सदगुरु श्री ब्रह्मचैतन्य गोंदवलेकर महाराज जी का जीवन कल सन 1845 से 1913 तक का रहा सतारा महाराष्ट्र जिले के गोंदवले ग्राम मे जन्म हुआ व वही उनकी समाधि भी बनी हुई है जो एक तीर्थस्थान का महत्व भी रखता है जहा लाखो श्रद्धालु पहुचकर समाधान प्राप्त करते है। उन्होंने सम्पूर्ण भारत मे तीन बार पैदल यात्रा की यघपि उनका स्थाई स्थान(धाम)गोंदवले रहा परन्तु वे इंदौर हरदा काशी नेमिषारण्य हरिद्वार श्रीषिकेश आदि स्
थानो पर सदैव जाते रहे तथा निवास करते रहे । उन्होने असंख्य लोगो को दुराभिमान से मुक्त किया। एक साधारण से परिवार में जन्म लेकर ईश्वर नाम जप तप से संतत्व प्राप्त किया और विशेष कर मध्यम वर्गीय लोगो को राम नाम मे लगाया। नामस्मरण की शक्ति से हजारों चमत्कार कर दिखाए सिर्फ इसलिए कि नाम के प्रति लोगो मे प्रेम उत्पन्न हो और समाधान मिले।
ऐसे ही उनके परम् शिष्य श्री श्रीराम कोकजे गुरुजी , जिन्हें आज के युग मे एक आदर्श सद्गुरु भक्त और नैतिकता , सत्चरित्रवान, अनुशासित व सहज मार्गदर्शक माना जाता है ,उन्होंने अत्यंत कष्ट सहन करते हुए प्रपंच की अनगिनत बाधाओं को पार करते हुए ,अपने परिवार, नॉकरी तथा सामाजिक जिम्मेदारियों का अत्यंत ईमानदारी से निर्वाहन करते हुए गोंदवले धाम की इंदौर में स्थापना 2001 में की। गोंदवलेकर महाराज के विचार व उपदेशों को जन जन तक पहुचाया । अपने स्वास्थ्य की चिंता ना करते हुए इंदौर व भारत वर्ष के कई शहरों में घर घर जाकर ईश्वर नाम की लौ जलाने का कार्य किया जो आज भी अनवरत जारी है। समाज मे पारिवारिक कलह मतभेद दूर कर अनेकों का जीवन सुखमय किया। इस कार्य हेतु उन्होने निर्धनो की सहायता की। जनता को मानसिक , सद्ज्ञान और समाधान देकर अन्नदान को बढ़ावा दिया। हजारों परिवारों का जीवन सुलभ किया ।गोरक्षण अन्नदान नाम-जप भजन सप्ताह तीर्थयात्रा कीर्तन इत्यादि विभिन्न माध्यमो से सांसारिक लोगो मे भगवान के प्रति आस्था उत्पन्न की और कहा- " ईश्वर का नाम लेकर आनंद व समाधान प्राप्त करे।" श्री कोकजे गुरुजी अपने प्रचार के पक्षधर कभी नहीं रहे उनका कहना था की मेरे प्रचार की आवश्यकता नहीं ,बस मेरे सद्गुरु गोंदवलेकर महाराज की बाते जन जन तक पहुचे और समाज मे समाधान व्याप्त हो ऐसा कर्म मुझे करते जाना है। आज वास्तव मे उनके
कथनानुसार उनके गोंदवलेकर महाराज जी के विचारों के प्रचार
की आवश्यकता महसूस की जा रही है जिसे समाज सुधारक, चिंतक , आध्यात्मिक गुरु श्री कोकजे गुरुजी द्वारा निःशुल्क और बिना अपेक्षा के जन जन तक पहुचाया जा रहा है।
गुरुजी के बताए हुए मार्ग पर चलकर लोग बहुत लाभान्वित हो रहे है
उनके अनुयायियो मे आये परिवर्तन को देखकर अन्य भी श्रीराम कोकजे गुरुजी
जी से आकर्षित होते जा रहे है और ईश्वर नाम-स्मरण के द्वारा अपने प्रपंच व परमार्थ मे समाधान प रहे है |