Kabir _is_god

Kabir _is_god जीव हमारी जाति है, मानव धर्म हमारा।
हिंदू मुस्लिम सिक्ख ईसाई धर्म नही कोई न्यारा।।

मगहर में अंतिम लीलाजब कबीर साहेब का पृथ्वी पर रहने का समय पूरा हुआ, तब हिंदू और मुस्लिम दोनों उनके शरीर को अपने-अपने रीत...
29/05/2026

मगहर में अंतिम लीला
जब कबीर साहेब का पृथ्वी पर रहने का समय पूरा हुआ, तब हिंदू और मुस्लिम दोनों उनके शरीर को अपने-अपने रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार देना चाहते थे।
हिंदू लोग शरीर का दाह संस्कार करना चाहते थे।
मुस्लिम लोग दफनाना चाहते थे।
इस बात पर विवाद होने लगा। तब कबीर साहेब ने सबको एक चादर ओढ़ाने को कहा।
जब चादर हटाई गई, तो वहाँ शरीर नहीं था — केवल सुगंधित फूल मिले।फिर:
आधे फूल हिंदुओं ने लेकर समाधि बनाई।
आधे फूल मुसलमानों ने लेकर मजार बनाई।
आज भी Kabir Chaura Maghar में मंदिर और मजार साथ-साथ बने हुए हैं, जो भाईचारे का प्रतीक माने जाते हैं।

कबीर साहेब ने किसी माता के गर्भ से जन्म नहीं लिया। सन 1398 (विक्रमी संवत 1455) में ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा को वे सीधे आक...
29/05/2026

कबीर साहेब ने किसी माता के गर्भ से जन्म नहीं लिया। सन 1398 (विक्रमी संवत 1455) में ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा को वे सीधे आकाश से उतरकर काशी के लहरतारा तालाब में खिले एक कमल के फूल पर शिशु रूप में प्रकट हुए थे।
​वहाँ से नीरू और नीमा नाम के एक निःसंतान जुलाहे दंपति उन्हें अपने घर ले आए। कबीर साहेब ने केवल बाल रूप की लीला की, लेकिन उनका शरीर पंचभौतिक (हाड़-मांस) का नहीं, बल्कि प्रकाशमय (नूरी) था।
​2. कुंवारी गाय से दूध पीना
​जब कबीर साहेब शिशु रूप में थे, तो उन्होंने किसी भी स्त्री का दूध पीने से मना कर दिया। नीरू और नीमा बहुत चिंतित हो गए। तब कबीर साहेब की प्रेरणा से एक कुंवारी गाय (जिसने कभी बछड़े को जन्म नहीं दिया था) लाई गई। कबीर साहेब के स्पर्श मात्र से उस कुंवारी गाय के थनों से दूध की धारा बहने लगी, जिसे पीकर कबीर साहेब ने अपनी बाल लीला आगे बढ़ाई।

  गरीब,सत भक्ति परम पुरूष की,जे कर जाने कोय। सतनाम तारी लगे,दिल दर्पण को धोय।।भावार्थ :-यदि कोई मोक्ष चाहता है तो सतपुरु...
29/05/2026


गरीब,सत भक्ति परम पुरूष की,जे कर जाने कोय। सतनाम तारी लगे,दिल दर्पण को धोय।।
भावार्थ :-यदि कोई मोक्ष चाहता है तो सतपुरुष की सत्य भक्ति शास्त्रों में वर्णित करे। यदि जो कोई सत्य साधना का ज्ञान रखता है तो परम पुरूष की भक्ति करो। सत्य नाम के स्मरण में लगन लगाकर स्मरण करके दिल के दर्पण यानि अंतकरण को साफ करे।

  गुरु शिष्य का स्नेहजैसे पपीहा पक्षी पृथ्वी पर खड़ा पानी नहींपिता चाहे प्यास से मर जाए।वह आकाश से वर्षा का पानी पिता है...
29/05/2026


गुरु शिष्य का स्नेह
जैसे पपीहा पक्षी पृथ्वी पर खड़ा पानी नहीं
पिता चाहे प्यास से मर जाए।
वह आकाश से वर्षा का पानी पिता है। इसी प्रकार शिष्य को अपने गुरु के अतिरिक्त अन्य गुरु से कोई वास्ता नहीं होना चाहिए।
"अधिक जानकारी के लिए Satlok Ashram YouTube चैनल पर visit करें"।

  कबीर,जा घर गुरु की भक्ति नही, संत नही मिहमान।ता घर जम डेरा दिया, जीवण भये मसान।।कबीर साहेब जी कहते है की जिस घर मे गुर...
29/05/2026


कबीर,जा घर गुरु की भक्ति नही, संत नही मिहमान।
ता घर जम डेरा दिया, जीवण भये मसान।।
कबीर साहेब जी कहते है की जिस घर मे गुरु की भक्ति नही होती और संत जन अतिथि बनकर नही आते वह घर तो संकटों से घिरा रहता है।
समझो, वहां मृत्यु ने अपना डेरा डाल दिया है। वहां सबके जीते -जागते हुए भी श्मशान जैसा लगता है।

  जिनके पास कबीर साहेब द्वारा बतायाहुआ सतभक्ति मार्ग नहीं है,ये सब कालप्रेरित हैं। अतः बुद्धिमान को चाहिए कि सोच-विचारकर...
29/05/2026


जिनके पास कबीर साहेब द्वारा बताया
हुआ सतभक्ति मार्ग नहीं है,ये सब काल
प्रेरित हैं।
अतः बुद्धिमान को चाहिए कि सोच-विचार
कर भक्ति मार्ग अपनांए क्योंकि मनुष्य जन्म अनमोल है यह बार-बार नहीं मिलता।
कबीर साहेब जी कहते हैं कि -
कबीर मानुष जन्म दुर्लभ है, मिले न बारंबार।
तरुवर से पत्ता टूट गिरे, बहुर न लगता डारि।।

  तत्वदर्शी संत पूर्व जन्म में शुभ कर्मों के संयोग बिना परम संत यानि तत्वदर्शी संत नहीं मिलता और सतगुरू के बिना खालिक (प...
29/05/2026


तत्वदर्शी संत
पूर्व जन्म में शुभ कर्मों के संयोग बिना परम संत यानि तत्वदर्शी संत नहीं मिलता और सतगुरू के बिना खालिक (परमात्मा) का विचार यानि यथार्थ ज्ञान नहीं मिलता।
अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखें,
Sant Rampal Ji Maharaj YouTube Channel पर।

  संख कल्प जुग जीवना, तत्त न दरस्या रिंच।आन उपासा करते है, ज्ञान ध्यान परपंच।।यदि कोई संख कल्प तक जीवित रहे। ज्ञान जरा-स...
29/05/2026


संख कल्प जुग जीवना, तत्त न दरस्या रिंच।
आन उपासा करते है, ज्ञान ध्यान परपंच।।
यदि कोई संख कल्प तक जीवित रहे। ज्ञान जरा-सा भी नहीं है। तत्त्वज्ञान हीन है। सत्य भक्ति से वंचित है तो वह लंबा जीवन भी व्यर्थ है।
"अधिक जानकारी के लिए Satlok Ashram YouTube चैनल पर visit करें"।

  दीक्षा लेने के उपरांत भक्त के ऊपर भक्ति की राह में कितना ही कष्ट आए, मन में यही आए कि परमात्मा जो करता है, भक्त के भले...
29/05/2026


दीक्षा लेने के उपरांत भक्त के ऊपर भक्ति की राह में कितना ही कष्ट आए, मन में यही आए कि परमात्मा जो करता है, भक्त के भले में ही करता है।
अधिक जानकारी के लिए पवित्र पुस्तक “ज्ञान गंगा” निःशुल्क प्राप्त करें।
अपना नाम, पूरा पता, मोबाइल नंबर हमें व्हाट्सएप करें+917496801825

29/05/2026


संख कल्प जुग जीवना, तत्त न दरस्या रिंच।
आन उपासा करते है, ज्ञान ध्यान परपंच।।
यदि कोई संख कल्प तक जीवित रहे। ज्ञान जरा-सा भी नहीं है। तत्त्वज्ञान हीन है। सत्य भक्ति से वंचित है तो वह लंबा जीवन भी व्यर्थ है।
"अधिक जानकारी के लिए Satlok Ashram YouTube चैनल पर visit करें"। Sanjay Gawle

Address

Gaavo Pabra
Hisar
125112

Telephone

+917082401352

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Kabir _is_god posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Place Of Worship

Send a message to Kabir _is_god:

Share