29/05/2026
🛕 क्या आपने कभी सोचा है कि हम “श्रीहरि”, “श्रीराम”, “श्रीकृष्ण” क्यों कहते हैं?
अधिकांश लोग “श्री” को केवल सम्मान सूचक शब्द मानते हैं, जबकि भगवान विष्णु और उनके अवतारों के साथ जुड़ा “श्री” माता लक्ष्मी का भी प्रतीक है।
माता लक्ष्मी का एक नाम “श्री” है, जिसका अर्थ है — ऐश्वर्य, समृद्धि और मंगल प्रदान करने वाली।
इसीलिए जब हम श्रीहरि कहते हैं, तो उसका भाव होता है — लक्ष्मी-नारायण।
जब हम श्रीराम कहते हैं, तो उसमें सीता-राम का भाव समाहित होता है।
और श्रीकृष्ण कहने में रुक्मिणी-कृष्ण का दिव्य स्वरूप निहित होता है।
भगवान विष्णु के प्रत्येक अवतार के साथ माता लक्ष्मी भी अवतरित होती हैं।
श्रीराम के साथ माता सीता, श्रीकृष्ण के साथ माता रुक्मिणी, और अन्य अवतारों में भी माता लक्ष्मी विभिन्न स्वरूपों में प्रकट हुईं।
अतः “श्री” केवल सम्मान नहीं, बल्कि भगवान और उनकी दिव्य शक्ति के एकत्व का प्रतीक है।
🙏 जय श्रीहरि
🙏 जय श्रीकृष्ण
कृष्णम वंदे जगतगुरुम 🚩
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