Hardoi Baba Mandir

Hardoi Baba Mandir Hardoi Baba Mandir Is Religious Place in Hardoi
(210)

हरदोई बाबा मंदिर प्राचीन स्थान है। यह ऐतिहासिक मंदिर प्रहलाद घाट से थोड़ी दूर स्थित है। जिसका निर्माण सन् 1949 के लगभग करवाया गया इसके प्रांगण में एक पीपल का पेड़ है जिसे ' हरदोई बाबा का दरबार ' के नाम से जाना जाता है। यहाँ पर अनेक देवताओ की मूर्तिया स्थापित है मंदिर के सामने स्थित भवन 'कीर्तन भवन' के नाम से जाना जाता है।इसकी दीवालों पर भगवान राम, कृष्ण,राजा हरिशचन्द्र तथा श्रवाण कुमार के जीवन से

सम्बन्धित चित्र बने है चैत मॉस में रामनवमी नवमी,दशमी एकादशी का मेला लगता है।तथा राम लीला होती है। प्रत्येक सोमवार व शुक्रवार को विशेष पूजा अर्चना की जाती है।जिनमे सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु भाग लेते है। ऐसी मान्यता है की किसी भी परेशानी या बाधा होने पर बाबा जी की विभूति लगाने से समस्या का निराकरण हो जाता है।मनोकामना पूर्ण होने पर श्रद्धालु चाँदी के सिक्के तथा घंटा चढाते है।

आप सभी को रंग पर्व होली की हार्दिक शुभकामनाएं एवं मंगलमय  बधाई!!भक्त प्रहलाद की जय , ,🫟🫟
04/03/2026

आप सभी को रंग पर्व होली की हार्दिक शुभकामनाएं एवं मंगलमय बधाई!!
भक्त प्रहलाद की जय , ,🫟🫟

 #ब्रजमंडल_धूम_मची_भारी #प्रगटेललिताअवतारी_प्रगटीहैभानुदुलारी   💕प्राणाधारा, सर्वेश्वरी, वेदातीता,प्यारे की श्री स्वामिन...
31/08/2025

#ब्रजमंडल_धूम_मची_भारी
#प्रगटेललिताअवतारी_प्रगटीहैभानुदुलारी

💕प्राणाधारा, सर्वेश्वरी, वेदातीता,प्यारे की श्री स्वामिनी जू, नित्य-निकुञ्जेश्वरी, रस-रासेश्वरी प्यारी लाली लाड़िली जू सरकार और उनकी मुख्य आचार्या सखी अवतार संगीत सम्राट प्यारे स्वामी श्री हरिदास जू महाराज के अत्यद्भुत्तम प्राकट्य महामहोत्सव की आप समस्त प्यारे लाला-लाली जुगलसरकार जू के श्री चरणाश्रितन कूँ अनन्तानन्त प्रेमरसभरी माधुर्यपूर्ण रसरूपा बधाई हो ... बधाई हो... #बधाई_हो 💕💐जय जय श्री राधे 🙏🙏

कल नारायण धाम में हमारे पूज्य बाबा स्व. पंडित राम नारायण दीक्षित जी की प्रतिमा अनावरण के अवसर पर पधारे आप सभी गणमान्यों ...
14/04/2025

कल नारायण धाम में हमारे पूज्य बाबा स्व. पंडित राम नारायण दीक्षित जी की प्रतिमा अनावरण के अवसर पर पधारे आप सभी गणमान्यों को हृदय से आभार।
प्रीतेश दीक्षित 🙏🏻

होली की हार्दिक शुभकामनाएँभक्त प्रह्लाद की जय
25/03/2024

होली की हार्दिक शुभकामनाएँ
भक्त प्रह्लाद की जय

शक्ति की उपासना के पावन पर्व 'शारदीय नवरात्रि' की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।जगज्जननी माँ भगवती सभी का जीवन सुख-शांति,...
15/10/2023

शक्ति की उपासना के पावन पर्व 'शारदीय नवरात्रि' की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।
जगज्जननी माँ भगवती सभी का जीवन सुख-शांति, समृद्धि व आरोग्यता से अभिसिंचित करें।
माँ की कृपा से लोक-मंगल का मार्ग प्रशस्त हो।
जय माता दी!

वास्तुकला कौशल में सर्वश्रेष्ठ एवं सृष्टि के रचयिता भगवान श्री  #विश्वकर्मा  जयंती की सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामना...
17/09/2023

वास्तुकला कौशल में सर्वश्रेष्ठ एवं सृष्टि के रचयिता भगवान श्री #विश्वकर्मा जयंती की सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।

30/08/2023

श्रावणी एवं रक्षाबंधन पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनायें -

25/12/2022

#कुआं...

एक बार राजा भोज के दरबार में एक सवाल उठा, "ऐसा कौन सा कुआं है, जिसमें गिरने के बाद आदमी बाहर नहीं निकल पाता...?"

इस प्रश्न का उत्तर कोई नहीं दे पाया। आखिर में राजा भोज ने राजमंत्री से कहा, "इस प्रश्न का उत्तर ७ दिनों के अंदर लेकर आओ, वरना आपको अभी तक जो इनाम धन आदि दिया गया है, वापस ले लिए जायेंगे तथा इस नगरी को छोड़ कर दूसरी जगह जाना होगा..."

६ दिन बीत चुके थे। राजमंत्री को जबाव नहीं मिला, निराश होकर वह जंगल की तरफ गया। वहां उसकी भेंट एक गड़रिए से हुई। गड़रिए ने पूछा, "आप तो राजमंत्री हैं, राजा के दुलारे हो, फिर चेहरे पर इतनी उदासी क्यों...?"

"यह गड़रिया मेरा क्या मार्गदर्शन करेगा..." सोच कर राजमंत्री ने कुछ नहीं कहा...

इस पर गडरिए ने पुनः उदासी का कारण पूछते हुए कहा, "राजमंत्री जी हम भी सत्संगी हैं, हो सकता है आपके प्रश्न का जवाब मेरे पास हो, अतः नि:संकोच कहिए..."

राजमंत्री ने प्रश्न बता दिया और कहा, "अगर कल तक प्रश्न का जवाब नहीं मिला, तो राजा नगर से निकाल देगा..."

गड़रिया बोला, "मेरे पास पारस है, उससे खूब सोना बनाओ। एक भोज क्या लाखों भोज तेरे पीछे घूमेंगे। बस ! पारस देने से पहले मेरी एक शर्त माननी होगी, कि तुझे मेरा चेला बनना पड़ेगा..."

राजमंत्री के अंदर पहले तो अहंकार जागा, "२ कौड़ी के गड़रिए का चेला बनूं...?"

लेकिन स्वार्थ पूर्ति हेतु चेला बनने के लिए तैयार हो गया। गड़रिया बोला, "पहले भेड़ का दूध पीओ फिर चेले बनो..."

राजमंत्री ने कहा, "यदि मंत्री भेड़ का दूध पिएगा, तो उसकी बुद्धि मारी जाएगी, मैं दूध नहीं पीऊंगा..."

"तो जाओ, मैं पारस नहीं दूंगा..." गड़रिया बोला...

राजमंत्री बोला, "ठीक है, दूध पीने को तैयार हूं, आगे क्या करना है...?"

गड़रिया बोला, "अब तो पहले मैं दूध को जूठा करूंगा, फिर तुम्हें पीना पड़ेगा..."

राजमंत्री ने कहा, "तू तो हद करता है, मंत्री को जूठा पिलायेगा...?"

"तो जाओ..." गड़रिया बोला...

राजमंत्री बोला, "मैं तैयार हूं जूठा दूध पीने को..."

गड़रिया बोला, "वह बात गई। अब तो सामने जो मरे हुए इंसान की खोपड़ी का कंकाल पड़ा है, उसमें मैं दूध दोहूंगा, उसको जूठा करूं, फिर पियोगे, तब मिलेगा पारस, नहीं तो अपना रास्ता लीजिए..."

राजमंत्री ने खूब विचार कर कहा, "है तो बड़ा कठिन, लेकिन मैं तैयार हूं..."

गड़रिया बोला, "मिल गया जवाब..."

"यही तो कुआं है लोभ का, तृष्णा का, जिसमें आदमी गिरता जाता है और फिर कभी नहीं निकलता। जैसे कि तुम पारस को पाने के लिए इस लोभ रूपी कुएं में गिरते चले गए..."

"तृष्णा ऐसी आग है, कि जितनी दुनियावी चीज़ें बढ़ती जाती हैं, उतना ही लोभ या लालच बढ़ता जाता है। जिस प्रकार आग में जितनी लकड़ी डालते जाओ, उतनी ही लम्बी लपटें निकलती हैं। तृष्णा वाला मनुष्य कभी भी तृप्त नहीं होता..."

शिक्षा : लोभ का मारा धन की आशा के पीछे लग कर यह दसों दिशाओं में भागता फिरता है। सुख की खातिर यह बहुत दु:ख उठाता फिरता है। हर एक आदमी की चाकरी करता फिरता है। जिस प्रकार कुत्ता घर घर भागा फिरता है, यह भी धन के लोभ की खातिर भटकता फिरता है और परमात्मा की सुध ही भुला दी है...

परमात्मा को प्राप्त करने के लिए मन का साथ बहुत ज़रूरी है, लेकिन वह मन जो हमारे इशारे पर चले, ना कि जो हमें अपने इशारों पर नचाए...!!!

ॐ श्री काल भैरव नमो नमः...🚩
हे मेरे नाथ... हे मेरे नाथ...🙏🙂

24/12/2022

॥ राम राम ॥

सोचनीय तथ्य है, कि समस्त जन एक दूसरे से परस्पर मिलाप करते हुए, २ बार ही "राम राम" क्यों कहते हैं...?

१ बार अथवा ३ बार क्यों नहीं बोलते...?

२ बार "राम राम" कहने में अत्यंत गूढ़ रहस्य है, क्योंकि यह आदि काल से ही प्रचलित रहा है। हिन्दी की शब्दावली में "र" २७वां शब्द है, "आ" की मात्रा द्वितीय तथा "म" २५वां शब्द है। अब तीनों अंकों का योग करें, तो २७ + २ + २५ = ५४, अर्थात एक "राम" का योग ५४ हुआ। इसी प्रकार २ बार "राम राम" का कुल योग १०८ होगा। किसी भी मन्त्र के जाप, १०८ मनके की माला द्वारा ही निर्धारित है, अतः मात्र "राम राम" के उच्चारण से ही सम्पूर्ण माला के जाप का पुण्य प्राप्त होता है...

जय जय श्री नीम करौली बाबा महाराज जी...🚩
हे मेरे नाथ... हे मेरे नाथ...🙏🙂

कोहरे में श्री हनुमत धाम, शाहजहाँपुर की अद्भुत छवि...🙏🙂श्री हनुमते नमः...🚩
22/12/2022

कोहरे में श्री हनुमत धाम, शाहजहाँपुर की अद्भुत छवि...🙏🙂

श्री हनुमते नमः...🚩

22/12/2022

#सच्चा_साधु...

एक साधु को एक नाविक रोज़ इस पार से उस पार ले जाता था, बदले मैं कुछ नहीं लेता था, वैसे भी साधु के पास पैसा कहां होता था...?

नाविक सरल था, पढा लिखा तो नहीं, पर समझ की कमी नहीं थी। साधु रास्ते में ज्ञान की बात कहते, कभी भगवान की सर्वव्यापकता बताते और कभी अर्थसहित श्रीमदभगवद्गीता के श्लोक सुनाते। नाविक मछुआरा बड़े ध्यान से सुनता और बाबा की बात ह्रदय में बैठा लेता...

एक दिन उस पार उतरने पर साधु नाविक को कुटिया में ले गए और बोले, "वत्स ! मैं पहले व्यापारी था, धन तो कमाया था, पर अपने परिवार को आपदा से नहीं बचा पाया था, अब ये धन मेरे किसी का काम का नहीं, तुम ले लो, तुम्हारा जीवन संवर जाएगा, तेरे परिवार का भी भला हो जाएगा..."

"नहीं बाबा जी ! मैं ये धन नही ले सकता, मुफ्त का धन घर में जाते ही आचरण बिगाड़ देगा, कोई मेहनत नहीं करेगा, आलसी जीवन लोभ लालच और पाप बढाएगा..."

"आप ही ने मुझे ईश्वर के बारे में बताया, मुझे तो आजकल लहरों में भी कई बार वो नज़र आया..."

"जब मैं उसकी नज़र में ही हूं, तो फिर अविश्वास क्यों करूं, मैं अपना काम करूं और शेष उसी पर छोड़ दूं..."

प्रसंग तो समाप्त हो गया, पर एक सवाल छोड़ गया, "इन दोनों पात्रों में साधु कौन था...?"

एक वो था, जिसने दुःख आया, तो भगवा पहना, संन्यास लिया, धर्म ग्रंथों का अध्ययन किया, याद किया और समझाने लायक़ स्थिति में भी आ गया, फिर भी धन की ममता नहीं छोड़ पाया, सुपात्र की तलाश करता रहा...

और दूसरी तरफ वो निर्धन नाविक, सुबह खा लिया, तो शाम का पता नहीं, फिर भी पराये धन के प्रति कोई ललक नहीं, संसार में लिप्त रह कर भी निर्लिप्त रहना आ गया, भगवा नहीं पहना, सन्यास नहीं लिया, पर उस का ईश्वरीय सत्ता में विश्वास जम गया...

श्रीमदभगवद्गीता के श्लोक को ना केवल समझा, बल्कि उन्हें व्यवहारिक जीवन में कैसे उतारना है ये सीख गया और पल भर में धन के मोह को ठुकरा गया...

वास्तव में वैरागी कौन, विचार कीजिए...!!!

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमो नमः...🚩
हे मेरे नाथ... हे मेरे नाथ...🙏🙂

Address

Circular Road
Hardoi
241001

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