26/06/2022
2)स्वाधिष्ठान चक्र(sacral chakra):
स्वाधिष्ठान चक्र जिसे दूसरे चक्र के रूप में भी जाना जाता है, आपके नाभि से दो इंच नीचे स्थित होता है। "यह चक्र आपकी भावनाओं,आपकी रचनात्मकता, संवेदनशीलता, अंतरंगता, भावनात्मक कल्याण और आत्म-अभिव्यक्ति को नियंत्रित करता है,"
इसका रंग है नारंगी।
स्वाधिष्ठान चक्र जब डिस्टर्ब होता है उनको यूरिन इन्फेक्शन, ट्यूमर, एलर्जी, प्रोस्टेट कैंसर, मल्टीप्ल पर्सनैलिटी डिसऑर्डर, आत्मविश्वास की कमी, लीगल प्रॉब्लम, अपराध की भावना, पारिवारिक लाइव डिस्टर्ब।
उसे स्वाधिष्ठान चक्र बैलेंस करना है।
*मंत्र: एसोपंचणमोक्कारो, सव्वपावप्पणासणो ।*
*श्री भक्तामर स्तोत्र गाथा नंबर 1(first)।*
ऊपर दिए गए मंत्र और जाप से मेडिटेशन करें।🙏🏻🙏🏻
मेडिटेशन और जाप करने के बाद आपको मन में यह बोलना है कि भक्तामर कि इस गाथा से मेरा यह( चक्र का नाम ) चक्र शुद्ध हो गया है।🙏🙏