Shri Shiv Bhakt Ramayan Mandal (menariya brahman samaj)

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Shri Shiv Bhakt Ramayan Mandal (menariya brahman samaj) Har Shaniwar Ratri 9 Baje Menariya Brahman Samaj Me Sundarkand Path Ka Aayojan Kiya Ja raha hai, aap sabhi apne mitro ke sath avashya padhare

श्रीगुरु चरण सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि । वरनऊँ रघुवर विमल जसु, जो दायकु फल चारि ॥ बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरो पवन कुमार । बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेश विकार ॥ हमारे रामजी से राम राम, कहियो जी हनु्मान, कहियो जी हनु्मान, कहियो जी हनु्मान ॥ जय हनुमान ज्ञान गुन सागर । जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥ राम दूत अतुलित बल धामा । अंजनिपुत्र पवन सुत नामा ॥ महावीर बिक्रम बजरंगी । कुमति निवार सुमित

ि के संगी ॥ कंचन वरन विराज सुवेसा । कानन कुंडल कुंचित केसा ॥ हाथ बज्र औ ध्वजा विराजै । काँधे मूँज जनेऊ साजै ॥ शंकर सुवन केसरीनंदन । तेज प्रताप महा जग बंदन ॥ विद्यावान गुनी अति चातुर । राम काज करिबे को आतुर ॥ प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया । राम लखन सीता मन बसिया ॥ हमारे रामजी से राम राम, कहियो जी हनु्मान, कहियो जी हनु्मान, कहियो जी हनु्मान ॥ सूक्ष्म रूप धरि सियहि देखावा । बिकट रूप धरि लंक जरावा ॥ भीम रूप धरि असुर सँहारे । रामचंन्द्र के काज सँवारे ॥ लाय सजीवन लखन जियाये । श्री रघुबीर हरषि उर लाये ॥ रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई । तुम मम प्रिय भरत सम भाई ॥ सहस बदन तुम्हरो जस गावैं । अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं ॥ सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा । नारद सारद सहित अहीसा ॥ जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते । कबि कोबिद कहि सके कहाँ ते ॥ तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा । राम मिलाय राज पद दीन्हा ॥ हमारे रामजी से राम राम, कहियो जी हनु्मान, कहियो जी हनु्मान, कहियो जी हनु्मान ॥ तुम्हरो मंत्र विभीषन माना । लंकेश्वर भये सब जग जाना ॥ जुग सहस्त्र जोजन पर भानू । लील्यो ताहि मधुर फल जानू ॥ प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं । जलधि लाँघि गये अचरज नाहीं ॥ दु्र्गम काज जगत के जेते । सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते ॥ राम दुआरे तुम रखवारे । होत न आज्ञा बिनु पैसारे ॥ सब सुख लहैं तुम्हारी सरना । तुम रच्छक काहू को डर ना ॥ आपन तेज सम्हारो आपै । तीनों लोक हाँक तें काँपै ॥ भूत पिसाच निकट नहिं आवै । महावीर जब नाम सुनावैं ॥ हमारे रामजी से राम राम, कहियो जी हनु्मान, कहियो जी हनु्मान, कहियो जी हनु्मान ॥ नासै रोग हरै सब पीरा । जपत निरंतर हनुमत बीरा ॥ संकट तें हनुमान छुड़ावै । मन क्रम वचन ध्यान जो लावै ॥ सब पर राम तपस्वीं राजा । तिन के काज सकल तुम साजा ॥ और मनोरथ जो कोइ लावै । तासु अमित जीवन फल पावै ॥ चारों जुग परताप तुम्हारा । है परसिद्ध जगत उजियारा ॥ साधु संत के तुम रखबारे । असुर निकंदन राम दुलारे ॥ अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता । अस बर दीन जानकी माता ॥ राम रसायन तुम्हरे पासा । सदा रहो रघुपति के दासा ॥ हमारे रामजी से राम राम, कहियो जी हनु्मान, कहियो जी हनु्मान, कहियो जी हनु्मान ॥ तुम्हरे भजन राम को पावै । जनम जनम के दुख बिसरावै ॥ अंत काल रघुबर पुर जाई । जहाँ जन्म हरि भक्त कहाई ॥ और देवता चित्त न धरई । हनुमत सेइ सर्ब सुख करई ॥ संकट कटै मिटै सब पीरा । जो सुमिरैं हनुमत बलबीरा ॥ जै जै जै हनुमान गोसाईं । कृपा करहु गुरू देव की नाईं ॥ जो शत बार पाठ कर कोई । छूटे बंदि महा सुख होई ॥ जो यह पढै हनुमान चलीसा । होय सिद्धि साखी गौरीसा ॥ तुलसीदास सदा हरि चेरा । कीजै नाथ हृदय मँह डेरा ॥ हमारे रामजी से राम राम, कहियो जी हनु्मान, कहियो जी हनु्मान, कहियो जी हनु्मान ॥ पवनतनय संकट हरन, मंगल मूरति रुप । राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप ॥ श्री राम जय राम जय जय राम ।

22/08/2020
12/06/2014

Jai Shree Ram

26/04/2013

Date 27/04/2013 ko Shri Menariya Brahman Samaj 52 Shreni me bhandare ka aayojan kiya ja raha hai, aap sabhi saparivar aamantrit hai

26/02/2013

jai hanuman

24/10/2012

happy dassehra friends

24/10/2012
चारो धाम का फल पायेगा तू जिस केदीदार से,ऐसा तीर्थ मिलेगा केवल मैया केदरबार पे।झोली फैला के जाएगा, भर भर केमुरादे लाएगा॥स...
18/10/2012

चारो धाम का फल पायेगा तू जिस के
दीदार से,
ऐसा तीर्थ मिलेगा केवल मैया के
दरबार पे।
झोली फैला के जाएगा, भर भर के
मुरादे लाएगा॥
सुनती है सब की फ़रिआदे,
राजा क्या भिखारी,
भक्त की नैया डोली जबभी, माँ ने
पार उतारी।
इस कलयुग में जिस के दर से कोई
ना जाए खाली,
और कोई अवतार
नहीं वो माता शेरो वाली।
कलयुग में भय और शंका भागे जिसके
दीदार से,
ऐसा तीर्थ मिलेगा केवल मैया के
दरबार पे॥
तोड़ के सब बंधन माया के तेरी शरण
जो आए,
तुझ को अर्पण हो के अपने सोये भाग्य
जगाए।
जहां तेरी पूजा वो थल अम्बर से
भी पावन,
तेरी भक्ति से बन जाए मन खुशिओं
का आँगन।
जिस की शरण में आके छुटे यह मन हर
विकार से,
ऐसा तीर्थ मिलेगा केवल मैया के
दरबार पे॥
तेरी ममता का सागर मैया कितना है
गहरा,
उसने सब कुछ पाया तेरे दर पे
जो भी ठहरा।
मुझपे भी पुप्कार करदे ओ
माता शेरों वाली,
सुनते हैं माँ भारती हैं तू सब
की झोलिया खाली।
हर कोई सब कुछ पा जाता है जिस के
दीदार से,
ऐसा तीर्थ मिलेगा केवल मैया के
दरबार पे॥
झूठी माया झूठे जग
की तेरा सच्चा द्वारा,
एक बार जो आए, वो आता है फिर
दुबारा।
हर कोई अपने भाग्य जगाए आ कर तेरे
दर पे,
सारे जग में जिम्मेदारी मैया तेरे दर
पे।
जो सुन्दर है, जो पावन है इस सारे
संसार से,
ऐसा तीर्थ मिलेगा केवल मैया के
दरबार पे

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Kanungo Bakhal
Indore
452001

Telephone

9039904016

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