16/05/2026
आज से पुरुषोत्तम मास प्रारंभ हो रहा है इस मास में क्या करना चाहिए... और क्या नहीं करना चाहिए ...इस लेख के माध्यम से जाने-
क्या करना चाहिए?
प्रतिदिन 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' या अन्य किसी भी भगवान के नाम या मंत्र का जाप करें । विष्णु सहस्रनाम या श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ करना भी बहुत फलदायी है।अपनी क्षमतानुसार गरीबों या ब्राह्मणों को दान करें। इस मास में 33 की संख्या में वस्तुओं (जैसे फल, दीपक, वस्त्र) का दान करने की विशेष महिमा है। सात्विक आहार लें और हो सके तो एकादशी जैसे तिथियों पर व्रत रखें।पवित्र नदियों में स्नान: यदि संभव हो तो इस महीने में गंगा या अन्य पवित्र नदियों में स्नान करें।मंदिरों या अपने घर के पूजा स्थल पर संध्या के समय घी के दीपक जलाएं (दीपदान करें)।
क्या नहीं करना चाहिए?
इस मास में विवाह, सगाई, मुंडन, और नया व्यवसाय या कार्य आरंभ करना पूरी तरह से मना होता है।तामसिक भोजन से बचें: लहसुन, प्याज, मांस, मदिरा, और किसी भी प्रकार के नशे का सेवन न करें।झूठ और विवाद से बचें: किसी की निंदा न करें, झूठ बोलने से बचें और अपने मन व वाणी में सात्विकता बनाए रखें।दिन में न सोएं: शास्त्रों के अनुसार, इस महीने में दिन के समय सोने की मनाही होती है।