26/12/2025
हर गुरुपुरब पर जब सुखासन होता है, उस समय अक्सर स्वागत और घोषणाओं पर ज़्यादा ध्यान दिया जाता है। यह देखकर मन विचार करता है कि कहीं हम गुरू साहिबों की ਹाज़ਰੀ और उस पਵित्र ਪਲ से ज़ਿਆਦਾ अपनी announcements और welcome speeches को महत्व तो नहीं देने लगे?
जहाँ गुरू ਸਾਹिब ਦੀ ਹਾਜ਼ਰੀ ਹੋਵੇ, वहाँ मुख्य ध्यान ਸਿਮਰਨ, ਸ਼ਬਦ, ਅਤੇ ਸਹਿਜਤਾ पर रहना चाहिए।
स्वागत और घोषणाएँ ज़रूरी हो सकती हैं, परन्तु वो सुखासन के बाद भी हो सकती हैं।
अगर किसी को अपना स्वागत सुनाना है या Announcement करनी है,
तो उचित होगा कि वह समापन तक रुके, क्योंकि सबसे पहले सम्मान गुरू ਸਾਹिब का है — न कि हमारी announcements का।
Aaj fir guru gobind singh jayanti par vahi hua
Sonu Bagga Manpreet Kaur Kalsi Monu Bhatia Harpal Singh Bhatia - Monu Singh kalsi