28/09/2021
गुरु समय-समय पर अपने भक्तों के धैर्य की परीक्षा लेते रहते हैं। और जो लोग इन बाधाओं से डरते हैं, उनमें अभी भी आस्था और विश्वास की कमी है।
जब गुरु के प्रति विश्वास और श्रद्धा अटूट हो जाए और उनके चरणों में पूर्ण समर्पण की भावना हो, तो समझना चाहिए कि भक्ति ठीक से हो रही है।