कृष्णम वंदे जगद्गुरुम

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कृष्णम  वंदे जगद्गुरुम वसुदेव सुतं देवं कंस चाणूर्मर्दनम्।
देवकी परमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्।।

जय श्री कृष्णा .

भगवान श्रीकृष्ण प्रेम स्वरूप हैं।
वह केवल प्रेम के बंधन में बंधे हैं।
सच्चे प्रेम से ही उनकी कृपा प्राप्त की जा सकती है।

भगवान श्रीकृष्ण केवल प्रेम के बंधन में बंधे हैं।
परंतु प्रेम गोपियों और सुदामा जैसा निस्वार्थ होना चाहिए।
जो श्रीकृष्ण से मित्रता करता है उसे बिन मांगे ही सब-कुछ मिल जाता है।
गोपियों ने श्रीकृष्ण से प्रेम किसी स्वार्थ पूर्ति के लिए नहीं किया था।
इसी तरह

सुदामा की भक्तिभी निस्वार्थ थी।
यही कारण था कि श्रीकृष्ण उनसे मिलने नंगे पांव दौड़ कर आए और भरे बाजार में गले लगाया।
श्रीकृष्ण जिस पर कृपा करते हैं उसका उद्धार हो जाता है।

🛕 क्या आपने कभी सोचा है कि हम “श्रीहरि”, “श्रीराम”, “श्रीकृष्ण” क्यों कहते हैं?अधिकांश लोग “श्री” को केवल सम्मान सूचक शब...
29/05/2026

🛕 क्या आपने कभी सोचा है कि हम “श्रीहरि”, “श्रीराम”, “श्रीकृष्ण” क्यों कहते हैं?

अधिकांश लोग “श्री” को केवल सम्मान सूचक शब्द मानते हैं, जबकि भगवान विष्णु और उनके अवतारों के साथ जुड़ा “श्री” माता लक्ष्मी का भी प्रतीक है।
माता लक्ष्मी का एक नाम “श्री” है, जिसका अर्थ है — ऐश्वर्य, समृद्धि और मंगल प्रदान करने वाली।

इसीलिए जब हम श्रीहरि कहते हैं, तो उसका भाव होता है — लक्ष्मी-नारायण।
जब हम श्रीराम कहते हैं, तो उसमें सीता-राम का भाव समाहित होता है।
और श्रीकृष्ण कहने में रुक्मिणी-कृष्ण का दिव्य स्वरूप निहित होता है।

भगवान विष्णु के प्रत्येक अवतार के साथ माता लक्ष्मी भी अवतरित होती हैं।
श्रीराम के साथ माता सीता, श्रीकृष्ण के साथ माता रुक्मिणी, और अन्य अवतारों में भी माता लक्ष्मी विभिन्न स्वरूपों में प्रकट हुईं।

अतः “श्री” केवल सम्मान नहीं, बल्कि भगवान और उनकी दिव्य शक्ति के एकत्व का प्रतीक है।

🙏 जय श्रीहरि
🙏 जय श्रीकृष्ण

कृष्णम वंदे जगतगुरुम 🚩
#जयश्रीहरि #विष्णुभक्ति

🪷✨ पद्मिनी एकादशी / कमला एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएँ ✨🪷पुरुषोत्तम मास में आने वाली पावन पद्मिनी एकादशी का व्रत अत्यंत द...
27/05/2026

🪷✨ पद्मिनी एकादशी / कमला एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएँ ✨🪷

पुरुषोत्तम मास में आने वाली पावन पद्मिनी एकादशी का व्रत अत्यंत दुर्लभ और पुण्यदायी माना गया है। यह शुभ अवसर लगभग तीन वर्ष में एक बार आता है, इसलिए इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।

शास्त्रों एवं पद्म पुराण में वर्णित है कि श्रद्धा, भक्ति और नियमपूर्वक इस व्रत को करने से भगवान भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह व्रत जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति देकर अक्षय पुण्य प्रदान करता है।

इस पावन दिन भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी की पूजा, मंत्र जाप, भजन-कीर्तन, दीपदान और अन्न, वस्त्र, फल, जल तथा गौसेवा का दान अत्यंत शुभ माना गया है। मान्यता है कि इस दिन किया गया दान और सेवा व्यक्ति की मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला होता है।

आइए, इस दिव्य एकादशी पर अपने मन को भक्ति से भरें, अहंकार और नकारात्मकता का त्याग करें तथा प्रभु के चरणों में स्वयं को समर्पित करें। 🌿🙏

🕉️
“जो हरि का हो जाता है,
उसका जीवन स्वयं प्रभु संवार देते हैं…”

🚩 कृष्णम वन्दे जगद्गुरुम 🚩

#पद्मिनीएकादशी #कमलाएकादशी

12/05/2026

सीताराम सीताराम सीताराम कहिए, ।
ताही विधि राखे राम, ताही विधि रहिए।।

जय सीताराम 🙏🌸

जहाँ प्रेम है, वहाँ राधा हैं…जहाँ राधा हैं, वहाँ स्वयं श्रीकृष्ण हैं। 💖🕊️॥ राधे राधे ॥ 🌸 #राधाकृष्ण    #जयश्रीराधे      ...
09/05/2026

जहाँ प्रेम है, वहाँ राधा हैं…
जहाँ राधा हैं, वहाँ स्वयं श्रीकृष्ण हैं। 💖🕊️
॥ राधे राधे ॥ 🌸
#राधाकृष्ण #जयश्रीराधे

राधा नाम में ऐसी शक्ति है जो मन को शांति, प्रेम और भक्ति से भर देती है।बस “रा” से बाधाएँ दूर हों और “धा” से प्रभु तक पहु...
08/05/2026

राधा नाम में ऐसी शक्ति है जो मन को शांति, प्रेम और भक्ति से भर देती है।
बस “रा” से बाधाएँ दूर हों और “धा” से प्रभु तक पहुँचने का मार्ग मिल जाए। 🌸✨
जय श्री राधे कृष्ण 🙏💖

#राधे_राधे ्री_राधे #भक्ति #कृष्णभक्ति #राधारानी

10/03/2026

रोग हरने वाली माँ शीतला को नमन।
शीतला सप्तमी की शुभकामनाएँ। 🌼🙏


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