12/05/2026
✨ यूहन्ना 12:6 पर आत्मिक संदेश ✨
❝ उसने यह बात इसलिए न कही, कि उसे कंगालों की चिन्ता थी, परन्तु इसलिए कि वह चोर था… ❞
— Gospel of John 12:6
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इस वचन में प्रभु यीशु का एक चेला,
यहूदा इस्सकरियोती
प्रभु के सामने और लोगों के बीच यह दिखाने की कोशिश कर रहा था कि उसे कंगालों की बहुत चिंता है।
वह कहता है—
“यह इत्र तीन सौ दीनार में बेचकर कंगालों में क्यों नहीं बाँटा गया?”
परन्तु सच्चाई यह थी कि उसे न तो कंगालों की कुछ चिंता थी और न ही प्रभु की सेवा की।
उसे चिंता थी कि वह उस धन को अपने लिए कैसे चुरा कर इस्तेमाल कर सकता है।
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आज भी कई ऐसे लोग प्रभु के सेवकों का रूप लेकर निकल पड़े हैं।
वे लोगों के सामने स्वयं को ऐसा दिखाते हैं मानो उन्हें लोगों और उनकी आत्माओं की बहुत चिंता हो।
किन्तु वास्तव में उन्हें न तो कलीसिया की चिंता है और न ही प्रभु की सेवा की।
सच्चाई यह है कि उनकी चिंता केवल इस बात की होती है कि सेवकाई के धन को अपनी सुख-सुविधाओं के लिए किस प्रकार उपयोग करें।
वे लोग प्रभु की कलीसिया द्वारा सेवकाई के लिए इकट्ठा किए गए धन में से अपनी सुविधाओं के लिए चोरी करते हैं, और प्रभु, सेवा तथा कलीसिया को तुच्छ समझते हैं।
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ऐसे लोगों का अंत भी यहूदा इस्सकरियोती के समान अंधकार और विनाश में निश्चित है।
प्रिय विश्वासियों,
अपनी चौकसी करें।
हर एक आत्मा का विश्वास न करें, परन्तु उन्हें परखें और ऐसे झूठे सेवकों से सावधान रहें।
पास्टर सनी जॉन
न्यू लाइफ चर्च, जगराओं
✝️ प्रभु आपको आशीष दे। ✝️