18/02/2026
त्रिदिवसीय विश्व शांति महायज्ञ की पूर्णाहुति
महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव की ससुराल कनखल स्थित श्री तिलभाण्डेश्वर महोदव मंदिर के 31वें महाशिवरात्रि महोत्सव के दूसरे दिन रविवार को भगवान शिव की बारात धूमधाम से निकाली गयी। मंदिर प्रांगण से आरम्भ हुई शिव बारात का शुभारम्भ नगर विधायक मदन कौशिक व मंदिर के श्रीमहंत त्रिवेणी दास महाराज ने किया। नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई शिव बारात मंदिर प्रांगण पहुंचकर ही सम्पन्न हुई।
श्री तिलभाण्डेश्वर महोदव मंदिर में महाश्विरात्रि महोत्सव का शुभारम्भ बीते रोज विश्व शांति यज्ञ के साथ आरम्भ हुआ था। आज दूसरे दिन शिव बारात का आयोजन किया गया। सोम वार को यज्ञ की पूर्णाहुति, संत सम्मलेन व भण्डारे के साथ आयोजन का समापन हुआ
शिव बारात के शुभारम्भ अवसर पर शिव भक्तों का आशीर्वचन देते हुए मंदिर के श्रीमहंत त्रिवेणी दास महाराज ने कहाकि सदियों पूर्व भगवान शिव स्वंय माता सती को ब्याहने के लिए कनखल नगरी आए थे। उनके साथ भूत-प्रेत, देव-दानव, किन्नर, यक्ष, पिशाच आदि बाराती बनकर आए थे। आज की बारात में भी भूत-प्रेतों की टोली उसी युग की शिव बारात के दृश्य को प्रस्तुत करती प्रतीत हो रही है। कहाकि कनखल नगरी अति प्रवित्र नगरी हैं। यहां भगवान शिव की बारात और राजा दक्ष के यज्ञ में समस्त देवताओं की चरण रण यहां पड़ी। इस कारण कनखल नगरी की महिला अनन्त है।
यहां का कण-कण शिव है।
इसके पश्चात शिव बारात निकाली गयी, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे पूरे मार्ग में भक्ति का माहौल छाया रहा। ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और जयकारों के साथ निकली शिव बारात में श्रद्धालु शिवभक्ति में लीन नजर आए। बारात के मार्ग पर जगह-जगह पुष्पवर्षा की गई और भक्तों के लिए प्रसाद वितरण की विशेष व्यवस्था की गई थी। शिव बारात में भूत-प्रेत और भगवान शिव के गण विशेष आकर्षण का केन्द्र रहे।