Tilbhandeshwar Mahadev Mandir

Tilbhandeshwar Mahadev Mandir Tilbhandeshwar Mahadev Mandir Satighat Kankhal Haridwar

26/08/2026
प्राचीन सिद्ध पीठ श्री तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर सतीघाट कनखल हरिद्वार
24/08/2026

प्राचीन सिद्ध पीठ श्री तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर सतीघाट कनखल हरिद्वार

तिलभाण्डेश्वर महादेव मंदिर में गूंजा ‘नंद के घर आनंद भयो’, कृष्ण जन्मोत्सव पर झूमे श्रद्धालुहरिद्वार। कनखल स्थित श्री ति...
23/08/2026

तिलभाण्डेश्वर महादेव मंदिर में गूंजा ‘नंद के घर आनंद भयो’, कृष्ण जन्मोत्सव पर झूमे श्रद्धालु
हरिद्वार। कनखल स्थित श्री तिलभाण्डेश्वर महादेव मंदिर के 34वें श्रावण मास वार्षिकोत्सव महोत्सव के तहत आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन मंदिर परिसर कृष्ण भक्ति में डूबा नजर आया। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और कथा व्यास आचार्य दीपक भाई जोशी के मुखारविंद से भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा का रसपान किया। कृष्ण जन्म का प्रसंग आते ही पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए।
कथा व्यास आचार्य दीपक भाई जोशी ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है और धर्म की हानि होती है, तब भगवान किसी न किसी रूप में अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्म की कथा में देवकी-वसुदेव, कंस के अत्याचार और भगवान श्रीहरि के अवतार का वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म केवल एक धार्मिक घटना नहीं, बल्कि अधर्म पर धर्म और अज्ञान पर ज्ञान की विजय का संदेश है। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन के माध्यम से कर्म, धर्म, प्रेम, करुणा और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। कथा व्यास ने श्रद्धालुओं से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
कृष्ण जन्म प्रसंग के दौरान कथा स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया। जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग आया, श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर दौड़ गई। मंदिर परिसर में भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से मंगल गीत गाए और कृष्ण जन्मोत्सव मनाया।
इस अवसर पर श्री तिलभाण्डेश्वर महादेव मंदिर के परमाध्यक्ष श्रीमहंत त्रिवेणी दास महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य के जीवन को धर्म और संस्कारों से जोड़ने का माध्यम है। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें विपरीत परिस्थितियों में भी सत्य और धर्म का साथ देने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि श्रावण मास में तिलभाण्डेश्वर महादेव की आराधना के साथ श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक अवसर है।
श्रीमहंत त्रिवेणी दास महाराज ने कहा कि कथा का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन करना नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, सद्भाव, सेवा और संस्कारों की भावना को मजबूत करना भी है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कथा के संदेश को अपने जीवन में उतारने और समाज एवं लोक कल्याण के कार्यों में सहभागी बनने का आह्वान किया।
कथा के मुख्य यजमान श्रीमती मीना अग्रवाल एवं सत्यप्रकाश अग्रवाल, श्रीमती मिथलेश लवानिया मथुरा वाले और सभी शिव गण रहे । यजमान परिवार ने कथा में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं का स्वागत किया। इसके पश्चात भगवान की मंगल आरती उतारी गई। आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से भगवान का स्मरण किया तथा विश्व एवं लोक कल्याण, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। कथा के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति और आध्यात्मिकता का अद्भुत वातावरण बना रहा। श्रद्धालु देर तक कथा का श्रवण करते रहे और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा परिसर गूंजता रहा।

22/08/2026

श्रीमद् भागवत कथा का चतुर्थ दिवस

21/08/2026

ॐ श्री तिलभांडेश्वराय नमः
🔱ॐ🏵 श्री तिलभांडेश्वराय नमः 🔱ॐ🏵
🕉🚩ॐ मृत्युंजय महादेव त्राहिमां शरणागतम |
जन्म मृत्यु जरा व्याधि पीड़ितं कर्म बंधनः
तत् पुरूषाय विद्महे तिलभान्डेश्वराय धीमही तन्नो रुद्र प्रचोदयात ।।🕉🚩
🕉🚩ॐ त्र्यंबकं यजामहे, सुगंधिं पुष्टिवर्धनं ।
उर्वारूकमिव बंधनान्, मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ।।🕉🚩
।। ॐ श्री तिलभान्डेश्वराय नम: ।।
।। हर हर शंकर नमामी शंकर शिव शंकर शंभो, हे गिरीजापती नमामी शंकर शिव शंकर शंभो ।।
।। ॐ नम: शिवाय ।।
🕉कर्पूर गौरमं कारुणावतारं, संसार सारम भुजगेंद्र हारम |
सदा वसंतं हृदयारविंदे, भवम भवानी सहितम् नमामि।।🕉
🚩तिलभांडेश्वर महादेव की कृपा आप पर बनी रहे

🕉🚩🛕🌷🙏जय श्री तिलभांडेश्वर महादेव 🙏🌷🛕🚩🕉

तिलभाण्डेश्वर महादेव मंदिर में दूसरे दिन भी गूंजा भागवत कथा का अमृतश्रावण मास वार्षिकोत्सव में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब...
20/08/2026

तिलभाण्डेश्वर महादेव मंदिर में दूसरे दिन भी गूंजा भागवत कथा का अमृत
श्रावण मास वार्षिकोत्सव में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, भक्ति और आध्यात्मिकता से सराबोर हुआ कनखल
हरिद्वार। कनखल स्थित श्री तिलभाण्डेश्वर महादेव मंदिर के 34वें श्रावण मास वार्षिकोत्सव महोत्सव के तहत आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन भी मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और कथा व्यास आचार्य दीपक भाई जोशी के मुखारविंद से भागवत कथा का रसपान किया।

इस अवसर पर मंदिर के परमाध्यक्ष श्रीमहंत त्रिवेणी दास महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को धर्म, सत्य, सदाचार और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का पवित्र अवसर है और इस दौरान भागवत कथा का श्रवण श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक रूप से विशेष फलदायी होता है। उन्होंने कहा कि कथा केवल सुनने का विषय नहीं, बल्कि इसके संदेश को अपने जीवन में उतारना ही सच्ची भक्ति है।

कथा व्यास आचार्य दीपक भाई जोशी ने दूसरे दिन श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत के विभिन्न आध्यात्मिक प्रसंगों का रसपान कराते हुए भक्ति और सत्संग की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान की कथा मनुष्य के अंतर्मन को शुद्ध करती है और जीवन में सकारात्मक सोच एवं सद्भाव का संचार करती है। उन्होंने श्रद्धालुओं को सत्य, धर्म, सेवा और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश देते हुए कहा कि ईश्वर की भक्ति के साथ मानव सेवा भी भगवान की आराधना का महत्वपूर्ण माध्यम है।
आचार्य दीपक भाई जोशी ने कहा कि आज के व्यस्त जीवन में मनुष्य को कुछ समय प्रभु के चिंतन, सत्संग और धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन के लिए अवश्य निकालना चाहिए। भागवत कथा के श्रवण से मन को शांति मिलती है और व्यक्ति को जीवन के वास्तविक उद्देश्य को समझने की प्रेरणा प्राप्त होती है।
कथा के दौरान भजनों और भगवान के जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर कथा का श्रवण किया। कथा के समापन पर भगवान की मंगल आरती की गई और विश्व शांति, लोक कल्याण एवं सभी के सुख-समृद्धि की कामना की गई।

Address

Pracheen Siddhpeeth Shri Tilbhandeshwar Mahadev Mandir Satighat Kankhal
Hardwar
249408

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Tilbhandeshwar Mahadev Mandir posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Place Of Worship

Send a message to Tilbhandeshwar Mahadev Mandir:

Shortcuts

Share

Category