Shri Karni Mata Mandir Landhari Hisar Haryana

Shri Karni Mata Mandir Landhari Hisar Haryana करणी माँ का इतिहास :

हमारे देश में अनेक प्रसिद्ध मंदिर हैं, जहां बार-बार जाने का मन करता है। एक ऐसा

11/08/2024

जय मां करणी
पिछले काफी दिनों से गांव लांधड़ी जिला हिसार में बारिश नही हो रही थी किसानों के चहरे मुरझाने लगे थे फसलें सूखती जा रही थी । किसानों को कोई सॉल्यूशन नजर नहीं आ रहा था । आखिर उनके मन में आया क्यों ना मां करणी से प्रार्थना की जाए और गांव वासियों ने मां करणी के मंदिर में पैसे इकट्ठे करके एक भंडारा करने का फैसला लिया । पैसे इकट्ठे करके, भंडारे की सारी सामग्री लेकर मंदिर पहुंचे । 5 मिनट में ही मां की किरपा से बारिश चालू होती है और एक अच्छी बारिश हुई जबकि आकाश में बादल भी बहुत ज्यादा नही थे।अच्छी बारिश से किसानों के चहरे खिल गए ,और किसान मां का गुणगान करते नजर आए आज मां का भंडारा आयोजित हुआ काफी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में आए और मां के मंदिर में माथा टेका और भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया । आज भी मां करणी के आशीर्वाद से बारिश हुई हैं । सच में मां आपकी माया अप्रम पार है जय मां करणी आप गांव पर ऐसे ही आपकी किरपा बनाए रखे । देशनोक धीरानी की जय ।

15/12/2021

करणी माता आरती | Karni Mata Aarti

22/11/2021

जय मां करणी..... एक रचना..... *क.... ख... ग... घ....ड़..... क्रमशः*

*काल गती ना छू सकै, काट न सकै करोत*
*जो करणी मां को भजै, मार न पावै मौत।*

*खडग खप्र कर धारणी, सिंह चढी गरणाय.।*
*आवै चपला वेग सै, सेवग रै सुरराय. ।*

*गज काया सो कालजो, शेरां सरी दकाल.।*
*थर थर काँपै दुष्टडा,(जद) रूप धरै विकराल*

*घन गाजै जद दास पे, विपदा वाला आ'र*
*हाथ पकड मां देवती, पल में पार उतार.।*

*ड़ अर्थां सी जिंदगी, बिलकुल बेपरवाह*
*है सहरां की भटकनें, मात पकडले बांह*

*चलती है जब चारणी, होकर सिंह सवार.।*
*तीन लोक सजदा करै, दुनिया जय जयकार.।*

*छम छम बाजै घूघरा, चारण गावै गान*
*पाछै चालै मावडी, भैरव है अगवाण.।*

*जल में थल में कूप में, नभ में भी विस्तार.।*
*सांचे मन सै जो भजी, खडी मावडी आ' र*

*झगडु वाली झाझडी, थी हिचकोला खाय.।*
*हाथ बढायो भाविनी, दीन्ही पार लगाय. ।*

*ञ सा खाली हो गया, सुंदर आज शरीर*
*आन पडी है आवडा, तव भक्तन पर भीर*

*टसकण लाग्यो भूपडो, जपियो थारो जाप.।*
*बख्तावर कै टालियो, मोमिन रो अभिशाप ।*

*ठंडी निजरां राखज्यो, पातां पर हे मात. ।*
*थारी किरपा सूं सदा, पनपै चारण जात.।*

*डम डम बाजै डेरवा , बहै रास रसधार*
*मामों भैरूं है खड्यो, द्वारै पौरेदार*

*ढकियो अंबा सूर नै, लाखी लोवड ताण. ।*
*तात भ्रात सुत नै करया, जीवित सत रै पाण.।*

*णमोकार भव मोचनी, बीसहथी भुजलंब*
*सदा रहो निज सेवगां,डाढ्याली अवलंब*

*तरवारां जद खिंच गयी, भूप गंग रण खेत.।*
*सिंह होय माजी करयो, बैरयां रो आखेट.।*

*थम ज्यासी जद सांस भी, धडकन होसी मंद.।*
*तब तक मां तुझको भजूं,अतरो कर प्रबंध.।*

*दल दल मांही डोकरी , फंसियो थारो पात.।*
*ज्यूं निकलै त्यौं त्यौं धंसै, आय उबारो मात*

*धन नहीं मांगू मावडी, ना हीरां री खाण. ।*
*सुत नैं दीज्यो शंकरी, तव चरणां में ठाण. ।*

*नहीं दरद दुख पीर को, ना विपदा की बात*
*दरद एक क्यूं ना दिये, दर्शन मुझको मात*

*पवन वेग परमेश्वरी, उडत आव आकाश.।*
*बिरद पढ्यो मन में जगी, दर्शण वाली प्यास*

*फल दीज्यो उण दास नैं, जिणरा सांचा भाव. ।*
*राह दिखा ज्यो मेटके, भरमां का भटकाव ।*

*बल बुद्धि भगती बहुत, बगसो बीस भुजाह*
*बैर भीर भय भंजना, भार हरो भगताह*

*भव जल तारो भगवती, बीच भंवर मत छोड*
*तव महिमा में मावडी, मांडूं सबद करोड*

*मन में थारी मावडी, मूरत बसी अनूप. ।*
*रग रग में है राचियो, देवी थारो रूप. ।*

*यदा कदा कुछ भूल भी, करते भोलै बाल.।*
*मां ममता की खान है, हंसकर देती टाल.।*

*रज राखूं निज भाल पे, पा ल्यूं शीर्ष मूकाम ।*
*चरण पड्या जठ मात रा, कण कण बणग्यो धाम ।*

*लता पुष्प फल दास है, मात आप हो मूल.।*
*बनी आवरण ना दिये, चुभने हमको शूल ।*

*वन अगनी सी तेज जद, बढती जावै पीर.।*
*दुनिया भी बिसराय दे , मात बंधावै धीर.।*

*शंकर की पटराणी थे, भले सती अवतार.।*
*दर्शण देबा आवणूं, पडसी मां इकबार.*

*षट ऋतु बारह मास मैं, खड्यो रहूं लो द्वार*
*दर्शण जद तक ना हुवै, छोडूं कोनी लार ।*

*सत की पेडी सांवरी, राख्या म्हारी राह.*
*प्रांजल थारै पूत की, करज्यो मां परवाह. ।*

*हद से ज्यादा आपरो, मात म्हनैं विश्वास*
*साद सुणंता आवज्यो, आधे हेलै पास*

*क्षमा करो मां दास को, भगती करो कुबूल*
*तूफानों में है रही,( मम ) जीवन डोरी झूल*

*त्रास मेट तन की मेरे, मेट मनां संताप*
*मेरे तो जय करनला, ओंमकार सो जाप*

*ज्ञान नहीं गुणहीन हूँ , मैं माटी का ढेर*
*अटल भरोसो राख के , टेर रहा मां टेर।*

ड़ का अर्थ - कुछ नहीं
ञ का अर्थ - खाली

प्रहलाद सिंह कविया 'प्रांजल'

06/11/2021
Please subscribe the channel । Jai Ma Karni
07/08/2021

Please subscribe the channel । Jai Ma Karni

13/04/2021

🍁"रिद्धि दे, सिद्धि दे,
वंश में वृद्धि दे, ह्रदय में ज्ञान दे,
चित्त में ध्यान दे, अभय वरदान दे,
दुःख को दूर कर, सुख भरपूर कर, आशा को संपूर्ण कर,
सज्जन जो हित दे, कुटुंब में प्रीत दे,
जग में जीत दे, माया दे, साया दे, और निरोगी काया दे,
मान-सम्मान दे, सुख समृद्धि और ज्ञान दे,
शान्ति दे, शक्ति दे, भक्ति भरपूर दें. नव वर्ष हार्दिक शुभकामनाएं
🌹🌹👏🏻👏🏻👏🏻👏🏻🌹🌹
*माँ दुर्गा का आशीर्वाद हमेशा हम सब पर बना रहे! नवरात्रों की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं*🙏🙏🌹

Jai Mata ji ki
17/09/2020

Jai Mata ji ki

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