18/09/2017
शनि हमारे जीवन पर कई तरह से असर डालते हैं और अक्सर उनकी शक्ति को ना पहचानने वाले उनकी टेढ़ी नजर का शिकार हो जाते हैं. शनि की टेढ़ी नजर उन पर ही पड़ती है जो बुरे कर्मों में लिप्त रहते हैं चाहे वो बुरे कर्म जाने-अनजाने ही क्यों ना हुए हो.इन 6 जगहों पर विराजमान हैंशनिदेव...आइए जानें, शनिदेव की टेढ़ी नजर के असर के बारे में...महत्वपूर्ण है शनि की दृष्टिशनि संतुलन और न्याय का ग्रह है. गलत और बेईमान लोगों को पीड़ित करते हैं तोईमानदार, परिश्रमी लोगों कोपुरस्कृत करते हैं. शनि को सीमा ग्रह कहा जाता है क्योंकि जहां सूर्य का प्रभाव खत्म होता है वहीं से शनि का प्रभाव शुरू होताहै. ज्योतिष के जानकारों काये मानना है शनि की नजर बेहद महत्वपूर्ण है.- हर ग्रह के पास एक ही दृष्टि होती है जिसे सातवी दृष्टि के नाम से जाना जाताहै.- लेकिन बृहस्पति, मंगल और शनि के पास अन्य दृष्टियां भी होती हैं.- समस्त ग्रहों में सबसे ज्यादा ताकतवर दृष्टि शनि की होती है.- इसके पास सातवीं के अलावा तीसरी और दसवीं दृष्टि भी होती है.- ये दृष्टि जिस ग्रह, भाव या व्यक्ति पर पड़ती है उसकानाश हो जाता है.- शनि की दृष्टि अलग-अलग ग्रहों पर पड़कर अलग-अलग दुष्परिणाम पैदा करती है.हनुमानजी की पूजा से शांत रहते हैं शनिदेव...बुरे कर्मों की सजा देंगे शनि- कर्म निंदनीय हैं तो शनि दुर्भाग्य देंगे.- बुरे कर्मों पर शनि कंगाल बना देंगे.- शनि बुरे कर्म करने वालों का विवेक खत्म कर देते हैं.- शनि का बुरा असर होने पर निर्णय शक्ति काम नहीं करती.- शनि की टेढ़ी नजर से हमेशाअसफलता मिलती है.- शनि की टेढ़ी नजर से चिड़चिड़ापन बना रहता है.शनि की चाल का क्या रहेगा प्रभावअच्छे कर्म दिलाएंगे शनि कृपा- शनिदेव अच्छे कर्म वालों का भाग्योदय करते हैं.- शनिदेव शुभ कर्म वालों की धन-सम्पत्ति का सदुपयोग कराते हैं.- शनिदेव गृहस्थ जीवन को सुखद बनाते हैं.- धर्म की राह पर चलने की प्रेरणा देकर तपस्या को बढ़ाते हैं.स्वास्तिक करेगा हर मनोकामना पूरीशनि की नजर ग्रहों का असरइन सारी बातों को जानकर आप एक बात समझ गए होंगे कि शनिदेव सिर्फ बुरा नहीं करते बल्कि वो बुरे लोगों के साथ बुरे और अच्छे लोगोंके साथ अच्छे हैं. ज्योतिष के जानकारों का ये मानना हैकि शनि की टेढ़ी नजर ग्रहोंके अनुसार अलग-अलग दुष्परिणाम देती है.- सूर्य पर दृष्टि हो तो व्यक्ति का दांपत्य जीवन खराब होता है.- इससे पिता पुत्र में सम्बन्ध अच्छे नहीं होते हैं.- अगर चन्द्रमा पर हो तो तीव्र वैराग्य पैदा होता है.- इससे व्यक्ति सन्यासी या मानसिक रोगी होता है.- अगर शनि की नजर मंगल पर हो तो विस्फोट जैसी स्थिति आती है.- इसके प्रभाव से प्रचंड दुर्घटना के योग बनते हैं.- बुध पर दृष्टि हो तो व्यक्ति धूर्त, चालाक होता है.- लेकिन इससे त्वचा की समस्या हो जाती है.- बृहस्पति पर दृष्टि हो तो व्यक्ति पेट का रोगी होता है.- इससे ज्ञानी और अहंकारी भी होता है.- शुक्र पर दृष्टि हो तो चरित्र दोष हो जाता है.- राहु या केतु पर दृष्टि होतो व्यक्ति नशे का शिकार होता है.- लेकिन कभी कभी राजनीति में सफलता पा जाता है.जानें पूजा में धूप-दीप का महत्वशनि की दृष्टि होगी लाभकारी- जब शनि अपनी राशि या उच्च राशि को देखता हो.- जब शनि मेष, कर्क या सिंह राशि में हो.- जब शनि पर बृहस्पति की दृष्टि हो.- जब शनि कुम्भ राशि में हो.- जब शनि की दृष्टि लाभकारी हो तो व्यक्ति को धन बनाता है.- साथ ही व्यक्ति घर से दूर जाकर सफल होता है.शनि की कृपा पाने के लिए इन बातों का रखें ध्यानज्योतिष के जानकारों का ये मानना है कि शनि की कृपा पाने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.आइए जानें, शनि की कृपा कब और कैसे मिलती है...-जब व्यक्ति सत्य बोलता है और अनुशासित रहता है.- जब व्यक्ति कमजोर और निर्बल लोगों की खूब सेवा करता है.- जब व्यक्ति अपने बड़े बुजुर्गों की सेवा करता है.- जब व्यक्ति फलदार और लम्बी अवधि तक रहने वाले पेड़ लगाता है.- जब व्यक्ति भगवान शिव की या कृष्ण की नियम पूर्वक उपासना करता है.कुछ सरल उपाय शनि को करेंगेप्रसन्नअगर शनि नाराज हो जाएं तो जीवन में परेशानियों का अंबार लग जाता है. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि शनि की बुरी नजर से बचने के उपाय क्या हैं. ताकि शनि की कृपा आप पर बनी रहे. ज्योतिष में कुछ सरल उपाय हैं जिन्हें अपनाकर आप शनि की टेढ़ी नजर से बच सकते हैं.- कभी भी शनि के किसी ऐसी मूर्ति के दर्शन ना करें जिसमें शनि की आंखें हो.- हर शनिवार के दिन लाल वस्त्र धारण करके हनुमान जी के सामने खड़े हों.- हनुमान चालीसा का पाठ करें.- रोज शाम पश्चिम दिशा की ओरदीपक जलाकर शनि देव के मंत्र का जाप करें.- घर के छोटों और सहायकों केसाथ अच्छा व्यवहार रखें.- नीले रंग का अधिक से अधिक प्रयोग करें.इसके साथ ही आप कुछ और उपायों से शनि को प्रसन्न कर सकते हैं...- जीवन में ईमानदार बनें, सत्य बोलें और बड़े बुजुर्गों को सम्मान दें.- तुलसी के पौधे में और पीपलमें जल डालें.- शनिवार सायंकाल सरसों के तेल का दीपक चौराहे या पीपलके नीचे जलाएं.- कभी भी हरे पेड़ ना काटें, गर्भपात ना करवायें.- सूर्योदय के पूर्व अवश्य जागें और शिव जी की उपासना करें.- शनि देव के मूल मंत्र 'ॐ शंशनैश्चराय नमः' का जाप करें.