शिव शक्ति साधक

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🕉️आध्यात्मिक ✨ साधना 🧘‍♂️ कुण्डलिनी अनुभव
🌌 ऊपरी बाधा नकारात्मक ऊर्जा समाधान
भक्ति की शक्ति सबसे ऊपर है
गलत कार्य वाले दूर रहे
personal guidence (paid service)
केवल गंभीर साधक ही संपर्क करे
whatsapp:- 9058229871

रुको! बजरंग बाण का अधूरा पाठ मत करो।मैं सच बता रहा हूँ - आप जो बजरंग बाण पढ़ रहे हो वो अधूरा है।बाजार की किताबों, फोटो, ...
25/08/2026

रुको! बजरंग बाण का अधूरा पाठ मत करो।

मैं सच बता रहा हूँ -
आप जो बजरंग बाण पढ़ रहे हो वो अधूरा है।

बाजार की किताबों, फोटो, PDF में
आखिरी की 12 लाइनें छापी ही नहीं जाती।
जो 12 लाइनें बाण को सिद्ध करती हैं,
उसी को हटा दिया गया है।
इसीलिए इतने लोग रोज पढ़ते हैं,
पर फल नहीं मिलता।
पूर्ण बजरंग बाण से आप हर प्रकार का तंत्र यहां तक मारन क्रिया तक को काट सकते है
इसको कैसे सिद्ध करना है और चलाना कैसे है
इसके 2 तरीके बताएंगे एक भक्ति भाव सौम्य भाव वाला तरीका
एक है उग्र वीर भाव वाला तरीका

आज रात 9 बजे
मैं संपूर्ण बजरंग बाण - उन 12 गुप्त लाइनों के साथ,
सिद्ध करने का विधान चलाने का विधान सब कुछ बताने वाले है
अपने Facebook Subscriber परिवार के लिए

लेकिन केवल मेरे Subscribers के लिए।
Public में कभी नहीं आएगी।

जो सच्चे मन से बजरंग बाण सिद्ध करना चाहते हैं,
वो अभी Subscribe कर लो

रात 9 बजे मिलते हैं चैनल में।

जय बजरंग बली 🚩

हनुमान चालीसा सिद्धि - 41 दिन का दिव्य प्रयोग बहुत लोग चालीसा पढ़ते हैं, पर सिद्ध बहुत कम लोगों को होती है।संकल्प और विध...
24/08/2026

हनुमान चालीसा सिद्धि - 41 दिन का दिव्य प्रयोग

बहुत लोग चालीसा पढ़ते हैं, पर सिद्ध बहुत कम लोगों को होती है।

संकल्प और विधि :
1. किसी भी मंगलवार या शनिवार से शुरू करें, ब्रह्म मुहूर्त में। 2. प्रतिदिन 108 पाठ श्री हनुमान चालीसा के करें - लगातार 41 दिन तक। एक आसन, एक समय, 3.दशांश हवन - यानी 11 पाठ हवन करें प्रतिदिन, 4. साधना के अंतिम दिन 5 ब्रह्मचारी बालकों को भोजन कराएं, यथाशक्ति दक्षिणा दें। 5. इस 41 दिन ब्रह्मचर्य, सात्विक भोजन और सत्य वचन का पालन अनिवार्य है।
इतना करते ही आपकी हनुमान चालीसा सिद्ध हो जाती है।
प्याज लहसुन असत्य बोलना,तम्बाकू मदिरा ये सब निषेध है
दाहिने हाथ मै अक्षत जल फूल दक्षिणा लेकर अपना नाम गोत्र पिता का नाम तिथि जिस मनोकामना के लिए कर रहे है वह बोलना है

सिद्ध होने के बाद इसके चमत्कारी लाभ :

1. जल अभिमंत्रित करना: किसी भी बीमार व्यक्ति को 7 बार चालीसा पढ़कर जल अभिमंत्रित करके दे दें। हनुमत कृपा से उसे तुरंत आराम मिलने लगता है। यह सैकड़ों साधकों का अनुभूत है।

2. आसन बंधन: कहीं भी जाते हैं, यात्रा, सभा या नकारात्मक जगह पर - 7 बार चालीसा पढ़कर अपने चारों तरफ घेरा लगा लें, आपका आसन बंध जाएगा, कोई भी नकारात्मक शक्ति आपको छू नहीं पाएगी।

3. देह रक्षा कवच: रोज सुबह 7 बार पाठ करके अपनी देह पर फूंक मार लें। पूरे दिन आपका शरीर एक वज्र के समान सुरक्षित रहेगा। नजर, टोना, भूत-प्रेत बाधा सब दूर रहती है।

4. वाणी सिद्धि: पुरुष जो भी आशीर्वाद देता है, हनुमान जी उसे पूर्ण करते हैं। यदि उसका दया जनकल्याण का भाव है तब
बहुत ही कम शब्दों मै स्पष्ट और सटीक जानकारी आपको दी गई है

जय बजरंग बली! 🙏
सीताराम
**ra

23/08/2026

कुल देवी की सेवा से बनेंगे बिगड़े काम



मोहिनी योगिनी साधना64 योगिनियों में से 1 है ** मोहिनी योगिनी ये बेल के पेड़ पर वास करती है। जिस साधक को ये सिद्ध हो गई, ...
22/08/2026

मोहिनी योगिनी साधना
64 योगिनियों में से 1 है ** मोहिनी योगिनी ये बेल के पेड़ पर वास करती है। जिस साधक को ये सिद्ध हो गई, उसके वचन में मोहिनी शक्ति आ जाती है।

शुक्रवार रात 3 बजे,ब्रह्ममुहुर्त मै बेल के पेड़ के नीचे लाल आसन पर बैठना लाल या गुलाबी वस्त्र धारण करने है, शरीर पर गुलाब का इत्र लगाना है और बेल की जड़ मै भी गुलाब का इत्र लगाना है,
11 गुलाब, इत्र और 1 नारियल,हर शुक्रवार खीर का भोग,
दिशा उत्तर पूर्व, सबसे पहले पेड़ के पास जाकर साफ सफाई जल छिड़क कर आसन लगाए,तिल या घी का दीपक जलाए,वृक्ष को प्रणाम करे ,और 21 से 41 दिन न संकल्प ले कि मै अमुक योगिनी सिद्धि हेतु मेरा नाम गोत्र आदि बोलकर मै 21 या 41 दिन प्रतिदिन आकर सेवा पूजा दूंगा मुझे इनकी सिद्धि प्राप्त हो,अब आपको लगभग 2 घंटे जाप करना है और बंद आंखों मै ही योगिनी को देखने का प्रयास करना है,आखिरी दिन खीर,बेलपत्र और बेल से हवन करना है, 11 दिन मै ही अनुभव शुरू हो जाते है,

इस योगिनी के सिद्ध होने पर साधक के अंदर जबरदस्त आकर्षण शक्ति आती है। भीड़ में भी लोग उसी की बात सुनते हैं। बंद पड़े धन के रास्ते खुलते हैं, व्यापार में जो ग्राहक टूट रहा था वो वापस जुड़ता है। वाक सिद्धि - मुंह से निकला वचन सत्य होने लगता है,
बिना गुरु निर्देश के साधना न करे, किसी भी साधना मै पीछे गुरु का हाथ होना चाहिए, जैसे कोई त्रुटि हो जाए तो उसको संभालने वाला कोई होना चाहिए,रक्षा मंत्र आदि सिद्ध होना चाहिए,केवल पढ़ने मात्र से साधना शुरू नहीं की जा सकती, यह आप लोगों की जिज्ञासा के लिए है जानकारी
जय श्री महाकाल

21/08/2026

मेलडी मसानी

क्या आपके घर के पास भी कुत्ता रोता हैहर आदमी ने ये 3 चीज महसूस की होगी:1. जब कुत्ता आपके दरवाजे की तरफ देखकर रोए -मान्यत...
20/08/2026

क्या आपके घर के पास भी कुत्ता रोता है
हर आदमी ने ये 3 चीज महसूस की होगी:

1. जब कुत्ता आपके दरवाजे की तरफ देखकर रोए -
मान्यता है कि उसे आपके पितर या कोई अतृप्त आत्मा दिखाई देती है। कुत्ते की आँखें वो देख लेती हैं जो हम नहीं देख पाते। इसीलिए श्राद्ध में कुत्ते को रोटी दी जाती है ताकि पितर तृप्त हों।

2. जब 2-3 रात लगातार एक ही समय पर रोए -
बड़े-बूढ़े कहते हैं ये अनहोनी का संकेत होता है। या तो घर में कोई बीमार होने वाला है, या कोई अप्रिय समाचार आने वाला है। ये मेरा नहीं, ज्योतिष शास्त्र का कहना है - जिस घर के बाहर कुत्ता रोता है, वहाँ कुछ न कुछ घटना जरूर होती है। और ये बिल्कुल अनुभूत बात है, एक नहीं हजारों लोगों ने महसूस किया है, एक व्यक्ति के घर 3 महीने पहले से 7 दिन कुत्ता गेट के बाहर आकर रोता था, उसने उसको रोटी दी उसने नहीं खाई, उसको देख कर वह काटने को दौड़ता था जैसे कि कुत्ते को उस व्यक्ति के साथ कोई दूसरी अदृश्य चीज दिख रही हो, परिणाम 3 महीने बाद उसकी अकाल मृत्यु हो गई

3. जब आधी रात 12 से 3 के बीच सारे कुत्ते एक साथ रोने लगें तो समझ जाओ उनको वो आत्माएं दिख रही है जो इंसानों को नहीं दिखती, तंत्र शास्त्र में लिखा है काल भैरव की पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त रात 12 से 4 बजे तक होता है। उस समय कुत्ते उनकी ऊर्जा को महसूस करके हैं।

सच तो ये है -
कुत्ता कभी बेवजह नहीं रोता। वो या तो आपके घर की नकारात्मक ऊर्जा को देखकर रोता है, या आपके दुश्मन ने जो कुछ किया है उसे देखकर। काला कुत्ता तो साक्षात काल भैरव का रक्षक है।

अगर आपके घर के पास भी रोज रोता है तो आज ही ये करो, नहीं तो पछताओगे:
1. कल सुबह सबसे पहले काले कुत्ते को तेल चुपड़ी मीठी रोटी खिलाओ। इससे शनि, राहु-केतु और कालसर्प का दोष खत्म होता है और काल भैरव प्रसन्न होते हैं। 2. रात में सोने से पहले मुख्य दरवाजे पर सरसों के तेल का 1 दीपक जलाओ और बोलो - "ॐ कालभैरवाय नमः" 11 बार। 3. कमेंट में "जय काल भैरव" लिखो,
ये अंधविश्वास नहीं, सनातन का सच है। जिसने भी काले कुत्ते की सेवा की, उसका बुरा समय टल गया। बाबा की कृपा से

क्या आपके घर के पास भी रात में कुत्ते रोते हैं????
पोस्ट को लाइन शेयर किया जिससे सही व्यक्तियों जानकारी पहुंच पाए, ऐसी ही रहस्य मई जानकारी के लिए फॉलो कर ले,बाद मै पछताना न पड़े
जय काल भैरव

संभल जाओ अभी भी वक्त हैबजरंग बाण मै यही गलती करते है सभी 90% लोग यही करते हैं -1. बिना संकल्प के बाण चलाना - संकल्प नहीं...
20/08/2026

संभल जाओ अभी भी वक्त है
बजरंग बाण मै यही गलती करते है सभी

90% लोग यही करते हैं -

1. बिना संकल्प के बाण चलाना - संकल्प नहीं, नहाया नहीं, बस किताब उठाई और शुरू। बिना संकल्प के ये बाण नहीं चलाए जाते
ऐसे ऐसे लोग देखे है जो पूजा से पहले नहाने मै संकोच करते है,अधूरा ज्ञान हानिकारक होता है जो अपना ही नुकसान कर देता है

2. हफ्ते में 4 दिन मुर्गा-दारू और मंगल को महाभक्त - हफ्ते भर तक मांस-मदिरा, झूठ, गाली-गलौज,दूसरे की बुराई,और मंगल को आकर तिलक लगा कर बोले - "जय बजरंग बली, सुनते क्यों नहीं?" बाबा नौकर है तुम्हारा? हफ्ते मै 5 दिन gf bf का खेल,मंगलवार को मंदिर का नाटक नौटंकी ड्रामा

3. बिना नहाए-धोए पवित्र बाण का पाठ - शरीर पर पसीना, मुंह में प्याज-लहसुन की बदबू और हाथ में हनुमान जी की चौपाई। पहले खुद पवित्र बनो, फिर पाठ करो।

4. प्याज-लहसुन खा कर तामसिक शरीर से सात्विक पूजा - जब बाण चलाना है तो कम से कम उस दिन तो सात्विक रहो। तामसिक पेट लेकर तीव्र साधना नहीं होती,हफ्ते मै 5 दिन गलत चीजें खाकर एक दिन भक्त बनने से कुछ नहीं होगा ध्यान रखना ये बात,

5. अब कुछ मूर्ख लोग हमको ही ज्ञान देने आजाते है, कि अरे इतने लंबे चौडे विधान की कोई आवश्यकता नहीं है,ये तो किताबी ज्ञान है, हम तो खुद साधक है,हम तो चलते फिरते भी कर लेते है बजरंग बाण हनुमान जी सुन लेते है, चलते फिरते नाम जप होता है, बाण चलाओगे चलते फिरते तो तुम्हारे पिछवाड़े मै घुस जाएगा,जब बवासीर होगी तो भागे फिरोगे भगत के पास,ये ऐसे लोग है जो स्वयं कुछ नहीं कर पाए,लेकिन अपने आपको सिद्ध साधक समझते है, स्वयं के घर पर तंत्र क्रिया हुई होती है,परिवार परेशान,घर मै अकाल मृत्यु पितृ बंधन मै पड़े है,लेकिन स्वयं को सिद्ध साधक मानते है,

हनुमान जी भाव के भूखे हैं, दिखावे के नहीं। पर दारू मास पर स्त्री गमन, दूसरे का पैसा मार कर खा लिया, और फिर कहते हो कि हनुमान जी भाव के भूखे है, मास दारू 4 दिन खाकर मंगलवार को कौनसा भाव जागता है तुम लोगो मै,
जो गलत तरीके से करते हो उसमें सुधार करो, दारू मास मै हजारों खर्च करते हो, सही ज्ञान के लिए फ्री की लालसा रहतीं है, की सब कुछ फ्री मै मिल जाए, बहुत होशियार हो

🔴इस पोस्ट पर 2000 "जय श्री राम" / "राम नाम" कमेंट आ गए तो मैं इसी पोस्ट के कमेंट में PIN कर दिया जाएगा कि इसका प्रायश्चित कैसे करना है और बाण को फिर से कैसे सिद्ध करना है।
जिनसे गलती हुई है सभी के लिए, अब तुम राम का नाम लिखने मै भी तुम्हारे हाथ टूट रहे है तो ,जो राम का नहीं वो हमारे किसी काम का नहीं फिर, 2000 राम नाम कमेंट होते ही पिन कर देंगे पूरी विधि निःशुल्क जाओ

टारगेट पूरा करो, शेयर करो लाइक करो, इससे फेसबुक ये जानकारी जिसको जरूरत होती है उसके पास पहुंचा देता है, क्या पता तुम्हारे एक लाइक शेयर से किसी का भला हो जाए

जय श्री राम 🚩
#बजरंगबाण

क्या आपका बजरंग बाण निष्फल जा रहा है? जानिए वो गुप्त नियम जो कोई नहीं बताता!इसीलिए शास्त्र कहते हैं ये तीर की तरह है। ती...
19/08/2026

क्या आपका बजरंग बाण निष्फल जा रहा है? जानिए वो गुप्त नियम जो कोई नहीं बताता!
इसीलिए शास्त्र कहते हैं ये तीर की तरह है। तीर निशाना लगाएगा ही, लेकिन अगर चलाने वाला अनाड़ी हुआ तो तीर पलट कर उसी को लग जाता है।

बजरंग बाण कब पलट कर लगता है?

जब आप 3 भाव से करते हो:
1. बदले के भाव से - किसी का बुरा हो जाए इसलिए 2. अहंकार के भाव से 3. अशुद्धता के भाव से - मन में वासना,
जब आप एक ही भाव से करते हो - "हे प्रभु, मैं असहाय हूँ, मेरी रक्षा करो"

ये रक्षा का बाण है, हमले का नहीं।
​आज के समय में जब व्यक्ति चारों तरफ से संकटों, गुप्त शत्रुओं, कोर्ट-कचहरी और मानसिक तनाव से घिर जाता है, तो उसे केवल एक ही सहारा नजर आता है—महावीर हनुमान। हनुमान जी की भक्ति में 'बजरंग बाण' को सबसे अचूक और तीव्र प्रभाव दिखाने वाला माना गया है।
​लेकिन क्या कारण है कि कई लोग महीनों तक इसका पाठ करते हैं, फिर भी उन्हें वो परिणाम नहीं मिलता जो मिलना चाहिए? क्या बजरंग बाण का पाठ रोज़ करना चाहिए? या इसकी कोई विशेष विधि है? आइए आज इसके पीछे के उस रहस्य और सही विधि को जानते हैं, जिससे यह पाठ सीधे जागृत हो जाता है।
​ सबसे बड़ी भूल: क्यों बजरंग बाण साधारण पाठ नहीं है?
​कई साधक इसे हनुमान चालीसा की तरह एक सामान्य प्रार्थना समझ लेते हैं। यहीं पर सबसे बड़ी चूक होती है। बजरंग बाण में हनुमान जी को "श्री राम की सौगंध" दी जाती है। जब आप किसी देव को उनके सबसे प्रिय आराध्य की सौगंध देते हैं, तो उन्हें तुरंत उस कार्य के लिए अग्रसर होना पड़ता है।
​नियम: साधारण और छोटी-मोटी इच्छाओं के लिए कभी भी बजरंग बाण का प्रयोग न करें। इसका प्रयोग केवल तब करना चाहिए जब संकट अत्यंत गंभीर हो, शत्रु हावी हो रहे हों, या जीवन पर कोई बड़ा संकट मंडरा रहा हो।
बजरंग बाण सिद्ध करने की प्रामाणिक विधि
​यदि आप किसी विशेष कार्य या भारी संकट से मुक्ति पाना चाहते हैं, तो इसे एक अनुष्ठान के रूप में करें।
​शुभ समय: यह अनुष्ठान किसी भी मंगलवार, शनिवार या हनुमान जयंती से शुरू किया जा सकता है। समय हमेशा ब्रह्ममुहूर्त (सुबह 4 से 6) या रात्रि काल (9 बजे के बाद) का चुनें। रात्रि काल में साधना अधिक तीव्र परिणाम देती है।
​आसन और दिशा: लाल रंग का ऊनी आसन लें। आपका मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।
​संकल्प: हनुमान जी के सम्मुख गाय के घी का या चमेली के तेल का दीपक जलाएं। दीपक आप 7 अनाज के आटे मै बड के पत्तों मै से जो दूध निकलता है वह मिला कर बना सकत है,या मिट्टी का के सक्त है,
हाथ में जल और अक्षत (चावल) लेकर अपनी समस्या कहें और संकल्प लें कि आप 11 या 21 दिनों तक रोज़ निश्चित संख्या (जैसे 7, 11 या 21,54,108पाठ) में बजरंग बाण करेंगे।
​राम नाम का आश्रय: बजरंग बाण शुरू करने से पहले और बाद मै 1 माला (108 बार) "राम रामाय नमः" या "जय श्री राम" का जाप अनिवार्य है। प्रभु श्री राम का नाम सुनकर हनुमान जी अत्यंत प्रसन्न होते हैं।
भोग मै लड्डू गुड चना मीठा पान तुलसी पत्ता रखे
​ साधना के दौरान होने वाले अनुभव और सावधानियां
​जब आप पूरी निष्ठा से बजरंग बाण का अनुष्ठान करते हैं, तो शरीर और वातावरण में एक विशेष ऊर्जा (Vibrations) का संचार होने लगता है।
​ऊर्जा का अहसास: साधना के दौरान रीढ़ की हड्डी में गर्माहट महसूस होना, शरीर का भारी होना या अचानक कमरे के तापमान में बदलाव महसूस होना बेहद सामान्य है। यह इस बात का संकेत है कि आपकी प्रार्थना स्वीकार हो रही है।
​पूर्ण ब्रह्मचर्य: जितने दिन भी आपका अनुष्ठान चले (11 या 21,41दिन), मन, वचन और कर्म से पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन अनिवार्य है।
साधना के समय मन हनुमान जी मै ही लगाए रखे, आपका शरीर जाप कर रहा है मन भौतिक संसार मै घूम रहा है तो ऐसी साधना का कोई लाभ नहीं है,
​सात्विक आहार: तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन, मांस, मदिरा) से पूरी तरह दूर रहें।
​ फलश्रुति: क्या लाभ मिलते हैं?
​जो साधक नियमों में बंधकर बजरंग बाण को सिद्ध कर लेता है, उसके जीवन से:
​तनाव और नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) का जड़ से नाश हो जाता है।
​गंभीर से गंभीर बीमारियाँ और अकाल मृत्यु का भय टल जाता है।
​व्यापार और नौकरी में आ रही गुप्त शत्रुओं की बाधाएं तुरंत शांत होती हैं।
​अंत में यही सत्य है: हनुमान जी आज भी इस पृथ्वी पर जागृत देव हैं। आपकी भक्ति जितनी निश्छल होगी,
मार्केट मै जो पुस्तक मिलती है उसमें 12 से 15 लाइन मिस की हुई है बजरंग बाण की जिससे कोई किसी को हानि न पहुंचाएं या स्वय को हानि न पहुंचे, इसलिए अधूरा दिया गया है,
ऐसी ही जानकारी के लिए पेज को फॉलो कर ले, और पोस्ट को शेयर किया करे,जिससे ऐसी ही जानकारी आपको प्राप्त होती रहे
​जय श्री राम। जय हनुमान।


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