश्लेषण के यह हानिकारक हो सकता है क्योंकि केवल हमारी कुंडली के शुभ फल कारक ग्रहों के रत्न ही धारण किये जाते है जो हमारे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाते हैं
पन्ना –
ज्योतिष की रत्न शाखा में बुध के लिए "पन्ने" को निश्चित किया गया है जिसे हम एमरल्ड नाम से भी जानते हैं पन्ना एक प्रकार से बुध ग्रह का ही प्रतिरूप होता है इसमें बुध के गुण विद्यमान होते हैं, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि में बुध को बली या मजबूत करने के लिए धारण किया जाता है ज्योतिष में बुध को बुद्धि, कैचिंग पॉवर, तर्कशक्ति, निर्णय क्षमता, याददास्त, सोचने समझने की क्षमता, वाणी, बोलने की क्षमता, उच्चारण, व्यव्हार कुसलता, सूचना, संचार, यातायात, व्यापार, वाणिज्य, गणनात्मक विषय, लेखन, कम्युनिकेशन और गहन अध्ययन का कारक माना गया है और ये सभी घटक हमारे जीवन में बहुत अहम भूमिका निभाते हैं विशेषतः बुद्धि क्षमता की तो आज के समय में सर्वाधिक और हर जगह आवश्यकता होती है इन सब के अलावा बुध का हमारे स्वास्थ और शरीर पर भी बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है बुध हमारे शरीर के बहुत विशेष घटकों को नियंत्रित करता है ज्योतिष की चिकित्सीय शाखा में बुध को मष्तिष्क, नर्वस-सिस्टम, गला, नसें, त्वचा, बोलने की क्षमता, याददाश्त आदि का प्रतिनिधित्व बुध ही करता है इसलिए पन्ना रत्न में भी ये सभी गुण विद्यमान होते हैं
“पन्ना हरे रंग की आभा रखने वाला रत्न होता है इसमें भी नवीन दूब घांस की तरह हलके हरे रंग की आभा रखने वाले हलके हरे रंग और पारदर्शी पन्ने को श्रेष्ठ माना गया है। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से पन्ना धारण करने से व्यक्ति की कुंडली में स्थित बुध को बल प्राप्त होता है। ........ पन्ना धारण करने से व्यक्ति बौद्धिक क्षमता में वृद्धि होती है, तर्क शक्ति प्राप्त होती है गणनात्मक कार्यों में लाभ मिलता है, वाणी क्षमता और वाक शक्ति प्रबल होती है, शिक्षा और अनुसन्धान कार्यों में सहायता मिलती है, व्यव्हार कुशलता आती है, व्यापारिक गुणों का विकास होता है..... इसके अलावा त्वचा सम्बन्धी रोग, स्नायु तन्त्र की समस्या, मस्तिष्क से जुडी समस्याएं, अस्पष्ट उच्चारण की समस्या और हेजिटेशन की समस्या में भी पन्ना धारण करना लाभदायक होता है। ..... जो लोग उनकी कुंडली में स्थित कमजोर बुध के कारण अपनी प्रतिभा या अपने ज्ञान का सही से प्रदर्शन नहीं कर पाते उनके व्यक्तित्व में भी पन्ना धारण करने से सकारात्मक परिवर्तन आते हैं इसके अंतिरिक्ष बुद्धिपरक, गणनात्मक और रिसर्च कार्य करने वाले लोगो के लिए पन्ना धारण करना सहायक और सकारात्मक परिवर्तन करने वाला होता है। ......... पर जैसा की हमने पहले ही ऊपर समझाया है के पन्ना धारण केवल तभी करना चाहिए जब यह अपनी कुंडली के हिसाब से शुभ हो यदि बुध कुंडली में नकारात्मक फल देने वाला ग्रह है उन्हें पन्ना धारण नहीं करना चाहिए और पन्ना धारण से पहले किसी योग्य ज्योतिषी की सलाह अवश्य लेनी चाहिए।”
समान्यतः वृष, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुम्भ लग्न के जातकों के लिए पन्ना धारण शुभ है।
पन्ना धारण विधि -
पन्ने को चाँदी की अंगूठी में बनवाकर सीधे हाथ की कनिष्ठा उंगली में धारण कर सकते हैं इसके अतिरिक्त हरे धागे या चांदी की चेन के साथ लॉकेट के रूप में गले में भी धारण कर सकते हैं पन्ने को बुधवार के दिन प्रातः काल सर्व प्रथम गाय के कच्चे दूध व गंगाजल से अभिषेक करके धूप दीप जलाकर बुध के मन्त्र का तीन माला जाप करना चाहिए फिर पूर्व या उत्तर दिशा की और मुख करके पन्ना धारण कर लेना चाहिए। ......
पन्ना धारण मन्त्र - ॐ बुम बुधाय नमः